फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Ghaziabad News ›   ghaziabad

30 साल पुराना रिकॉर्ड खंगाला तो मिले गुम हो चुके चार तालाब

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Sat, 09 Jul 2022 01:00 AM IST
विज्ञापन
ghaziabad
30 साल पुराना रिकॉर्ड खंगाला तो मिले गुम हो चुके चार तालाब
विज्ञापन

गाजियाबाद। नगर निगम के तालाबों पर कब्जे होते गए और अफसर सोते रहे। अब नगरायुक्त ने तालाबों को पुनर्जीवित करने के लिए ‘कैच द रेन’ अभियान शुरू किया, जिसके तहत नगर निगम ने 30 साल पुराना रिकॉर्ड खंगाले तो गुम हो चुके चार तालाब मिले। इन तालाबों को पाटकर खेती की जा रही थी। नगरायुक्त महेंद्र सिंह तंवर ने इन पर ट्रैक्टर चलवाकर तालाबों को विकसित कराने का काम शुरू कराया।
मोरटा, साहिबाबाद गांव और कड़कड़ मॉडल गांव में यह चारों तालाब मिले हैं। यह चारों तालाब करीब 20 हजार वर्ग मीटर यानी दो हेक्टेयर जमीन पर फैले थे, लेकिन क्षेत्र के लोगों ने धीरे-धीरे इन्हें पाट दिया और फिर इन पर खेती करने लगे। नगरायुक्त ने संपत्ति विभाग के अधिकारियों के साथ मिलकर खुद रिकॉर्ड खंगाला तो इन चार तालाबों को ढूंढ निकाला। अब इन तालाबों को फिर से जिंदा कर जल संचय के लिए तैयार किया जाएगा। शुक्रवार को इन तालाबों की जमीन पर ट्रैक्टर चलाकर कब्जामुक्त कराया गया। अब इनकी खोदाई शुरू कराई जाएगी। बरसात के सीजन में चारों तालाबों को विकसित कराने का दावा किया गया है।
विज्ञापन

यहां मिले तालाब
वार्ड संख्या 16 में मोरटा सिकरोड़ के बीच 15000 वर्गमीटर जमीन तालाब की मिली।
वार्ड संख्या 40 साहिबाबाद में रेलवे लाइन के किनारे दो तालाब खोजे गए हैं इनका क्षेत्रफल 3000 वर्गमीटर है।
वार्ड संख्या 46 कड़कड़ मॉडल में 1500 वर्गमीटर क्षेत्रफल का तालाब खोजा गया है।
प्रधानमंत्री भी कर चुके सराहना
केंद्र सरकार ने अमृत सरोवर योजना शुरू की है। इस योजना के तहत पुराने तालाबों को पुनर्जीवित कराकर जल संचय के लिए तैयार कराना है। इससे सूखे की समस्या को कम किया जाने के साथ-साथ गिरते भूजल स्तर को भी संभाला जा सकेगा। नगर आयुक्त महेंद्र सिंह तंवर ने शहर में ‘कैच द रेन’ नाम से अभियान को शुरू किया है। इसके तहत पूर्व में 20 तालाबों को पुनर्जीवित और साफ कराकर इनमें से 7 में मछली पालन भी शुरू करा दिया है। समाजसेवी रामवीर तंवर के साथ मिलकर चलाए जा रहे इस अभियान की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ कार्यक्रम में सराहना भी की थी। इसके बाद नगर निगम ने इस अभियान को आगे बढ़ाया तो गुम हो चुके तालाबों की जमीन मिलने लगी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

यहां भी तालाबों को कराया गया पुनर्जीवित
मोरटा मंदिर तालाब।
नायफल-बयाना तालाब।
रईसपुर प्राचीन तालाब।
मकनपुर तालाब।
मोरटा हाईवे और सदरपुर तालाब।
रईसपुर मंदिर तालाब।
बम्हेटा स्थित तालाब।
सिकरोड का बड़ा तालाब।
करीब एक साल से नगर निगम तालाबों को साफ कर उन्हें विकसित करने का काम कर रहा है। इसके तहत 15 तालाबों को पुनर्जीवित कर सुंदरीकरण कराया जा चुका है। अब राजस्व रिकॉर्ड के माध्यम से चार तालाबों को और चिह्नित कराकर उन्हें विकसित करने का काम शुरू कर दिया गया है। उम्मीद है कि एक महीने में यह तालाब फिर से विकसित हो जाएंगे।
- महेंद्र सिंह तंवर, नगरायुक्त
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed