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कांवड़ियों पर फूल बरसेंगे पर पांव गड्ढों में ही पड़ेंगे
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कांवड़ियों पर फूल बरसेंगे पर पांव गड्ढों में ही पड़ेंगे
गाजियाबाद। दो साल बाद इस बार कांवड़ यात्रा में लाखों कांवड़ियां हरिद्वार से गंगाजल लेकर गाजियाबाद, दिल्ली और आसपास के शहरों में पहुंचेंगे। इस बार कांवड़ियों पर जगह-जगह फूल बरसाए जाएंगे लेकिन भोले के भक्तों के पांवों में सड़कों पर हुए गड्ढों की वजह छाले पड़ जाएंगे। रैपिड रेल कॉरिडोर के निर्माण की वजह से मेरठ-गाजियाबाद मार्ग पर जगह-जगह गड्ढे हो गए हैं। बरसात से पहले इन गड्ढों की मरम्मत नहीं कराई गई और अब बरसात शुरू हो जाने की वजह से मरम्मत होना संभव नहीं है। ऐसे में कांवड़ यात्रियों को इन गड्ढों से होकर गुजरना पड़ेगा।
प्रदेश सरकार के निर्देशों के बाद मंडलायुक्त ने भी करीब 10 दिन पहले जिले के विभिन्न विभागों के अधिकारियों की बैठक लेकर कांवड़ यात्रा की तैयारियों के निर्देश दिए थे। सड़कों पर हुए गड्ढों पर पैचवर्क कराने से लेकर सुरक्षा के इंतजाम किए जाने के लिए कहा गया था। इन निर्देशों पर अमल नहीं किया गया। मोदीनगर से लेकर गाजियाबाद तक कांवड़ मार्ग पर करीब 350 से ज्यादा स्थानों पर छोटे-बड़े गड्ढे हैं। इसी मार्ग से होते हुए कांवड़ यात्री हरिद्वार से आएंगे और गाजियाबाद व दिल्ली जाएंगे।
दो विभागों के बीच फंसा पैचवर्क का काम
दिल्ली-मेरठ मार्ग यूं तो पीडब्ल्यूडी के क्षेत्राधिकार में हैं लेकिन रैपिड रेल कॉरिडोर के निर्माण कार्य के चलते फिलहाल यह मार्ग एनसीआरटीसी के हवाले है। इस सड़क का चौड़ीकरण, पैचवर्क, मरम्मत का काम एनसीआरटीसी के जिम्मे है। ऐसे में पीडब्ल्यूडी ने पैचवर्क कराया नहीं और एनसीआरटीसी के अधिकारियों की कांवड़ यात्रा में कोई भूमिका नहीं है। इसी वजह से इस कांवड़ मार्ग पर गड्ढे नहीं भरे गए हैं।
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पुराने पैच भी उखड़े
एनसीआरटीसी ने पूर्व में दिल्ली-मेरठ मार्ग पर कुछ स्थानों पर पैचवर्क कराया था। यहां गहरे गड्ढों को भरा गया था लेकिन बारिश और जलजमाव की वजह से इनमें से भी अधिकांश पैच उखड़ गए हैं। इनकी गिट्टियां सड़क पर पड़ी हैं। यह बारीक गिट्टियां कांवड़ियों के पैरों को घायल कर देती हैं।
दूधेश्वरनाथ मंदिर के पास की सड़क नगर निगम के अधिकार क्षेत्र में हैं। इस सड़क पर कांवड़ियां आते हैं। बरसात शुरू होने से पहले ही इस सड़क का पुनर्निर्माण करा दिया गया है। शिवरात्रि से पहले बेरिकेडिंग का काम भी नगर निगम की ओर से कराया जाएगा। - एनके चौधरी, मुख्य अभियंता, नगर निगम
प्रशासन के साथ मिलकर दिल्ली-मेरठ मार्ग के सुधार का काम लगातार कराया जा रहा है। बारिश की वजह से कुछ स्थानों पर गड्ढे होने की शिकायत मिली है। इनको प्राथमिकता पर भर जल्द ही ठीक कराया जाएगा। कांवड़ यात्रियों की सुविधा के लिए प्रकाश की व्यवस्था भी कराई जाएगी। - पुनीत वत्स, सीपीआरओ, एनसीआरटीसी
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गाजियाबाद। दो साल बाद इस बार कांवड़ यात्रा में लाखों कांवड़ियां हरिद्वार से गंगाजल लेकर गाजियाबाद, दिल्ली और आसपास के शहरों में पहुंचेंगे। इस बार कांवड़ियों पर जगह-जगह फूल बरसाए जाएंगे लेकिन भोले के भक्तों के पांवों में सड़कों पर हुए गड्ढों की वजह छाले पड़ जाएंगे। रैपिड रेल कॉरिडोर के निर्माण की वजह से मेरठ-गाजियाबाद मार्ग पर जगह-जगह गड्ढे हो गए हैं। बरसात से पहले इन गड्ढों की मरम्मत नहीं कराई गई और अब बरसात शुरू हो जाने की वजह से मरम्मत होना संभव नहीं है। ऐसे में कांवड़ यात्रियों को इन गड्ढों से होकर गुजरना पड़ेगा।
प्रदेश सरकार के निर्देशों के बाद मंडलायुक्त ने भी करीब 10 दिन पहले जिले के विभिन्न विभागों के अधिकारियों की बैठक लेकर कांवड़ यात्रा की तैयारियों के निर्देश दिए थे। सड़कों पर हुए गड्ढों पर पैचवर्क कराने से लेकर सुरक्षा के इंतजाम किए जाने के लिए कहा गया था। इन निर्देशों पर अमल नहीं किया गया। मोदीनगर से लेकर गाजियाबाद तक कांवड़ मार्ग पर करीब 350 से ज्यादा स्थानों पर छोटे-बड़े गड्ढे हैं। इसी मार्ग से होते हुए कांवड़ यात्री हरिद्वार से आएंगे और गाजियाबाद व दिल्ली जाएंगे।
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दो विभागों के बीच फंसा पैचवर्क का काम
दिल्ली-मेरठ मार्ग यूं तो पीडब्ल्यूडी के क्षेत्राधिकार में हैं लेकिन रैपिड रेल कॉरिडोर के निर्माण कार्य के चलते फिलहाल यह मार्ग एनसीआरटीसी के हवाले है। इस सड़क का चौड़ीकरण, पैचवर्क, मरम्मत का काम एनसीआरटीसी के जिम्मे है। ऐसे में पीडब्ल्यूडी ने पैचवर्क कराया नहीं और एनसीआरटीसी के अधिकारियों की कांवड़ यात्रा में कोई भूमिका नहीं है। इसी वजह से इस कांवड़ मार्ग पर गड्ढे नहीं भरे गए हैं।
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पुराने पैच भी उखड़े
एनसीआरटीसी ने पूर्व में दिल्ली-मेरठ मार्ग पर कुछ स्थानों पर पैचवर्क कराया था। यहां गहरे गड्ढों को भरा गया था लेकिन बारिश और जलजमाव की वजह से इनमें से भी अधिकांश पैच उखड़ गए हैं। इनकी गिट्टियां सड़क पर पड़ी हैं। यह बारीक गिट्टियां कांवड़ियों के पैरों को घायल कर देती हैं।
दूधेश्वरनाथ मंदिर के पास की सड़क नगर निगम के अधिकार क्षेत्र में हैं। इस सड़क पर कांवड़ियां आते हैं। बरसात शुरू होने से पहले ही इस सड़क का पुनर्निर्माण करा दिया गया है। शिवरात्रि से पहले बेरिकेडिंग का काम भी नगर निगम की ओर से कराया जाएगा। - एनके चौधरी, मुख्य अभियंता, नगर निगम
प्रशासन के साथ मिलकर दिल्ली-मेरठ मार्ग के सुधार का काम लगातार कराया जा रहा है। बारिश की वजह से कुछ स्थानों पर गड्ढे होने की शिकायत मिली है। इनको प्राथमिकता पर भर जल्द ही ठीक कराया जाएगा। कांवड़ यात्रियों की सुविधा के लिए प्रकाश की व्यवस्था भी कराई जाएगी। - पुनीत वत्स, सीपीआरओ, एनसीआरटीसी