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बिल्डर ने एक फ्लैट दो लोगों को बेचा, अलग-अलग बैंक से लोन भी कराया
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बिल्डर ने एक फ्लैट दो लोगों को बेचा, अलग-अलग बैंक से लोन भी कराया
गाजियाबाद। मधुबन बापूधाम क्षेत्र के मोरटा में मिडोज विस्टा सोसायटी निवासी रुकेश कुमार ने बिल्डर पर धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया है। आरोप है कि जो फ्लैट उन्हें बेचा गया है उस पर पहले से करीब 23 लाख रुपये का लोन हुआ था। बिल्डर ने उन्हें पहला आवंटी बताकर फ्लैट बेच दिया और बैंक से लोन भी करा दिया। आठ साल बाद पुराने लोन के बैंक अधिकारियों ने फ्लैट पर नोटिस चस्पा किया तो उन्हें इसकी जानकारी हुई। मामले में रुकेश ने बिल्डर समेत पिरामल बैंक के अधिकारियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।
रुकेश ने बताया कि वह सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं। उन्हें 2013 में वेल्यू इंफ्राकोन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड प्रोजेक्ट के मिडोज विस्टा में 26.44 लाख रुपये का फ्लैट बुक किया था। बिल्डर ने 2014 में फ्लैट पर कब्जा दे दिया। बिल्डर ने एक्सेस बैंक से लोन भी कराया था और बैंक ने लोन स्वीकृत भी कर दिया। आठ साल से वह फ्लैट में रह रहे हैं। जनवरी 2022 में पिरामल बैंक के अधिकारी उनके फ्लैट पर एक नोटिस चस्पा कर गए। जानकारी करने पर पता चला कि इस फ्लैट पर उनके अलावा किसी और ने भी करीब 23 लाख रुपये का लोन ले रखा है। बैंक से जानकारी करने पर पता चला कि तरूण नाम के व्यक्ति को 2010 में लोन दिया गया था। बिल्डर से संपर्क करने पर भी कोई मदद नहीं मिल पा रही है। नोटिस चस्पा कर बैंक अधिकारी फ्लैट पर कब्जा करने की प्रक्रिया करने चाह रहे हैं। ऐसे में उन्होंने बिल्डर प्रमोद कुमार, अंकित भार्गव, तरूण कुमार, निधि समेत पिरामल बैंक के अधिकारियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। रुकेश का कहना है कि इसी तरह की परेशानी से सोसायटी के अन्य लोग भी झेल रहे हैं। मधुबन बापूधाम प्रभारी मुन्नेश कुमार का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। जांच कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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गाजियाबाद। मधुबन बापूधाम क्षेत्र के मोरटा में मिडोज विस्टा सोसायटी निवासी रुकेश कुमार ने बिल्डर पर धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया है। आरोप है कि जो फ्लैट उन्हें बेचा गया है उस पर पहले से करीब 23 लाख रुपये का लोन हुआ था। बिल्डर ने उन्हें पहला आवंटी बताकर फ्लैट बेच दिया और बैंक से लोन भी करा दिया। आठ साल बाद पुराने लोन के बैंक अधिकारियों ने फ्लैट पर नोटिस चस्पा किया तो उन्हें इसकी जानकारी हुई। मामले में रुकेश ने बिल्डर समेत पिरामल बैंक के अधिकारियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।
रुकेश ने बताया कि वह सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं। उन्हें 2013 में वेल्यू इंफ्राकोन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड प्रोजेक्ट के मिडोज विस्टा में 26.44 लाख रुपये का फ्लैट बुक किया था। बिल्डर ने 2014 में फ्लैट पर कब्जा दे दिया। बिल्डर ने एक्सेस बैंक से लोन भी कराया था और बैंक ने लोन स्वीकृत भी कर दिया। आठ साल से वह फ्लैट में रह रहे हैं। जनवरी 2022 में पिरामल बैंक के अधिकारी उनके फ्लैट पर एक नोटिस चस्पा कर गए। जानकारी करने पर पता चला कि इस फ्लैट पर उनके अलावा किसी और ने भी करीब 23 लाख रुपये का लोन ले रखा है। बैंक से जानकारी करने पर पता चला कि तरूण नाम के व्यक्ति को 2010 में लोन दिया गया था। बिल्डर से संपर्क करने पर भी कोई मदद नहीं मिल पा रही है। नोटिस चस्पा कर बैंक अधिकारी फ्लैट पर कब्जा करने की प्रक्रिया करने चाह रहे हैं। ऐसे में उन्होंने बिल्डर प्रमोद कुमार, अंकित भार्गव, तरूण कुमार, निधि समेत पिरामल बैंक के अधिकारियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। रुकेश का कहना है कि इसी तरह की परेशानी से सोसायटी के अन्य लोग भी झेल रहे हैं। मधुबन बापूधाम प्रभारी मुन्नेश कुमार का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। जांच कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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