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चुनाव के लिए बन रही मिलावटी शराब पकड़ी
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आकाशनगर में अवैध शराब फैक्टरी।
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चुनाव के लिए बन रही मिलावटी शराब पकड़ी
गाजियाबाद। मसूरी थानाक्षेत्र के इंद्रगढ़ी की आकाशनगर कॉलोनी में मिलावटी शराब की फैक्टरी का भंडाफोड़ करते हुए पुलिस ने बुलंदशहर निवासी तीन संचालकों समेत छह को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, फैक्टरी में केमिकल में रंग मिलाकर मिलावटी शराब बनाई जा रही थी। मौके से दो ट्रक मिलावटी शराब, केमिकल के दर्जनों ड्रम, खाली बोतलें, रैपर, होलोग्राम, पैकिंग मशीन व अन्य उपकरण बरामद हुए हैं। मिलावटी शराब मुख्यत: बुलंदशहर के सरकारी ठेकों पर सप्लाई की जा रही थी। जबकि त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में इसे आसपास केकई जिलों में सप्लाई किया जाना था।
एसपी ग्रामीण डॉ. ईरज राजा ने बताया कि मुखबिर ने सूचना दी कि इंद्रगढ़ी की आकाशनगर कॉलोनी निवासी चंद्रपाल के मकान में मिलावटी शराब की फैक्टरी चल रही है। सूचना पर छापा मारा तो वहां शराब बनती मिली। मौके पर तीन कर्मचारी इंद्रगढ़ी निवासी अर्जुन, अनिल और अरुण मिले, जिन्हें हिरासत में ले लिया गया। एसपी ग्रामीण ने बताया कि बुलंदशहर के गांव मौजपुरा थाना नरसैना निवासी संजय, ग्राम डूगरा जट थाना जहांगीराबाद निवासी सतेंद्र उर्फ महाराज तथा ग्राम बाबूपुरा थाना अगौता निवासी अंशुल पार्टनरशिप में फैक्टरी चला रहे थे। देरशाम तीनों को भी गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि पूर्व में वह शराब तस्करी करते थे, लेकिन पंचायत चुनाव में मांग बढ़ने पर उन्होंने फैक्टरी खोल ली। फैक्टरी में वह मिस इंडिया और गुड मॉर्निंग ब्रांड की नकली शराब बना रहे थे।
रोजाना 50 पेटी मिलावटी शराब होती थी तैयार
एसपी ग्रामीण के मुताबिक, करीब एक माह से फैक्टरी चल रही थी। इसके लिए संचालकों ने चंद्रपाल का मकान किराए पर लिया था। फैक्टरी में रोजाना 50 पेटी से अधिक नकली शराब तैयार होती थी। मिस इंडिया और गुड मॉर्निंग ब्रांड की नकली शराब की पेटी वह 1600 रुपये में सरकारी ठेकों पर बेचते थे। शराब बनाने के लिए स्प्रिट की आपूर्ति मुरादनगर निवासी आरोपी करता था, जबकि पंचिंग मशीन दिल्ली से मंगाई गई थी। इसके अलावा शराब की खाली बोतलें व पव्वे मेरठ से खरीदे जाते थे।
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केमिकल में रंग मिलाकर बनाई जा रही थी शराब
आरोपियों ने पुलिस को बताया कि केमिकल के ड्रम में पानी और रंग मिलाकर मिलावटी शराब बनाई जा रही थी। कुछ देर मिक्सिंग करने के बाद बनाई गई नकली शराब को प्लास्टिक व कांच के पव्वों में भरकर उसे सील लगाकर पैक कर दिया जाता था। माल सप्लाई के लिए वह कार और मिनी ट्रक का इस्तेमाल करते थे। मुख्यत: बुलंदशहर के सरकारी ठेकों पर शराब बेची जा रही थी। दिल्ली-एनसीआर व अन्य स्थानों पर भी शराब बेची जा रही थी।
इनसेट
चुनाव में तबाही मचा सकती थी शराब
बीते दिनों प्रदेश में कई स्थानों पर मिलावटी शराब से लोगों की मौत होने की घटनाएं सामने आईं। गाजियाबाद में बन रही मिलावटी शराब को बड़े पैमाने पर चुनाव में सप्लाई किया जाना था। बिना किसी विशेषज्ञता के बनाई जा रही मिलावटी शराब में केमिकल की मात्रा बढ़ने पर वह चुनाव में तबाही मचा सकती थी। पुलिस का कहना है कि जिन-जिन जिलों में शराब की सप्लाई की जा रही थी, उन जिलों में टीमें रवाना कर दी गई हैं।
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गाजियाबाद। मसूरी थानाक्षेत्र के इंद्रगढ़ी की आकाशनगर कॉलोनी में मिलावटी शराब की फैक्टरी का भंडाफोड़ करते हुए पुलिस ने बुलंदशहर निवासी तीन संचालकों समेत छह को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, फैक्टरी में केमिकल में रंग मिलाकर मिलावटी शराब बनाई जा रही थी। मौके से दो ट्रक मिलावटी शराब, केमिकल के दर्जनों ड्रम, खाली बोतलें, रैपर, होलोग्राम, पैकिंग मशीन व अन्य उपकरण बरामद हुए हैं। मिलावटी शराब मुख्यत: बुलंदशहर के सरकारी ठेकों पर सप्लाई की जा रही थी। जबकि त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में इसे आसपास केकई जिलों में सप्लाई किया जाना था।
एसपी ग्रामीण डॉ. ईरज राजा ने बताया कि मुखबिर ने सूचना दी कि इंद्रगढ़ी की आकाशनगर कॉलोनी निवासी चंद्रपाल के मकान में मिलावटी शराब की फैक्टरी चल रही है। सूचना पर छापा मारा तो वहां शराब बनती मिली। मौके पर तीन कर्मचारी इंद्रगढ़ी निवासी अर्जुन, अनिल और अरुण मिले, जिन्हें हिरासत में ले लिया गया। एसपी ग्रामीण ने बताया कि बुलंदशहर के गांव मौजपुरा थाना नरसैना निवासी संजय, ग्राम डूगरा जट थाना जहांगीराबाद निवासी सतेंद्र उर्फ महाराज तथा ग्राम बाबूपुरा थाना अगौता निवासी अंशुल पार्टनरशिप में फैक्टरी चला रहे थे। देरशाम तीनों को भी गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि पूर्व में वह शराब तस्करी करते थे, लेकिन पंचायत चुनाव में मांग बढ़ने पर उन्होंने फैक्टरी खोल ली। फैक्टरी में वह मिस इंडिया और गुड मॉर्निंग ब्रांड की नकली शराब बना रहे थे।
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रोजाना 50 पेटी मिलावटी शराब होती थी तैयार
एसपी ग्रामीण के मुताबिक, करीब एक माह से फैक्टरी चल रही थी। इसके लिए संचालकों ने चंद्रपाल का मकान किराए पर लिया था। फैक्टरी में रोजाना 50 पेटी से अधिक नकली शराब तैयार होती थी। मिस इंडिया और गुड मॉर्निंग ब्रांड की नकली शराब की पेटी वह 1600 रुपये में सरकारी ठेकों पर बेचते थे। शराब बनाने के लिए स्प्रिट की आपूर्ति मुरादनगर निवासी आरोपी करता था, जबकि पंचिंग मशीन दिल्ली से मंगाई गई थी। इसके अलावा शराब की खाली बोतलें व पव्वे मेरठ से खरीदे जाते थे।
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केमिकल में रंग मिलाकर बनाई जा रही थी शराब
आरोपियों ने पुलिस को बताया कि केमिकल के ड्रम में पानी और रंग मिलाकर मिलावटी शराब बनाई जा रही थी। कुछ देर मिक्सिंग करने के बाद बनाई गई नकली शराब को प्लास्टिक व कांच के पव्वों में भरकर उसे सील लगाकर पैक कर दिया जाता था। माल सप्लाई के लिए वह कार और मिनी ट्रक का इस्तेमाल करते थे। मुख्यत: बुलंदशहर के सरकारी ठेकों पर शराब बेची जा रही थी। दिल्ली-एनसीआर व अन्य स्थानों पर भी शराब बेची जा रही थी।
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चुनाव में तबाही मचा सकती थी शराब
बीते दिनों प्रदेश में कई स्थानों पर मिलावटी शराब से लोगों की मौत होने की घटनाएं सामने आईं। गाजियाबाद में बन रही मिलावटी शराब को बड़े पैमाने पर चुनाव में सप्लाई किया जाना था। बिना किसी विशेषज्ञता के बनाई जा रही मिलावटी शराब में केमिकल की मात्रा बढ़ने पर वह चुनाव में तबाही मचा सकती थी। पुलिस का कहना है कि जिन-जिन जिलों में शराब की सप्लाई की जा रही थी, उन जिलों में टीमें रवाना कर दी गई हैं।