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गाजियाबाद: प्लॉट और विला बेचने के नाम पर 12.80 लाख ठगे, करीब 100 लोगों से धोखाधड़ी का आरोप
Sat, 30 Jul 2022 01:31 PM IST
गाजियाबाद ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गाजियाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गाजियाबाद
Published by: गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Sat, 30 Jul 2022 01:31 PM IST
सार
आरोप है कि बिल्डर ने प्लॉट और विला बनाकर बेचने के नाम पर करीब 100 लोगों से धोखाधड़ी की है। बिल्डर ने रुपये लेकर तय समय में ने प्लॉट दिया न विला दिया।
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विस्तार
गाजियाबाद में मनोकामना रेजीडेंसी नाम से कॉलोनी बनाकर प्लॉट और विला बेचने के नाम पर धोखाधड़ी करने का मामला सामने आया है। इसमें बिल्डर ने सरकारी विभाग के नाम से मिलती-जुलती आवास विकास रियलिटी सॉल्यूशन नाम की कंपनी बनाकर धोखाधड़ी की है। इसका निदेशक नीरज गोस्वामी था। आरोप है कि बिल्डर ने प्लॉट और विला बनाकर बेचने के नाम पर करीब 100 लोगों से धोखाधड़ी की है। बिल्डर ने रुपये लेकर तय समय में ने प्लॉट दिया न विला दिया।
दिल्ली के शकरपुर निवासी मुकेश कुमार का कहना है कि नवंबर 2018 में उनके पास एक फोन कॉल आई। कॉलर ने खुद को आवास विकास रियलिटी सॉल्यूशन कंपनी का निदेशक नीरज गोस्वामी बताया। उसने कहा कि वह और उसका बिजनेस पार्टनर वीर सिंह त्यागी मिलकर राजनगर एक्सटेंशन में मनोकामना रेजीडेंसी नाम से एक कॉलोनी बना रहे हैं। इसमें सस्ते प्लॉट और विला बनाकर बेच रहे हैं।
नीरज ने मौके पर उन्हें जमीन दिखाई। लोकेशन देखकर उन्होंने 113 वर्ग गज का प्लाट दिखाया और उस पर विला बनाने का दावा किया। उनके बीच 64 लाख रुपये में सौदा हो गया। उन्होंने इसकी एवज में अलग-अलग तारीख पर नीरज और वीर सिंह को 12.80 लाख रुपये दे दिए लेकिन तय समय में नीरज ने उन्हें न प्लॉट दिया और न ही विला बनाकर दिया।
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रुपये वापस मांगने पर जान से मारने की धमकी दी है। मामले में एसएसपी के आदेश पर नंदग्राम थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। नंदग्राम थाना प्रभारी मुनेंद्र कुमार का कहना है कि मामले की जांच एसआईटी कर रही है। हाल में आ रही शिकायतों के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर एसआईटी को दी जा रही हैं।
पिछले साल पकड़ा गया था नीरज
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार इस मामले में नीरज गोस्वामी और उसके दो साथियों को पिछले साल गिरफ्तार कर लिया था। वहीं उसका साथी वीर सिंह को भी इस साल गिरफ्तार किया है। मामले में आगे की जांच की जा रही है।
100 लोगों से ठगी का मामला
इस प्रोजेक्ट में प्लॉट और विला बेचने के नाम बिल्डर ने करीब 100 लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी की है। पिछले साल इसमें पीड़ितों ने कई रिपोर्ट दर्ज कराई थी। ठगी होने का पता चलने पर इस मामले में लोग और शिकायतें दर्ज करा रहे हैं, जो एसआईटी को दी जा रही हैं।
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दिल्ली के शकरपुर निवासी मुकेश कुमार का कहना है कि नवंबर 2018 में उनके पास एक फोन कॉल आई। कॉलर ने खुद को आवास विकास रियलिटी सॉल्यूशन कंपनी का निदेशक नीरज गोस्वामी बताया। उसने कहा कि वह और उसका बिजनेस पार्टनर वीर सिंह त्यागी मिलकर राजनगर एक्सटेंशन में मनोकामना रेजीडेंसी नाम से एक कॉलोनी बना रहे हैं। इसमें सस्ते प्लॉट और विला बनाकर बेच रहे हैं।
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नीरज ने मौके पर उन्हें जमीन दिखाई। लोकेशन देखकर उन्होंने 113 वर्ग गज का प्लाट दिखाया और उस पर विला बनाने का दावा किया। उनके बीच 64 लाख रुपये में सौदा हो गया। उन्होंने इसकी एवज में अलग-अलग तारीख पर नीरज और वीर सिंह को 12.80 लाख रुपये दे दिए लेकिन तय समय में नीरज ने उन्हें न प्लॉट दिया और न ही विला बनाकर दिया।
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रुपये वापस मांगने पर जान से मारने की धमकी दी है। मामले में एसएसपी के आदेश पर नंदग्राम थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। नंदग्राम थाना प्रभारी मुनेंद्र कुमार का कहना है कि मामले की जांच एसआईटी कर रही है। हाल में आ रही शिकायतों के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर एसआईटी को दी जा रही हैं।
पिछले साल पकड़ा गया था नीरज
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार इस मामले में नीरज गोस्वामी और उसके दो साथियों को पिछले साल गिरफ्तार कर लिया था। वहीं उसका साथी वीर सिंह को भी इस साल गिरफ्तार किया है। मामले में आगे की जांच की जा रही है।
100 लोगों से ठगी का मामला
इस प्रोजेक्ट में प्लॉट और विला बेचने के नाम बिल्डर ने करीब 100 लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी की है। पिछले साल इसमें पीड़ितों ने कई रिपोर्ट दर्ज कराई थी। ठगी होने का पता चलने पर इस मामले में लोग और शिकायतें दर्ज करा रहे हैं, जो एसआईटी को दी जा रही हैं।