फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Ghaziabad News ›   ghaziabad

गुलेल से शीशा तोड़कर करते थे कार में चोरी

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Sun, 21 Aug 2022 01:06 AM IST
विज्ञापन
ghaziabad
गुलेल से शीशा तोड़कर करते थे कार में चोरी
विज्ञापन

गाजियाबाद। कार से सामान चोरी करने वाले गिरोह को पकड़ने में पुलिस को कामयाबी मिली है। यह गिरोह बैरिंग की गोलियां गुलेल से चलाकर कार का शीशा तोड़ता है और फिर सामान चोरी करता है। गुलेल इंजीनियरिंग का छात्र चलाता है। गिरोह ने 10 अगस्त को शहर में डेढ़ घंटे में पांच वारदात की थीं। सीसीटीवी फुटेज से गिरोह की पहचान हुई। यह शातिर गिरोह दिल्ली-एनसीआर में 1999 से सक्रिय है।
एसपी सिटी निपुण अग्रवाल ने बताया कि गिरोह के सदस्य बेहद शातिर हैं। ये तमिलनाडु और कर्नाटक के हैं। एनसीआर में साल में दो से तीन महीने के लिए आते हैं। इस दौरान जगह बदल-बदलकर रहते हैं। मॉल, मल्टीप्लेक्स, बैंक, शॉपिंग कांप्लेक्स के आसपास बड़ी संख्या में वारदात कर वापस चले जाते हैं। जैसे ही कोई कार खड़ी करके जाता है, वैसे ही गिरोह उसमें रखा सामान साफ कर देता है।
विज्ञापन

इंजीनियरिंग का छात्र अशोक उर्फ एस सिल्वर राज गुलेल चलाता है। अन्य लोग सामान चोरी करते हैं। एक सदस्य सामान निकालते ही दूसरे को और दूसरा तीसरे को पकड़ा देता है। पुलिस ने इनके पास से पांच लैपटॉप, दो टेबलेट, पांच मोबाइल फोन, पांच तमंचे, तीन चाकू, दो गुलेल, लोहे की गोली, बीस हजार की नकदी और मेट्रो व आईडी कार्ड बरामद किए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

ये पकड़े गए
तमिलनाडु के त्रिचापलल्ली का दीन दयानंद उर्फ वासुतेवर उर्फ सरन उर्फ राजू उर्फ सत्यराज उर्फ दीनन (60), अशोक उर्फ एस सिल्वर राज (24), डिल्लीराजन (42), सत्यराज (32), मनोज कुमार (27), दिनेश कुमार (59), कीर्तिवासन (50) और कर्नाटक के जिला कोलार थाना माल्लौर तालो निवासी वेंकटेश हैं। गिरोह का सरगना दीन दयानंद उर्फ वासुतेवर उर्फ सरन उर्फ राजू उर्फ सत्यराज उर्फ दीनन है।
कई बार जा चुके जेल
गिरोह के सरगना दीन दयानंद उर्फ वासुतेवर पर दिल्ली एनसीआर में सात मुकदमे हैं। सरगना पर सबसे पहला मुकदमा 1999 में दिल्ली में दर्ज हुआ था। इसके अलावा वेंकटेश पर 14, सत्यराज पर सात और दिनेश पर एक मुकदमा है। सभी दिल्ली में कई बार जेल जा चुके हैं। अशोक तमिलनाडु के डॉन बॉस्को कॉलेज से डिप्लोमा इन मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहा है। इस साल वह द्वितीय वर्ष में है।
जन्माष्टमी पर मथुरा, वृंदावन में की वारदात
सिहानी गेट थाना प्रभारी नरेश कुमार शर्मा ने बताया कि पूछताछ में पता चला गिरोह ने जन्माष्टमी पर मथुरा और वृंदावन में भी वारदात को अंजाम दिया था। इसके लिए मथुरा पुलिस से बात की गई है।

स्टेशन पर नहाते थे, रोज नए कपड़े पहनते थे
पहचान में आने से बचने के लिए गिरोह के सदस्य किराए पर नहीं रहते हैं। इनका ठिकाना रेलवे स्टेशन है। यह भी बदलता रहता है। चोरी का सामान बेचकर पैसा जमा करते हैं। रोज की जरूरत के तेल, साबुन आदि सामान ही खरीदते हैं। नहाते स्टेशन पर हैं। खाना ढाबे या रेस्तरां में खाते हैं। चोरी का सामान उसी दिन बेच देते थे। कपड़ों से भी पहचान न हो सके, इसलिए एक कपड़ा एक ही बार पहनते हैं। नहाते समय पुराने कपड़े स्टेशन पर फेंक देते हैं। रोज पांच वारदात करते हैं, न कम न ज्यादा। मोटी रकम जमा होते ही घरों को लौट जाते हैं। गिरोह का सरगना कई बार जेल जा चुका है। जेल से आते ही नया नाम रख लेता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed