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Ghaziabad: महामंडलेश्वर की हत्या के मकसद से ही आया था आस मोहम्मद, हुआ चौंकाने वाला खुलासा
Fri, 14 Oct 2022 01:01 AM IST
गाजियाबाद ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, गाजियाबाद
अमर उजाला नेटवर्क, गाजियाबाद
Published by: गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Fri, 14 Oct 2022 01:01 AM IST
सार
आस मोहम्मद पर फर्जी दस्तावेज बनाने, जानलेवा हमलो, धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने, षणयंत्र रचने, आर्म्स एक्ट और दुष्कर्म की धाराओं में तीन मुकदमे दर्ज है। गौतमबुद्धनगर के एक गांव निवासी युवती ने उसके खिलाफ मसूरी थाने में रिपोर्ट भी दर्ज कराई है।
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Aas Mohammed
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
गाजियाबाद के इकला गांव में नरमदेश्वर महादेव मंदिर में दो अक्तूबर को पिस्टल और ब्लेड के साथ पकड़े गए शातिर आस मोहम्मद की रिमांड बृहस्पतिवार को पूरी हो गई। पुलिस ने बृहस्पतिवार सुबह उसे फिर से जेल भेज दिया। पांच दिन की रिमांड में की गई पूछताछ के बाद पुलिस किसी पुख्ता नतीजे पर नहीं पहुंच सकी।
हालांकि, पुलिस ने यह स्पष्ट किया कि आस मोहम्मद महामंडलेश्वर प्रबोधानंद की हत्या करने के मकसद से ही आया था और दूसरे समुदाय की युवतियों को अपने फरेब के जाल में फंसाता था।
आस मोहम्मद पर फर्जी दस्तावेज बनाने, जानलेवा हमलो, धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने, षणयंत्र रचने, आर्म्स एक्ट और दुष्कर्म की धाराओं में तीन मुकदमे दर्ज है। गौतमबुद्धनगर के एक गांव निवासी युवती ने उसके खिलाफ मसूरी थाने में रिपोर्ट भी दर्ज कराई है। पुलिस अफसरों का कहना है कि युवती का मेडिकल परीक्षण कराया गया है। आगे की जांच की जा रही है।
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जांच एजेंसी और स्थानीय पुलिस आस मोहम्मद को उसके गांव समेत कई जगह लेकर गई लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। पुलिस अफसरों का कहना है कि उसके गांव में मकान पर भी ताला लगा और परिवार कहीं चला गया है।
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हालांकि, पुलिस ने यह स्पष्ट किया कि आस मोहम्मद महामंडलेश्वर प्रबोधानंद की हत्या करने के मकसद से ही आया था और दूसरे समुदाय की युवतियों को अपने फरेब के जाल में फंसाता था।
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आस मोहम्मद पर फर्जी दस्तावेज बनाने, जानलेवा हमलो, धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने, षणयंत्र रचने, आर्म्स एक्ट और दुष्कर्म की धाराओं में तीन मुकदमे दर्ज है। गौतमबुद्धनगर के एक गांव निवासी युवती ने उसके खिलाफ मसूरी थाने में रिपोर्ट भी दर्ज कराई है। पुलिस अफसरों का कहना है कि युवती का मेडिकल परीक्षण कराया गया है। आगे की जांच की जा रही है।
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जांच एजेंसी और स्थानीय पुलिस आस मोहम्मद को उसके गांव समेत कई जगह लेकर गई लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। पुलिस अफसरों का कहना है कि उसके गांव में मकान पर भी ताला लगा और परिवार कहीं चला गया है।
शुरुआती बयानों में आस मोहम्मद ने कहा था कि मुजफ्फरनगर के सलीम ने उसे महामंडलेश्वर की हत्या करने के लिए सुपारी दी थी। बाद में वह इस बयान से मुकर गया और कहा कि किसी सलीम को नहीं जानता है। इसके आगे की पूछताछ में उसने एक खतरनाक संगठन से जुड़े होने की बात कही जो धर्मगुरुओं की हत्या करने की साजिश कर रहा है। संगठन के कई दफ्तरों में हथियार रखे होने की भी बात कही। हर बयान देने के कुछ देर बाद पुलिस से कहता यह सब झूठ है। पुलिस
अधिकारी भी कह रहे हैं इसके किस बयान को सही समझा जाए?
इन सवालों का जबाव नहीं ले पाई पुलिस
- मुजफ्फरनगर का सलीम, शाहनवाज, गुलजार, नफीश और साबू कौन हैं।
- महामंडलेश्वर की हत्या करने किसने भेजा।
- बार-बार बयान क्यों बदल रहा है।
- किस खतरनाक संगठन से है नाता।
- किस संगठन के कार्यालयों में रखा है हथियारों का जखीरा।
जरूरत पड़ी तो फिर लेंगे रिमांड
रिमांड पूरी होने पर आस मोहम्मद पर दर्ज फर्जी दस्तावेज बनाने, जानलेवा हमला, धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने, षणयंत्र रचने, आर्म्स एक्ट और दुष्कर्म की धाराओं में जेल भेज दिया गया है। रिमांड के दौरान भी वह बार-बार बयान बदलता रहा। जिन सवालों के उसने कई बयान दिए हैं उनकी पड़ताल की जाएगी। जरूरत पड़ी तो फिर से रिमांड पर लिया जाएगा। - मुनिराज जी, एसएसपी
अधिकारी भी कह रहे हैं इसके किस बयान को सही समझा जाए?
इन सवालों का जबाव नहीं ले पाई पुलिस
- मुजफ्फरनगर का सलीम, शाहनवाज, गुलजार, नफीश और साबू कौन हैं।
- महामंडलेश्वर की हत्या करने किसने भेजा।
- बार-बार बयान क्यों बदल रहा है।
- किस खतरनाक संगठन से है नाता।
- किस संगठन के कार्यालयों में रखा है हथियारों का जखीरा।
जरूरत पड़ी तो फिर लेंगे रिमांड
रिमांड पूरी होने पर आस मोहम्मद पर दर्ज फर्जी दस्तावेज बनाने, जानलेवा हमला, धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने, षणयंत्र रचने, आर्म्स एक्ट और दुष्कर्म की धाराओं में जेल भेज दिया गया है। रिमांड के दौरान भी वह बार-बार बयान बदलता रहा। जिन सवालों के उसने कई बयान दिए हैं उनकी पड़ताल की जाएगी। जरूरत पड़ी तो फिर से रिमांड पर लिया जाएगा। - मुनिराज जी, एसएसपी