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अगस्त से शुरू हो जाएगा धोबीघाट आरओबी, उल्टी गिनती शुरू
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अगस्त से शुरू हो जाएगा धोबीघाट आरओबी, उल्टी गिनती शुरू
गाजियाबाद। साढ़े छह साल के लंबे इंतजार के बाद लाइनपार क्षेत्र को शहर से जोड़ने वाले धोबीघाट आरओबी का निर्माण पूरा हो गया है। अगस्त में आरओबी के शुरू होने की संभावना प्रबल हो गई है। रेलवे की निर्माण एजेंसी ने धोबीघाट आरओबी पर 153 मीटर लंबे धनुषाकार पुल को विजयनगर और चौधरी मोड़ की ओर बने संपर्क को मार्ग आपस में जोड़ दिया है। रेलवे एजेंसी ने बारिश के बीच रिकॉर्ड 22 घंटे में धनुषाकार पुल पर 250 क्यूबिक मीटर कंक्रीट की सड़क तैयार कर दी है।
अब आरओबी और दोनों ओर बने संपर्क मार्ग (एप्रोच रोड) पर केवल डामर की ब्लैक परत बिछाने का काम बाकी है। डामर बिछाने का काम जुलाई के दूसरे सप्ताह तक पूरा कर लिया जाएगा। रेलवे की कंस्ट्रक्शन कंपनी के पदाधिकारी सूर्यांश शर्मा का कहना है कि बारिश के कारण काम बाधित होने के बावजूद रिकॉर्ड समय में आरओबी के ऊपर कंक्रीट की सड़क (कास्टिंग) डाली गई है। ऐसे में आरओबी चौधरी मोड़ और विजयनगर के संपर्क मार्ग से जुड़ गया है।
जीटी रोड पर ट्रैफिक प्लान पर जल्द शुरू होगा काम
धोबीघाट आरओबी का काम लगभग पूरा होने वाला है। आरओबी शुरू होने से पहले जीटी रोड पर नए ट्रैफिक प्लान पर गाजियाबाद विकास प्राधिकरण, पीडब्ल्यूडी, यातायात पुलिस के समन्वय से काम शुरू होगा। जीडीए की ओर से जीटी रोड पर चौधरी मोड़ के दोनों ओर कई कटों को बंद करने के साथ तीन यू-टर्न का निर्माण करना है। अवस्थापना निधि से होने वाले कार्य केलिए बजट तैयार कर लिया गया है।
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2016 में मिली स्वीकृति, साढ़े छह साल में हुआ तैयार
धोबीघाट आरओबी को रेलवे से 2016 में मंजूरी मिली थी। लेआउट सहित अन्य तकनीकी कामों के चलते आरओबी का काम 2017 में शुरू हुआ। आरओबी के निर्माण पर करीब 80 करोड़ खर्च हुआ है। कोरोना सहित अन्य तकनीकी कारणों से आरओबी की चार बार समयसीमा भी बढ़ाई गई।
लाइनपार की 10 लाख की आबादी को दो दशक से इंतजार
लाइनपार क्षेत्र की 10 लाख की आबादी को दो दशक के संघर्ष के बाद धोबीघाट आरओबी की सौगात मिलने वाली है। आरओबी शुरू होने से क्षेत्र की विभिन्न कॉलोनियों में रहने वाले लोगों को शहर आने के लिए लंबा रास्ता तय नहीं करना होगा। आरओबी निर्माण से विजयनगर, प्रताप विहार सहित अन्य कालोनियों के लोगों को शहर आने के लिए गोशाला अंडरपास, मोहननगर और लालकुआं घूमकर नहीं आना होगा। ऐसे में इन मार्गों पर भी वाहनों का दबाव कम होगा।
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गाजियाबाद। साढ़े छह साल के लंबे इंतजार के बाद लाइनपार क्षेत्र को शहर से जोड़ने वाले धोबीघाट आरओबी का निर्माण पूरा हो गया है। अगस्त में आरओबी के शुरू होने की संभावना प्रबल हो गई है। रेलवे की निर्माण एजेंसी ने धोबीघाट आरओबी पर 153 मीटर लंबे धनुषाकार पुल को विजयनगर और चौधरी मोड़ की ओर बने संपर्क को मार्ग आपस में जोड़ दिया है। रेलवे एजेंसी ने बारिश के बीच रिकॉर्ड 22 घंटे में धनुषाकार पुल पर 250 क्यूबिक मीटर कंक्रीट की सड़क तैयार कर दी है।
अब आरओबी और दोनों ओर बने संपर्क मार्ग (एप्रोच रोड) पर केवल डामर की ब्लैक परत बिछाने का काम बाकी है। डामर बिछाने का काम जुलाई के दूसरे सप्ताह तक पूरा कर लिया जाएगा। रेलवे की कंस्ट्रक्शन कंपनी के पदाधिकारी सूर्यांश शर्मा का कहना है कि बारिश के कारण काम बाधित होने के बावजूद रिकॉर्ड समय में आरओबी के ऊपर कंक्रीट की सड़क (कास्टिंग) डाली गई है। ऐसे में आरओबी चौधरी मोड़ और विजयनगर के संपर्क मार्ग से जुड़ गया है।
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जीटी रोड पर ट्रैफिक प्लान पर जल्द शुरू होगा काम
धोबीघाट आरओबी का काम लगभग पूरा होने वाला है। आरओबी शुरू होने से पहले जीटी रोड पर नए ट्रैफिक प्लान पर गाजियाबाद विकास प्राधिकरण, पीडब्ल्यूडी, यातायात पुलिस के समन्वय से काम शुरू होगा। जीडीए की ओर से जीटी रोड पर चौधरी मोड़ के दोनों ओर कई कटों को बंद करने के साथ तीन यू-टर्न का निर्माण करना है। अवस्थापना निधि से होने वाले कार्य केलिए बजट तैयार कर लिया गया है।
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2016 में मिली स्वीकृति, साढ़े छह साल में हुआ तैयार
धोबीघाट आरओबी को रेलवे से 2016 में मंजूरी मिली थी। लेआउट सहित अन्य तकनीकी कामों के चलते आरओबी का काम 2017 में शुरू हुआ। आरओबी के निर्माण पर करीब 80 करोड़ खर्च हुआ है। कोरोना सहित अन्य तकनीकी कारणों से आरओबी की चार बार समयसीमा भी बढ़ाई गई।
लाइनपार की 10 लाख की आबादी को दो दशक से इंतजार
लाइनपार क्षेत्र की 10 लाख की आबादी को दो दशक के संघर्ष के बाद धोबीघाट आरओबी की सौगात मिलने वाली है। आरओबी शुरू होने से क्षेत्र की विभिन्न कॉलोनियों में रहने वाले लोगों को शहर आने के लिए लंबा रास्ता तय नहीं करना होगा। आरओबी निर्माण से विजयनगर, प्रताप विहार सहित अन्य कालोनियों के लोगों को शहर आने के लिए गोशाला अंडरपास, मोहननगर और लालकुआं घूमकर नहीं आना होगा। ऐसे में इन मार्गों पर भी वाहनों का दबाव कम होगा।