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एमएमएच कॉलेज : 98 फीसदी बढ़ाकर 17 तक घटाई फीस
सार
एमएमएच कॉलेज : 98 फीसदी बढ़ाकर 17 तक घटाई फीस गाजियाबाद।कॉलेज प्रबंधन ने हाल ही में 20 साल बाद अपनी स्नातक व स्नातकोत्तर की फीस में 20 से लेकर 98 फीसदी तक की वृद्धि की थी।इसी वजह से कालेज प्रबंधन ने बढ़ी फीस कम करने का फैसला लिया है।
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विस्तार
एमएमएच कॉलेज : 98 फीसदी बढ़ाकर 17 तक घटाई फीस
गाजियाबाद। छात्रों के विरोध प्रदर्शन के बाद एमएमएच कॉलेज प्रबंधन ने शनिवार को बढ़ी फीस कम करने का फैसला ले लिया है। 98 फीसदी तक बढ़ाई गई फीस में महज 17 फीसदी तक की ही कमी की गई है। प्रबंधन ने एलएलबी की 550 व अन्य स्नातक व स्नातकोत्तर की फीस में 100-100 रुपये कम किए जाएंगे। एलएलबी के छात्रों ने जहां फीस कम करने के फैसले पर खुशी जाहिर की है। वहीं, अन्य छात्रों ने फीस कमी को महज औपचारिकता बताया है।
कॉलेज प्रबंधन ने हाल ही में 20 साल बाद अपनी स्नातक व स्नातकोत्तर की फीस में 20 से लेकर 98 फीसदी तक की वृद्धि की थी। इसके चलते 2022-23 के सत्र से कालेज के करीब छह हजार विद्यार्थियों पर आर्थिक बोझ बढ़ गया था। प्रबंधन ने फीस बढ़ोतरी को कॉलेज में आधारभूत सुविधाओं व अन्य चीजों के विकास के लिए जरूरी बताया था।
बोले छात्र :
बीए के छात्र नरेंद्र नागर ने कहा कि कॉलेज ने मनमानी फीस बढ़ाई है। 100 रुपये कम करना फीस कम करने की औपचारिकता मात्र है।
एलएलबी के छात्र तिलक राज का कहना है कि बढ़ी हुई फीस जमा करने पर विद्यार्थियों पर आर्थिक बोझ बढ़ गया था। फीस कम होने से राहत मिलेगी।
एलएलबी के छात्र मनोज का कहना है कि समय रहते कॉलेज प्रबंधन ने विद्यार्थियों की समस्या को समझते हुए फीस में कमी की है, वह स्वागत योग्य है।
अगले सत्र में जुड़ेगी फीस
कॉलेज प्रबंधन का कहना है कि स्नातकोत्तर और एलएलबी में रजिस्ट्रेशन चल रहे हैं। वहीं स्नातक के जिन विद्यार्थियों ने बढ़ी हुई फीस जमा कर दी है। उनकी फीस अगले सत्र की फीस में शामिल कर ली जाएगी। स्नातकोत्तर व एलएलबी के विद्यार्थियों को अभी दाखिला लेना है तो वह कम हुई फीस को ही जमा कर सकेंगे।
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आप की छात्र इकाई ने दिया ज्ञापन
शनिवार सुबह आम आदमी पार्टी की छात्र इकाई के पदाधिकारियों ने कॉलेज के प्राचार्य को ज्ञापन देकर फीस वृद्धि को वापस लेने की मांग की थी।
प्राचार्य प्रो. पीयूष चौहान ने बताया कि विद्यार्थियों के हित को ध्यान में रखते हुए में ही कॉलेज में शैक्षिक व अन्य गतिविधियों को संचालित किया जा रहा है। विद्यार्थियों की सुविधाएं सर्वोपरि हैं। इसी वजह से कालेज प्रबंधन ने बढ़ी फीस कम करने का फैसला लिया है।
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गाजियाबाद। छात्रों के विरोध प्रदर्शन के बाद एमएमएच कॉलेज प्रबंधन ने शनिवार को बढ़ी फीस कम करने का फैसला ले लिया है। 98 फीसदी तक बढ़ाई गई फीस में महज 17 फीसदी तक की ही कमी की गई है। प्रबंधन ने एलएलबी की 550 व अन्य स्नातक व स्नातकोत्तर की फीस में 100-100 रुपये कम किए जाएंगे। एलएलबी के छात्रों ने जहां फीस कम करने के फैसले पर खुशी जाहिर की है। वहीं, अन्य छात्रों ने फीस कमी को महज औपचारिकता बताया है।
कॉलेज प्रबंधन ने हाल ही में 20 साल बाद अपनी स्नातक व स्नातकोत्तर की फीस में 20 से लेकर 98 फीसदी तक की वृद्धि की थी। इसके चलते 2022-23 के सत्र से कालेज के करीब छह हजार विद्यार्थियों पर आर्थिक बोझ बढ़ गया था। प्रबंधन ने फीस बढ़ोतरी को कॉलेज में आधारभूत सुविधाओं व अन्य चीजों के विकास के लिए जरूरी बताया था।
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बोले छात्र :
बीए के छात्र नरेंद्र नागर ने कहा कि कॉलेज ने मनमानी फीस बढ़ाई है। 100 रुपये कम करना फीस कम करने की औपचारिकता मात्र है।
एलएलबी के छात्र तिलक राज का कहना है कि बढ़ी हुई फीस जमा करने पर विद्यार्थियों पर आर्थिक बोझ बढ़ गया था। फीस कम होने से राहत मिलेगी।
एलएलबी के छात्र मनोज का कहना है कि समय रहते कॉलेज प्रबंधन ने विद्यार्थियों की समस्या को समझते हुए फीस में कमी की है, वह स्वागत योग्य है।
अगले सत्र में जुड़ेगी फीस
कॉलेज प्रबंधन का कहना है कि स्नातकोत्तर और एलएलबी में रजिस्ट्रेशन चल रहे हैं। वहीं स्नातक के जिन विद्यार्थियों ने बढ़ी हुई फीस जमा कर दी है। उनकी फीस अगले सत्र की फीस में शामिल कर ली जाएगी। स्नातकोत्तर व एलएलबी के विद्यार्थियों को अभी दाखिला लेना है तो वह कम हुई फीस को ही जमा कर सकेंगे।
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आप की छात्र इकाई ने दिया ज्ञापन
शनिवार सुबह आम आदमी पार्टी की छात्र इकाई के पदाधिकारियों ने कॉलेज के प्राचार्य को ज्ञापन देकर फीस वृद्धि को वापस लेने की मांग की थी।
प्राचार्य प्रो. पीयूष चौहान ने बताया कि विद्यार्थियों के हित को ध्यान में रखते हुए में ही कॉलेज में शैक्षिक व अन्य गतिविधियों को संचालित किया जा रहा है। विद्यार्थियों की सुविधाएं सर्वोपरि हैं। इसी वजह से कालेज प्रबंधन ने बढ़ी फीस कम करने का फैसला लिया है।