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ऑपरेशन के बाद मरीज को पड़ा दिल का दौरा, दिल्ली रेफर
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ऑपरेशन के बाद मरीज को पड़ा दिल का दौरा, दिल्ली रेफर
गाजियाबाद। एमएमजी अस्पताल में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब खोड़ा निवासी कयूम (60) का शनिवार सुबह 10 बजे हार्निया का आपरेशन होने के बाद सीने में तेज दर्द होने लगा और उसका रक्तचाप गिरने लगा। मरीज को वार्ड से दोबारा ओटी (ऑपरेशन थिएटर) में शिफ्ट कर इलाज शुरू किया, लेकिन हालात में सुधार न होने पर ऑपरेशन करने वाले सर्जन के साथ दिल्ली रेफर कर दिया गया। दिल्ली में बेड खाली नहीं होने से एंबुलेंस मरीज को लेकर इस अस्पताल से उस अस्पताल में घूमती रही, देर शाम अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी हालत स्थिर है। इस दौरान ओटी में अन्य ऑपरेशन रोक दिए गए। आधा घंटे के बाद मरीजों के ऑपरेशन शुरू किए गए। शनिवार को ओटी में कुल 10 ऑपरेशन हुए, अन्य मरीजों की हालत में सुधार है। एमएमजी अस्पताल के सीएमएस डॉ. मनोज चतुर्वेदी ने बताया कि ऑपरेशन के बाद वार्ड में शिफ्ट करने के 30 मिनट बाद अचानक कयूम के सीने में तेज दर्द होने लगा और रक्तचाप गिरने के साथ ही बेह्रोश हो गया। वार्ड प्रभारी ने मामले की सूचना सीएमएस को दी, इसके बाद ओटी में शिफ्ट करने के साथ ही हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. सुनील कात्याल, फिजिशियन डॉ. संतराम, सर्जन डॉ. महेंद्र, बेहोश करने वाले डॉ. वीसी मिश्रा को ओटी में बुलाया गया। जांच के बाद पता चला कि कयूम को गंभीर दिल का दौरा पड़ा है। ऑपरेशन कर नली लगाई गई, इसके बाद दर्द में राहत मिली और रक्तचाप सामान्य स्थिति में आ गया। अस्पताल में आईसीयू की व्यवस्था नहीं होने से कयूम को रेफर कर किया गया। सीएमएस ने ऑपरेशन करने वाले डॉ. महेंद्र को भी एंबुलेंस के साथ भेजा और निर्देश दिया कि बिना मरीज को भर्ती कराए वापस नहीं आएं, अन्यथा लापरवाही के आरोप में शासन को पत्र लिख देंगे। सीएमएस ने बताया कि मरीज को एंबुलेंस पहले जीटीबी अस्पताल ले गई थी, वहां पर बेड खाली नहीं था, इसके बाद लेडी इरविन ले गए थे, वहां भी बेड नहीं मिलने से एम्स में भर्ती कराने के लिए ले गए थे। अब मरीज की हालत में सुधार है। उन्होंने बताया कि कई मरीजों में ऑपरेशन से पहले घबराहट बढ़ जाती है, जिसके कारण परेशानी हो जाती है। एंजाइटी होने से अचानक दिल का दौरा पड़ा गया। उन्होंने बताया कि मरीज को पहले से ही उच्च रक्तचाप की परेशानी थी, लेकिन ऑपरेशन के समय और ओटी से बाहर निकालने पर रक्तचाप और नाड़ी की गति सामान्य थी।
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गाजियाबाद। एमएमजी अस्पताल में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब खोड़ा निवासी कयूम (60) का शनिवार सुबह 10 बजे हार्निया का आपरेशन होने के बाद सीने में तेज दर्द होने लगा और उसका रक्तचाप गिरने लगा। मरीज को वार्ड से दोबारा ओटी (ऑपरेशन थिएटर) में शिफ्ट कर इलाज शुरू किया, लेकिन हालात में सुधार न होने पर ऑपरेशन करने वाले सर्जन के साथ दिल्ली रेफर कर दिया गया। दिल्ली में बेड खाली नहीं होने से एंबुलेंस मरीज को लेकर इस अस्पताल से उस अस्पताल में घूमती रही, देर शाम अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी हालत स्थिर है। इस दौरान ओटी में अन्य ऑपरेशन रोक दिए गए। आधा घंटे के बाद मरीजों के ऑपरेशन शुरू किए गए। शनिवार को ओटी में कुल 10 ऑपरेशन हुए, अन्य मरीजों की हालत में सुधार है। एमएमजी अस्पताल के सीएमएस डॉ. मनोज चतुर्वेदी ने बताया कि ऑपरेशन के बाद वार्ड में शिफ्ट करने के 30 मिनट बाद अचानक कयूम के सीने में तेज दर्द होने लगा और रक्तचाप गिरने के साथ ही बेह्रोश हो गया। वार्ड प्रभारी ने मामले की सूचना सीएमएस को दी, इसके बाद ओटी में शिफ्ट करने के साथ ही हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. सुनील कात्याल, फिजिशियन डॉ. संतराम, सर्जन डॉ. महेंद्र, बेहोश करने वाले डॉ. वीसी मिश्रा को ओटी में बुलाया गया। जांच के बाद पता चला कि कयूम को गंभीर दिल का दौरा पड़ा है। ऑपरेशन कर नली लगाई गई, इसके बाद दर्द में राहत मिली और रक्तचाप सामान्य स्थिति में आ गया। अस्पताल में आईसीयू की व्यवस्था नहीं होने से कयूम को रेफर कर किया गया। सीएमएस ने ऑपरेशन करने वाले डॉ. महेंद्र को भी एंबुलेंस के साथ भेजा और निर्देश दिया कि बिना मरीज को भर्ती कराए वापस नहीं आएं, अन्यथा लापरवाही के आरोप में शासन को पत्र लिख देंगे। सीएमएस ने बताया कि मरीज को एंबुलेंस पहले जीटीबी अस्पताल ले गई थी, वहां पर बेड खाली नहीं था, इसके बाद लेडी इरविन ले गए थे, वहां भी बेड नहीं मिलने से एम्स में भर्ती कराने के लिए ले गए थे। अब मरीज की हालत में सुधार है। उन्होंने बताया कि कई मरीजों में ऑपरेशन से पहले घबराहट बढ़ जाती है, जिसके कारण परेशानी हो जाती है। एंजाइटी होने से अचानक दिल का दौरा पड़ा गया। उन्होंने बताया कि मरीज को पहले से ही उच्च रक्तचाप की परेशानी थी, लेकिन ऑपरेशन के समय और ओटी से बाहर निकालने पर रक्तचाप और नाड़ी की गति सामान्य थी।