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Ghaziabad News: 30 लाख की फिरौती के लिए अगवा बच्ची की हत्या कर खेत में फेंका शव
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30 लाख की फिरौती के लिए अगवा बच्ची की हत्या कर खेत में फेंका शव
गाजियाबाद। नंदग्राम से 30 लाख की फिरौती के लिए 20 नवंबर को पूर्वाहन साढ़े ग्यारह बजे अगवा की गई 11 साल की खुशी की हत्या कर शव बुलंदशहर के सराय छबील में खेत में फेंक दिया गया। उसकी ननिहाल में पड़ोस में रहने वाले युवक बबलू को पुलिस ने शक के आधार पर हिरासत में लेकर पूछताछ की तो मंगलवार को खुलासा हुआ कि उसने ही यह साजिश रची थी। इसमें उसके दो दोस्त अमित और गंभीर शामिल रहे। उन दोनों को भी पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। उन्हें बुलंदशहर ले जाकर उनकी निशानदेही पर ही बच्ची का शव बरामद किया गया।
खुशी काफी समय से नंदग्राम की नई बस्ती स्थित अपनी ननिहाल में रह रही थी। परिवार सोनीपत में रहता है। पिता की अपनी तीन जेसीबी मशीनें हैं। वे इन्हें किराए पर चलाते हैं। खुशी के नाना बिजेंद्र खेती करते हैं। बबलू का बिजेंद्र के घर आना जाना था। बबलू ने बिजेंद्र को कहीं से 25 लाख रुपये आने और प्लॉट लेने की बात करते हुए सुन लिया था। बबलू ने रुपये के लालच में बच्ची के अपहरण से हत्या करने तक की पूरी साजिश रची। रुपये का लालच देकर उसने अपने दोस्त अमित और गंभीर को वारदात में शामिल कर लिया।
जिन्हें अंकल कहती थी, उन्होंने किया अपहरण
खुशी बबलू और अमित को अंकल कहती थी। दोनों अपहरण में शामिल रहे। पुलिस पूछताछ में बबलू ने बताया कि रविवार ने करीब साढ़े 11 बजे खुशी को मेला दिखाने के बहाने ले गया। साजिश के तहत शनि मंदिर के पास उसने खुशी को अपने दोस्त अमित को सौंप दिया। अमित बबलू के पास आता जाता था तो खुशी अमित को भी जानती थी। ऐसे में उसके साथ चली। अमित खुशी को बाइक पर दादरी बाइपास ले गया । वहां उसने खुशी को बुलंदशहर के सराय छबील निवासी दोस्त गंभीर को सौंप दिया।
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तीन दिन का दिया था अल्टीमेटम
इसी दौरान अमित ने करीब पौने दो बजे फोन कॉल कर खुशी के पिता सोनू को खुशी के अपहरण की सूचना देकर 30 लाख रुपये की फिरौती मांगी थी। इसके बाद उन्होंने दूसरी कॉल करीब साढ़े तीन बजे की और तीन दिन का समय देकर अंजाम भुगतने की धमकी दी थी। अमित ने खुशी से कहा कि मैं तुम्हारे भाई बहन को ला रहा हूं ये अंकल तुम्हें मेले में ले जाएंगे। गंभीर खुशी को बुलंदशहर ले गया और शाम छह बजे उसने उसकी हत्या कर शव को खेत में फेंक दिया। खुशी नंदग्राम के नई बस्ती में अपने नाना बिजेंद्र और नानी शांति के पास रहती थी। खुशी के मां-बाप सोनीपत के टोकी मनोली में रहते हैं।
पिता की हो चुकी है मौत
खुशी के पिता की 2015 में एक सड़क हादसे में मौत हो चुकी है। इसके बाद परिजनों की सहमति के बाद खुशी के चाचा सोनू ने उसकी मां के साथ विवाह कर लिया था। खुशी की मां सोनू के साथ हरियाणा के सोनीपत में रह रही है। सोनू सोनीपत में जेसीबी मशीन चलवाते हैं।
सीएम से आने से पहले पुलिस सुरक्षा की खुली पोल
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार को शहर में थे। इससे पहले पुलिस को अफसरों ने अलर्ट किया था। इसके बावजूद ताबड़तोड़ वारदात हुईं। लोनी में बुजुर्ग दंपती की हत्या कर दी गई। सीएम के आने से कुछ घंटे पहले ही खुशी का शव मिलने की सूचना मिली। नंदग्राम में राज मिस्त्री का शव मिली, उसकी हत्या की आशंका है। ट्रांस हिंडन क्षेत्र में मोबाइल फोन लूट की वारदात भी हुई हैं। इनसे साफ हो गया कि पुलिस की चौकसी सिर्फ कागजों पर थी। यह अलग बात है कि मुख्यमंत्री ने अपने भाषण में सबसे ज्यादा जोर देकर यही कहा कि उनके कार्यकाल में अपराध नियंत्रण में है।
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गाजियाबाद। नंदग्राम से 30 लाख की फिरौती के लिए 20 नवंबर को पूर्वाहन साढ़े ग्यारह बजे अगवा की गई 11 साल की खुशी की हत्या कर शव बुलंदशहर के सराय छबील में खेत में फेंक दिया गया। उसकी ननिहाल में पड़ोस में रहने वाले युवक बबलू को पुलिस ने शक के आधार पर हिरासत में लेकर पूछताछ की तो मंगलवार को खुलासा हुआ कि उसने ही यह साजिश रची थी। इसमें उसके दो दोस्त अमित और गंभीर शामिल रहे। उन दोनों को भी पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। उन्हें बुलंदशहर ले जाकर उनकी निशानदेही पर ही बच्ची का शव बरामद किया गया।
खुशी काफी समय से नंदग्राम की नई बस्ती स्थित अपनी ननिहाल में रह रही थी। परिवार सोनीपत में रहता है। पिता की अपनी तीन जेसीबी मशीनें हैं। वे इन्हें किराए पर चलाते हैं। खुशी के नाना बिजेंद्र खेती करते हैं। बबलू का बिजेंद्र के घर आना जाना था। बबलू ने बिजेंद्र को कहीं से 25 लाख रुपये आने और प्लॉट लेने की बात करते हुए सुन लिया था। बबलू ने रुपये के लालच में बच्ची के अपहरण से हत्या करने तक की पूरी साजिश रची। रुपये का लालच देकर उसने अपने दोस्त अमित और गंभीर को वारदात में शामिल कर लिया।
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जिन्हें अंकल कहती थी, उन्होंने किया अपहरण
खुशी बबलू और अमित को अंकल कहती थी। दोनों अपहरण में शामिल रहे। पुलिस पूछताछ में बबलू ने बताया कि रविवार ने करीब साढ़े 11 बजे खुशी को मेला दिखाने के बहाने ले गया। साजिश के तहत शनि मंदिर के पास उसने खुशी को अपने दोस्त अमित को सौंप दिया। अमित बबलू के पास आता जाता था तो खुशी अमित को भी जानती थी। ऐसे में उसके साथ चली। अमित खुशी को बाइक पर दादरी बाइपास ले गया । वहां उसने खुशी को बुलंदशहर के सराय छबील निवासी दोस्त गंभीर को सौंप दिया।
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तीन दिन का दिया था अल्टीमेटम
इसी दौरान अमित ने करीब पौने दो बजे फोन कॉल कर खुशी के पिता सोनू को खुशी के अपहरण की सूचना देकर 30 लाख रुपये की फिरौती मांगी थी। इसके बाद उन्होंने दूसरी कॉल करीब साढ़े तीन बजे की और तीन दिन का समय देकर अंजाम भुगतने की धमकी दी थी। अमित ने खुशी से कहा कि मैं तुम्हारे भाई बहन को ला रहा हूं ये अंकल तुम्हें मेले में ले जाएंगे। गंभीर खुशी को बुलंदशहर ले गया और शाम छह बजे उसने उसकी हत्या कर शव को खेत में फेंक दिया। खुशी नंदग्राम के नई बस्ती में अपने नाना बिजेंद्र और नानी शांति के पास रहती थी। खुशी के मां-बाप सोनीपत के टोकी मनोली में रहते हैं।
पिता की हो चुकी है मौत
खुशी के पिता की 2015 में एक सड़क हादसे में मौत हो चुकी है। इसके बाद परिजनों की सहमति के बाद खुशी के चाचा सोनू ने उसकी मां के साथ विवाह कर लिया था। खुशी की मां सोनू के साथ हरियाणा के सोनीपत में रह रही है। सोनू सोनीपत में जेसीबी मशीन चलवाते हैं।
सीएम से आने से पहले पुलिस सुरक्षा की खुली पोल
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार को शहर में थे। इससे पहले पुलिस को अफसरों ने अलर्ट किया था। इसके बावजूद ताबड़तोड़ वारदात हुईं। लोनी में बुजुर्ग दंपती की हत्या कर दी गई। सीएम के आने से कुछ घंटे पहले ही खुशी का शव मिलने की सूचना मिली। नंदग्राम में राज मिस्त्री का शव मिली, उसकी हत्या की आशंका है। ट्रांस हिंडन क्षेत्र में मोबाइल फोन लूट की वारदात भी हुई हैं। इनसे साफ हो गया कि पुलिस की चौकसी सिर्फ कागजों पर थी। यह अलग बात है कि मुख्यमंत्री ने अपने भाषण में सबसे ज्यादा जोर देकर यही कहा कि उनके कार्यकाल में अपराध नियंत्रण में है।