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विशेष सत्र से दूर की जाएंगी छात्रों की शंकाएं
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विशेष सत्र से दूर की जाएंगी छात्रों की शंकाएं
गाजियाबाद। ऑनलाइन कक्षाओं में पढ़ाई के अंतर को पाटने और विद्यार्थियों के बहुमुखी विकास के लिए अप्रैल से शुरू होने वाले स्कूलों के नए सत्र में नवीन प्रयोग देखने को मिलेंगे। ऑफलाइन कक्षाएं शुरू होने के बाद लिखित और मौखिक परीक्षा के जरिए स्कूलों ने छात्र-छात्राओं के पढ़ाई के स्तर को परखा गया। अब हर विद्यार्थी पर ध्यान देने और उनकी शंकाओं का समाधान करने के लिए तमाम स्कूलों ने कक्षाओं के सेक्शन को दोगुना कर दिया है। अगले माह स्कूल खुलने पर छोटे बच्चों की पढ़ाई में गतिविधियों अधिक होंगी। वहीं, छठवीं से 12वीं तक तक विशेष और अतिरिक्त कक्षाओं का दौर जारी रहेगा।
स्कूल के बाद ऑनलाइन शंकाओं का समाधान
ऑफलाइन कक्षाएं शुरू होने के बावजूद ज्यादातर स्कूलों ने दसवीं और बारहवीं के विद्यार्थियों की मदद के लिए हाईब्रिड विकल्प जारी रखा है। स्कूल में कक्षाएं लेने के बाद विषय में किसी टॉपिक से जुड़ी दिक्कत होने पर शाम को ऑनलाइन विशेष कक्षाएं चलाई जा रही हैं। ऑनलाइन कक्षाओं में विषय विशेषज्ञ छात्रों की शंकाओं का समाधान कर रहे हैं। दूसरी ओर क्लास को बोझिल होने से बचाने के लिए कई स्कूलों ने हर कक्षा के बाद कुछ देर का अंतराल रखा है। स्कूलों में प्रयोगात्मक गतिविधियों पर अधिक ध्यान दिया जा रहा है।
पीटीएम में अभिभावकों की काउंसिलिंग
स्कूलों में कक्षाओं के परिणाम जारी होने के साथ पैरेंट्स टीचर मीटिंग का लगातार आयोजन किया जा रहा है। इसमें अभिभावकों की प्रतिक्रिया जानने के साथ शिक्षकों की ओर से सुझाव भी दिए जा रहे हैं। मुख्य रूप से बच्चों का मोबाइल, टैबलेट व लैपटॉप पर स्क्रीन टाइम कम करने की सलाह दी जा रही है। कोविड का प्रभाव न होने से बच्चों को खेल व शारीरिक गतिविधियों में भाग लेने और जंक फूड की जगह पौष्टिक खाना देने की सलाह दी जा रही है।
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दो सप्ताह पढ़ाई से जुड़ी होंगी गतिविधियां
अप्रैल से ऑफलाइन कक्षाओं में नर्सरी से दूसरी क्लास तक साढ़े पांच की जगह चार घंटे का स्कूल होगा। खुशनुमा माहौल के लिए दूसरी क्लास तक 15 दिन और आठवीं क्लास तक एक सप्ताह पढ़ाई की जगह उससे जुड़ी गतिविधियां होंगी। स्कूल के बाद शाम को भी बच्चों की शंकाओं का समाधान किया जा रहा है। - पल्लवी उपाध्याय, प्रिंसिपल, डीपीएस राजनगर एक्सटेंशन
सेक्शन बढ़ा चार से छह छात्राें का बनाया ग्रुप
ऑनलाइन क्लास से आए पढ़ाई के अंतर को पाटने के लिए अतिरिक्त कक्षाएं संचालित की जा रही हैं। जल्द सकारात्मक बदलाव के लिए बच्चों के साथ अभिभावकों की काउंसिलिंग की जा रही है। हर विद्यार्थी पर पूरा ध्यान दिया जा सके, इसके लिए क्लास के सेक्शन बढ़ाने के साथ बच्चों को चार से छह के ग्रुप में विभाजित किया है। - कृष्णा सिंह, प्रिंसिपल, डीपीएस सिद्धार्थ विहार
मौखिक लिखित परीक्षा से तैयारी को परखा
ऑफलाइन कक्षा शुरू होने के बाद लिखित और मौखिक परीक्षा से विद्यार्थियों की तैयारी को परखा। अब प्लान बनाकर बच्चों की कमियों को दूर करने पर काम जारी है। गणित, विज्ञान का बेस मजबूत करने के लिए विशेष कक्षाएं और पढ़ाई को रोचक बनाने केलिए प्रदर्शनी आयोजित की जा रही हैं। - नंदिनी शेखर, प्रिंसिपल, डीपीएस एचआरआईटी
ऑफलाइन कक्षाओं से बच्चों का लौटा उत्साह
कोविड के कारण लंबे समय तक ऑनलाइन कक्षाओं और खेलों पर ब्रेक से बच्चों की मनोस्थिति पर प्रभाव पड़ा। ऑफलाइन कक्षाएं शुरू होने से बच्चे उत्साहित हैं। - श्वेता बिंदल, अभिभावक
रिवीजन पर विशेष ध्यान
ऑफलाइन कक्षाओं के बाद नियमित रूप ने रिवीजन कक्षाएं चल रही हैं। दूसरी ओर विषयवार अतिरिक्त कक्षाएं संचालित की जा रही हैं। - विशाखा, ठाकुरद्वारा विद्यालय
खेल सहित अन्य गतिविधियां बढ़ीं
स्कूल में पढ़ाई के साथ खेल, नृत्य सहित प्रयोगात्मक गतिविधियां बढ़ी हैं। लंबे समय के बाद हो रही गतिविधियों से सभी छात्राएं उत्साहित हैं। - प्रिया, चौधरी, ठाकुरद्वारा विद्यालय
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गाजियाबाद। ऑनलाइन कक्षाओं में पढ़ाई के अंतर को पाटने और विद्यार्थियों के बहुमुखी विकास के लिए अप्रैल से शुरू होने वाले स्कूलों के नए सत्र में नवीन प्रयोग देखने को मिलेंगे। ऑफलाइन कक्षाएं शुरू होने के बाद लिखित और मौखिक परीक्षा के जरिए स्कूलों ने छात्र-छात्राओं के पढ़ाई के स्तर को परखा गया। अब हर विद्यार्थी पर ध्यान देने और उनकी शंकाओं का समाधान करने के लिए तमाम स्कूलों ने कक्षाओं के सेक्शन को दोगुना कर दिया है। अगले माह स्कूल खुलने पर छोटे बच्चों की पढ़ाई में गतिविधियों अधिक होंगी। वहीं, छठवीं से 12वीं तक तक विशेष और अतिरिक्त कक्षाओं का दौर जारी रहेगा।
स्कूल के बाद ऑनलाइन शंकाओं का समाधान
ऑफलाइन कक्षाएं शुरू होने के बावजूद ज्यादातर स्कूलों ने दसवीं और बारहवीं के विद्यार्थियों की मदद के लिए हाईब्रिड विकल्प जारी रखा है। स्कूल में कक्षाएं लेने के बाद विषय में किसी टॉपिक से जुड़ी दिक्कत होने पर शाम को ऑनलाइन विशेष कक्षाएं चलाई जा रही हैं। ऑनलाइन कक्षाओं में विषय विशेषज्ञ छात्रों की शंकाओं का समाधान कर रहे हैं। दूसरी ओर क्लास को बोझिल होने से बचाने के लिए कई स्कूलों ने हर कक्षा के बाद कुछ देर का अंतराल रखा है। स्कूलों में प्रयोगात्मक गतिविधियों पर अधिक ध्यान दिया जा रहा है।
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पीटीएम में अभिभावकों की काउंसिलिंग
स्कूलों में कक्षाओं के परिणाम जारी होने के साथ पैरेंट्स टीचर मीटिंग का लगातार आयोजन किया जा रहा है। इसमें अभिभावकों की प्रतिक्रिया जानने के साथ शिक्षकों की ओर से सुझाव भी दिए जा रहे हैं। मुख्य रूप से बच्चों का मोबाइल, टैबलेट व लैपटॉप पर स्क्रीन टाइम कम करने की सलाह दी जा रही है। कोविड का प्रभाव न होने से बच्चों को खेल व शारीरिक गतिविधियों में भाग लेने और जंक फूड की जगह पौष्टिक खाना देने की सलाह दी जा रही है।
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दो सप्ताह पढ़ाई से जुड़ी होंगी गतिविधियां
अप्रैल से ऑफलाइन कक्षाओं में नर्सरी से दूसरी क्लास तक साढ़े पांच की जगह चार घंटे का स्कूल होगा। खुशनुमा माहौल के लिए दूसरी क्लास तक 15 दिन और आठवीं क्लास तक एक सप्ताह पढ़ाई की जगह उससे जुड़ी गतिविधियां होंगी। स्कूल के बाद शाम को भी बच्चों की शंकाओं का समाधान किया जा रहा है। - पल्लवी उपाध्याय, प्रिंसिपल, डीपीएस राजनगर एक्सटेंशन
सेक्शन बढ़ा चार से छह छात्राें का बनाया ग्रुप
ऑनलाइन क्लास से आए पढ़ाई के अंतर को पाटने के लिए अतिरिक्त कक्षाएं संचालित की जा रही हैं। जल्द सकारात्मक बदलाव के लिए बच्चों के साथ अभिभावकों की काउंसिलिंग की जा रही है। हर विद्यार्थी पर पूरा ध्यान दिया जा सके, इसके लिए क्लास के सेक्शन बढ़ाने के साथ बच्चों को चार से छह के ग्रुप में विभाजित किया है। - कृष्णा सिंह, प्रिंसिपल, डीपीएस सिद्धार्थ विहार
मौखिक लिखित परीक्षा से तैयारी को परखा
ऑफलाइन कक्षा शुरू होने के बाद लिखित और मौखिक परीक्षा से विद्यार्थियों की तैयारी को परखा। अब प्लान बनाकर बच्चों की कमियों को दूर करने पर काम जारी है। गणित, विज्ञान का बेस मजबूत करने के लिए विशेष कक्षाएं और पढ़ाई को रोचक बनाने केलिए प्रदर्शनी आयोजित की जा रही हैं। - नंदिनी शेखर, प्रिंसिपल, डीपीएस एचआरआईटी
ऑफलाइन कक्षाओं से बच्चों का लौटा उत्साह
कोविड के कारण लंबे समय तक ऑनलाइन कक्षाओं और खेलों पर ब्रेक से बच्चों की मनोस्थिति पर प्रभाव पड़ा। ऑफलाइन कक्षाएं शुरू होने से बच्चे उत्साहित हैं। - श्वेता बिंदल, अभिभावक
रिवीजन पर विशेष ध्यान
ऑफलाइन कक्षाओं के बाद नियमित रूप ने रिवीजन कक्षाएं चल रही हैं। दूसरी ओर विषयवार अतिरिक्त कक्षाएं संचालित की जा रही हैं। - विशाखा, ठाकुरद्वारा विद्यालय
खेल सहित अन्य गतिविधियां बढ़ीं
स्कूल में पढ़ाई के साथ खेल, नृत्य सहित प्रयोगात्मक गतिविधियां बढ़ी हैं। लंबे समय के बाद हो रही गतिविधियों से सभी छात्राएं उत्साहित हैं। - प्रिया, चौधरी, ठाकुरद्वारा विद्यालय