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Ghaziabad News: पैर का ऑपरेशन कराने के नाम पर 50 हजार हड़पे
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पैर का ऑपरेशन कराने के नाम पर 50 हजार हड़पे
गाजियाबाद। राजनगर एक्सटेंशन की ऑफिसर सिटी निवासी अनुज मित्तल से उनके ही परिचितों ने एम्स दिल्ली में फ्री में ऑपरेशन कराने के नाम पर 50 हजार रुपये हड़प लिए। अनुज मित्तल दिव्यांग और सब्जी विक्रेता हैं। धोखाधड़ी का पता चलने पर उन्होंने रुपये वापस मांगे तो आरोपी गाली-गलौज कर जान से मारने की धमकी देने लगे।
अनुज मित्तल का कहना है कि उनका वर्ष 2010 में सड़क हादसे में पैर में गंभीर चोट आई थी। उस दौरान उपचार के दौरान चिकित्सकों ने उनके पैर में रॉड डाली थी। कुछ समय से उनके पैर में काफी परेशानी बढ़ गई। इसी दौरान उनकी मुलाकात मसूरी डासना के जाकिर से हुई। जाकिर को उनकी परेशानी का पता चला तो उसने उनके पैर का उपचार एम्स में कराने की बात कही। उसने कहा कि एम्स में उनकी अच्छी जान पहचान है। वहां फ्री में ऑपरेशन करा देगा। झांसे में आकर वह सहमत हो गए। वहां जाकिर ने राहत अली ने कहा कि ऑपरेशन में करीब पांच लाख रुपये का खर्च आएगा। लेकिन अगर वह 50 हजार रुपये दे दें तो ऑपरेशन फ्री में हो जाएगा। अनुज का कहना है कि उन्होंने जाकिर और राहत को 50 हजार रुपये दे दिए। इसके बाद उन्होंने उनसे संपर्क करना बंद कर दिया। वह दिल्ली गए तो वहां पता चला कि वह राहत अली नाम का कोई चिकित्सक नहीं है। अनुज का कहना है कि उन्होंने पुलिस से शिकायत की लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई तो उन्होंने पुलिस आयुक्त से शिकायत कर नंदग्राम थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। एसीपी नंदग्राम आलोक दुबे का कहना है कि जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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गाजियाबाद। राजनगर एक्सटेंशन की ऑफिसर सिटी निवासी अनुज मित्तल से उनके ही परिचितों ने एम्स दिल्ली में फ्री में ऑपरेशन कराने के नाम पर 50 हजार रुपये हड़प लिए। अनुज मित्तल दिव्यांग और सब्जी विक्रेता हैं। धोखाधड़ी का पता चलने पर उन्होंने रुपये वापस मांगे तो आरोपी गाली-गलौज कर जान से मारने की धमकी देने लगे।
अनुज मित्तल का कहना है कि उनका वर्ष 2010 में सड़क हादसे में पैर में गंभीर चोट आई थी। उस दौरान उपचार के दौरान चिकित्सकों ने उनके पैर में रॉड डाली थी। कुछ समय से उनके पैर में काफी परेशानी बढ़ गई। इसी दौरान उनकी मुलाकात मसूरी डासना के जाकिर से हुई। जाकिर को उनकी परेशानी का पता चला तो उसने उनके पैर का उपचार एम्स में कराने की बात कही। उसने कहा कि एम्स में उनकी अच्छी जान पहचान है। वहां फ्री में ऑपरेशन करा देगा। झांसे में आकर वह सहमत हो गए। वहां जाकिर ने राहत अली ने कहा कि ऑपरेशन में करीब पांच लाख रुपये का खर्च आएगा। लेकिन अगर वह 50 हजार रुपये दे दें तो ऑपरेशन फ्री में हो जाएगा। अनुज का कहना है कि उन्होंने जाकिर और राहत को 50 हजार रुपये दे दिए। इसके बाद उन्होंने उनसे संपर्क करना बंद कर दिया। वह दिल्ली गए तो वहां पता चला कि वह राहत अली नाम का कोई चिकित्सक नहीं है। अनुज का कहना है कि उन्होंने पुलिस से शिकायत की लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई तो उन्होंने पुलिस आयुक्त से शिकायत कर नंदग्राम थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। एसीपी नंदग्राम आलोक दुबे का कहना है कि जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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