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फ्लैट बेचने के नाम पर सेवानिवृत्त अधिकारी से 28.35 लाख ठगे
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फ्लैट बेचने के नाम पर सेवानिवृत्त अधिकारी से 28.35 लाख ठगे
गाजियाबाद। राजनगर एक्सटेंशन में भारतीय संचार निगम के सेवानिवृत्त अधिकारी सुनील कुमार से फ्लैट देने के नाम पर 28.35 लाख रुपये हड़पने का मामला सामने आया है। आरोप है कि पहले तो बिल्डर ने फ्लैैट बुक किया और योजना लटकने पर दूसरी परियोजना में समायोजित करके फ्लैट दिलाया लेकिन बिल्डर ने उनके फ्लैट पर लोन ले लिया और लोन नहीं चुकाया। ऐसे में प्रशासन ने फ्लैट को फाइनेंस कंपनी को दे दिया।
गोविंदपुरम के गौड़ होम्स निवासी सुनील कुमार भारतीय संचार निगम से सेवानिवृत अधिकारी हैं। उनकी पत्नी लता गुप्ता का कहना है कि उन्होंने कृष्णा निर्माण डवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड की राजनगर एक्सटेंशन की साइट पर एक फ्लैट बुक किया था। इसके लिए उन्होंने बिल्डर गजेंद्र शर्मा व धर्मेंद्र शर्मा को 28.35 लाख रुपये का भुगतान किया था। उनका कहना है कि किसी कारण उनकी परियोजना अधर में लटक गई तो बिल्डर ने अपने सहयोगी बिल्डर एसेंट बिल्डटेक प्राइवेट लिमिटेड की परियोजना में फ्लैट दिला दिया। मार्च 2021 में फ्लैट की रजिस्ट्री उनके नाम हो गई और अगस्त 2021 में उन्हें कब्जा भी दे दिया गया। अप्रैल 2022 में एक समाचार पत्र के माध्यम से उन्हें पता चला कि एडीएम वित्त ने उनके फ्लैट का कब्जा एक फाइनेंस कंपनी के हक में देने का नोटिस जारी किया है। आरोप है कि इसके लिए वह एसेंट बिल्डटेक के निदेशक सुरेश गोगिया से मिले तो उन्होंने अंजाम भुगतने की धमकी देते हुए भगा दिया। जानकारी करने पर पता चला कि सुरेश गोगिया ने उनके फ्लैट को फाइनेंस कंपनी के पास गिरवी रखकर लोन लिया था। नंदग्राम थाना प्रभारी रमेश सिंह सिद्धू का कहना है कि मामले में राजेंद्र शर्मा, धर्मेंद्र शर्मा और सुरेश गोगिया के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। जांच की जा रही है।
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गाजियाबाद। राजनगर एक्सटेंशन में भारतीय संचार निगम के सेवानिवृत्त अधिकारी सुनील कुमार से फ्लैट देने के नाम पर 28.35 लाख रुपये हड़पने का मामला सामने आया है। आरोप है कि पहले तो बिल्डर ने फ्लैैट बुक किया और योजना लटकने पर दूसरी परियोजना में समायोजित करके फ्लैट दिलाया लेकिन बिल्डर ने उनके फ्लैट पर लोन ले लिया और लोन नहीं चुकाया। ऐसे में प्रशासन ने फ्लैट को फाइनेंस कंपनी को दे दिया।
गोविंदपुरम के गौड़ होम्स निवासी सुनील कुमार भारतीय संचार निगम से सेवानिवृत अधिकारी हैं। उनकी पत्नी लता गुप्ता का कहना है कि उन्होंने कृष्णा निर्माण डवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड की राजनगर एक्सटेंशन की साइट पर एक फ्लैट बुक किया था। इसके लिए उन्होंने बिल्डर गजेंद्र शर्मा व धर्मेंद्र शर्मा को 28.35 लाख रुपये का भुगतान किया था। उनका कहना है कि किसी कारण उनकी परियोजना अधर में लटक गई तो बिल्डर ने अपने सहयोगी बिल्डर एसेंट बिल्डटेक प्राइवेट लिमिटेड की परियोजना में फ्लैट दिला दिया। मार्च 2021 में फ्लैट की रजिस्ट्री उनके नाम हो गई और अगस्त 2021 में उन्हें कब्जा भी दे दिया गया। अप्रैल 2022 में एक समाचार पत्र के माध्यम से उन्हें पता चला कि एडीएम वित्त ने उनके फ्लैट का कब्जा एक फाइनेंस कंपनी के हक में देने का नोटिस जारी किया है। आरोप है कि इसके लिए वह एसेंट बिल्डटेक के निदेशक सुरेश गोगिया से मिले तो उन्होंने अंजाम भुगतने की धमकी देते हुए भगा दिया। जानकारी करने पर पता चला कि सुरेश गोगिया ने उनके फ्लैट को फाइनेंस कंपनी के पास गिरवी रखकर लोन लिया था। नंदग्राम थाना प्रभारी रमेश सिंह सिद्धू का कहना है कि मामले में राजेंद्र शर्मा, धर्मेंद्र शर्मा और सुरेश गोगिया के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। जांच की जा रही है।
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