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400 करोड़ के ऋण घोटाला: दो बैंक अधिकारियों का डिमोशन, बर्खास्त किए जा चुके हैं जेल में बंद दो अधिकारी

Thu, 11 Aug 2022 01:42 AM IST
गाजियाबाद ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, गाजियाबाद
अमर उजाला नेटवर्क, गाजियाबाद Published by: गाजियाबाद ब्यूरो Updated Thu, 11 Aug 2022 01:42 AM IST
सार

लक्ष्य तंवर को बैंक अफसरों ने यह भी बता रखा था कि खातों को नॉन परफॉर्मिंग एसेट (एनपीए) नहीं होने देना है। अगर एनपीए हो गए तो बैंक के स्तर से जांच होगी और खेल खुल जाएगा। इसलिए, वह खातों में ऋण की कुछ किस्ते चुकाता रहता था। साथ ही नया ऋण लेता रहता था। 250 से ज्यादा फर्जी खातों में ऋण लेकर चुकाना बंद कर दिया।

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400 crore loan scam Demotion of two bank officials two officers have been sacked
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : फाइल फोटो

विस्तार

400 करोड़ के ऋण घोटाले में आरोपी फरार चल रहे पंजाब नेशनल बैंक के अधिकारी उत्कर्ष कुमार और जेल में बंद तारिक हुसैन का डिमोशन कर दिया गया है। तारिक को वरिष्ठ प्रबंधक से प्रबंधक और उत्कर्ष को मुख्य प्रबंधक से वरिष्ठ प्रबंधक बना दिया गया है। तारिक को निलंबित भी किया गया है। फिलहाल उसकी तैनाती राजस्थान के कोटा में है। माना जा रहा है कि इन दोनों को जल्द ही बर्खास्त किया जा सकता है। जेल में बंद दो अधिकारी रामनाथ मिश्रा और प्रियदर्शनी बर्खास्त किए जा चुके हैं।

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घोटाले में पीएनबी और सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के अधिकारी आरोपी हैं। पीएनबी के अफसरों ने गाजियाबाद की चंद्रनगर और आगरा की सूर्यनगर शाखा में तैनाती के दौरान घोटाला किया। घोटाले के मास्टरमाइंड लक्ष्य तंवर ने फर्जी कागजात पर ऋण के लिए आवेदन किया और ये अफसर बगैर जांच-पड़ताल के ऋण मंजूर करते रहे। पुलिस लक्ष्य तंवर, उसके गिरोह के सदस्यों और बैंक अधिकारियों के 200 बैंक खाते फ्रीज करा चुकी है।
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इस मामले में दो अधिकारी फरार चल रहे हैं उत्कर्ष कुमार और संजय चितरवे। संजय सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में तैनात है। बैंक अफसरों का कहना है कि उस पर कार्रवाई के लिए भी प्रक्रिया चल रही है। रामनाथ मिश्रा, उत्कर्ष कुमार, प्रियदर्शनी, तारिक हुसैन गाजियाबाद में 2015 से 2018 के बीच अलग-अलग शाखाओं में तैनात रहे हैं। इसके बाद इनकी तैनाती आगरा में हुई। घोटाले का खुलासा होने के बाद उत्कर्ष कुमार नोएडा में तैनात था। उसे वहीं से गिरफ्तार किया गया था।
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पुलिस कर रही कुर्की की तैयारी

पीएनबी के वरिष्ठ अधिकारी ने दो आरोपियों के डिमोशन की पुष्टि करते हुए बताया कि बैंक अपने स्तर से पूरे मामले की जांच कर रहा है। जैसे जेल में बंद दो अफसर बर्खास्त किए गए, वैसे ही निलंबित अफसरों के पकड़े जाने पर इनके खिलाफ भी बर्खास्तगी की कार्रवाई की जाएगी। एसपी सिटी निपुण अग्रवाल का कहना है कि मामले में फरार चल रहे आरोपियों की तलाश के लिए टीमें लगी हैं। फरार चल रहे आरोपियों के खिलाफ जल्द कुर्की की कार्रवाई की जाएगी।

ये किए जा चुके गिरफ्तार

मुख्य आरोपी लक्ष्य तंवर, पिता अशोक कुमार, बैंक अधिकारी रामनाथ मिश्रा, प्रियदर्शनी, उत्कर्ष कुमार और लक्ष्य के साथी वरुण त्यागी, शिवम, सुनील अरोड़ा, नरेश बग्गा, तुषार गोयल और सुमित कुमार को गिरफ्तार किया जा चुका है।

इन पर 15-15 हजार का इनाम

फरार चल रहे लक्ष्य के साथी दक्ष बग्गा, विशेष बहल, सूरज कालरा, राजरानी कालरा और सुनील कुमार पर पुलिस ने 15-15 हजार का इनाम घोषित किया है। इनमें से सुनील कुमार को पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है। पुलिस बैंक अफसर तारिक हुसैन और संजय चितरवे के साथ फरार चल रहे अन्य लक्ष्य के साथियों की भी तलाश कर रही है। इन पर इनाम नहीं है।

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