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भाजपा नेता बृजपाल तेवतिया पर हमले के 15 आरोपी गैंगस्टर एक्ट में दोषी करार

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Sat, 18 Jun 2022 12:42 AM IST
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भाजपा नेता बृजपाल तेवतिया पर हमले के 15 आरोपी गैंगस्टर एक्ट में दोषी करार
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गाजियाबाद। छह साल पहले बीजेपी नेता बृजपाल तेवतिया पर मुरादनगर में हुए जानलेवा हमले में गैेंगस्टर कोर्ट ने 15 लोगों को दोषी करार दिया है। एक आरोपी की मौत जेल में हो चुकी है। अदालत में शनिवार को सजा के प्रश्न पर सुनवाई होगी। गैंगस्टर कोर्ट के विशेष लोक अभियोजक शैली भारद्वाज और वरुण त्यागी ने बताया कि 11 अगस्त 2016 की रात बृजपाल सिंह तेवतिया जनसंपर्क करने के बाद शाम को एक तेरहवीं में शामिल होने जा रहे थे, तभी मुरादनगर में रावली सुराना मार्ग पर सामने से आ रही कार में सवार बदमाशों ने उनके काफिले को रोककर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। काफिले में चल रहे गनर ने भी जवाबी फायरिंग की। दोनों पक्षों में करीब 20 मिनट तक कई राउंड फायरिंग हुई। बदमाशों ने एके-47 और आधुनिक हथियारों से फायरिंग की थी। हमले में गंभीर रूप से घायल तेवतिया का लंबे समय तक इलाज चला।
इनको दिया दोषी करार
मनीष दीवान, निशांत भदोरिया, राहुल त्यागी, रामकुमार, अभिषेक, सोकेंदर, विक्की चौधरी, राजू उर्फ बाली, शेखर जाट गौरव भाटी, योगेंद्र उर्फ बबल, बिट्टू उर्फ अरुण, जितेंद्र, मनोज और संसार सिंह को गैंगस्टर न्यायालय की न्यायाधीश नीतू पाठक ने दोषी करार दिया। एक आरोपी विजय बहादुर की जेल में ही मौत हो चुकी है। वर्तमान में मनीष दीवान सहित अन्य सभी आरोपी जेल में हैं। मुख्य आरोपी मनीष दीवान ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में जमानत अर्जी दाखिल की थी जिसे न्यायालय द्वारा खारिज कर दिया गया। इसके बाद मनीष दीवान ने सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दाखिल की थी, जिसे खारिज करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने छह माह के अंदर निस्तारित करने का आदेश दिया था।
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17 साल पहले पिता की हत्या का बदला लेने के लिए किया था हमला
सुरेश दीवान के बेटे मनीष और भतीजे मनोज ने यह साजिश रची थी। 12 जून 1999 को महरौली के कांस्टेबल सुरेश दीवान की प्रॉपर्टी विवाद में दिल्ली के शकरपुर इलाके में हत्या कर दी गई थी। इस मामले में ब्रजपाल तेवतिया समेत कई लोगों को नामजद किया गया था लेकिन विवेचना में भूमिका न पाए जाने पर ब्रजपाल तेवतिया का नाम निकाल दिया गया था। दीवान के बेटे मनीष, विक्की और भतीजे मनोज के मन में तभी से ब्रजपाल से रंजिश पनप रही थी। इसके बाद मनीष ने अपने छह साथियों के साथ 11 अगस्त को ब्रजपाल तेवतिया पर जानलेवा हमला कर दिया। हमले के बाद सभी आरोपी मौके से अलग-अलग ग्रुप में फरार हो गए थे। बदला लेने के लिए मनीष ने 35 लाख में अपनी प्रापर्टी भी बेच दी थी।
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मनीष ने खुद बरसाईं थी एके 47 से गोलियां
पुलिस के मुताबिक मनीष ने एके 47 से बृजपाल तेवतिया पर गोली चलाई थी। उसका हाथ हिला नहीं होता तो कई लोगों की जान जा सकती थी। दरअसल मनीष चाहता था कि पिता की हत्या का बदला वह खुद तेवतिया को गोली मार कर ले। उसने खुद एके 47 चलाने का फैसला लिया। इसे लेकर वारदात से दो दिन पहले मनोज से उसका झगड़ा भी हुआ था। मनोज ने उससे कहा था कि वह एके 47 चलाना नहीं जानता लिहाजा निशाना चूक सकता है मगर वह नहीं माना। जब मनीष ने एके 47 से 28 गोलियों का बर्स्ट मारा तो उसका हाथ बहक गया और निशाना सटीक नहीं लगा। ज्यादा गोलियां बोनट और शीशे में लगती हुई निकलीं।
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