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400 करोड़ के लोन घोटाले में पीएनबी का मैनेजर गिरफ्तार
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400 करोड़ के लोन घोटाले में पीएनबी का मैनेजर गिरफ्तार
गाजियाबाद। 400 करोड़ रुपये के लोन घोटाले के मामले में एसआईटी और नगर कोतवाली पुलिस ने लोन माफिया लक्ष्य तंवर के सहयोगी पीएनबी के मुख्य प्रबंधक उत्कर्ष कुमार को नोएडा से गिरफ्तार कर लिया। उत्कर्ष पर धोखाधड़ी और फर्जीवाड़े के 12 मामले दर्ज हैं। आरोपी फर्जीवाड़ा करके पंजाब नेशनल बैंक से लोन कराने में लक्ष्य तंवर की मदद करता था। पूछताछ में सामने आया कि उत्कर्ष ने लक्ष्य तंवर के साथ मिलकर बैंक को करोड़ों रुपये का चूना लगाया है। पुलिस अभी तक लक्ष्य तंवर समेत 8 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है, अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी है।
एसपी सिटी प्रथम निपुण अग्रवाल ने बताया कि लक्ष्य तंवर के सहयोगी पीएनबी के मुख्य प्रबंधक उत्कर्ष कुमार मूलरूप से पटना बिहार का रहने वाला है और नई दिल्ली स्थित ईस्ट एंड अपार्टमेंट में रहता है। उत्कर्ष पूर्व में पीएनबी की चंद्रनगर शाखा में मुख्य प्रबंधक था और वर्तमान में वह ग्रेटर नोएडा के शस्त्रा गामा कामर्शियल कांप्लेक्स स्थित बैंक की शाखा में तैनात है। उत्कर्ष ने चंद्रनगर शाखा में रहते हुए लोन माफिया लक्ष्य तंवर के साथ मिलकर फर्जी तरीके से लोन करने में मदद की थी जो बिना सत्यापन के लोन दिलाता था।
बता दें कि लक्ष्य तंवर ने बैंकों की मिलीभगत से करोड़ों रुपये का घोटाला किया था। जिन्होंने पीएनबी बैंक के प्रबंधक और उप प्रबंधक के साथ मिलकर लोगों को विश्वास में लेकर फर्जीवाड़ा करके उनके नाम उनकी प्रापर्टी पर लोन लेते था। इस मामले में लक्ष्य की तुराब नगर और कविनगर की एक-एक प्रापर्टी को कुर्क किया जा चुका है जबकि सभी आरोपियों के 18 वाहन की कुर्की के आदेश हो चुके हैं। वहीं लक्ष्य के पिता, पत्नी समेत अन्य आरोपियों की संपत्ति को चिन्हित कर कुर्क करने की तैयारी की जा रही है। हाल में वैशाली और शालीमार गार्डन की तीन संपत्ति को जल्द कुर्क किया जाएगा।
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पांच बैंक अधिकारी अभी भी फरार
लोन घोटाले मामले में 12 आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर की कार्रवाई की गई है। इनमें से 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। बैंक अधिकारियों में पुलिस एजीएम रामनाथ मिश्रा और प्रबंधक प्रियदर्शनी को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है, जबकि बैंक मैनेजर संजय, मैनेजर दुर्गा प्रसाद, लोन मैनेजर तारिक हुसैन, रविंद्र जैन और प्रेमचंद फरार हैं। पुलिस इनकी तलाश में जुटी है।
400 करोड़ लोन घोटाले में ये संपत्ति होंगी जल्द कुर्क
- शालीमार गार्डन एक्सटेंशन नंबर-1 प्लाट नंबर 469-ए प्रथम तल
- शालीमार गार्डन एक्सटेंशन नंबर-1 प्लाट नंबर 469-ए द्वितीय तल
- शालीमार गार्डन एक्सटेंशन नंबर-1 प्लाट नंबर 469-ए तृतीय तल
- तृतीय-ए-40 सैक्टर 3 रचना वैशाली
100 करोड़ के धोखाधड़ी मामले में भी बैंक अधिकारी निशाने पर
रेड एप्पल समेत 50 फर्जी कंपनी बनाकर फ्लैट बुकिंग और निर्माण से पहले ही लोन लेने के मामले में पुलिस कंपनी के निदेशक समेत परिवार सात आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। इसमें पंजाब नेशनल बैंक और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की दिल्ली और गाजियाबाद की तीन शाखाओं के अधिकारी और कर्मचारियों की मिलीभगत भी सामने आई है, जिसमें पुलिस तत्कालीन बैंक अधिकारी को सूची तैयार करने में जुटी है। एसपी सिटी निपुण अग्रवाल का कहना है कि इस मामले में जिन लोगों के साथ धोखाधड़ी हुई उनकी रिपोर्ट दर्ज की जा रही है। इसमें दो बैंक की तीन शाखा हैं। इनके तत्कालीन अधिकारियों की सूची तैयारी की जा रही है। इन्हें भी जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।
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गाजियाबाद। 400 करोड़ रुपये के लोन घोटाले के मामले में एसआईटी और नगर कोतवाली पुलिस ने लोन माफिया लक्ष्य तंवर के सहयोगी पीएनबी के मुख्य प्रबंधक उत्कर्ष कुमार को नोएडा से गिरफ्तार कर लिया। उत्कर्ष पर धोखाधड़ी और फर्जीवाड़े के 12 मामले दर्ज हैं। आरोपी फर्जीवाड़ा करके पंजाब नेशनल बैंक से लोन कराने में लक्ष्य तंवर की मदद करता था। पूछताछ में सामने आया कि उत्कर्ष ने लक्ष्य तंवर के साथ मिलकर बैंक को करोड़ों रुपये का चूना लगाया है। पुलिस अभी तक लक्ष्य तंवर समेत 8 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है, अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी है।
एसपी सिटी प्रथम निपुण अग्रवाल ने बताया कि लक्ष्य तंवर के सहयोगी पीएनबी के मुख्य प्रबंधक उत्कर्ष कुमार मूलरूप से पटना बिहार का रहने वाला है और नई दिल्ली स्थित ईस्ट एंड अपार्टमेंट में रहता है। उत्कर्ष पूर्व में पीएनबी की चंद्रनगर शाखा में मुख्य प्रबंधक था और वर्तमान में वह ग्रेटर नोएडा के शस्त्रा गामा कामर्शियल कांप्लेक्स स्थित बैंक की शाखा में तैनात है। उत्कर्ष ने चंद्रनगर शाखा में रहते हुए लोन माफिया लक्ष्य तंवर के साथ मिलकर फर्जी तरीके से लोन करने में मदद की थी जो बिना सत्यापन के लोन दिलाता था।
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बता दें कि लक्ष्य तंवर ने बैंकों की मिलीभगत से करोड़ों रुपये का घोटाला किया था। जिन्होंने पीएनबी बैंक के प्रबंधक और उप प्रबंधक के साथ मिलकर लोगों को विश्वास में लेकर फर्जीवाड़ा करके उनके नाम उनकी प्रापर्टी पर लोन लेते था। इस मामले में लक्ष्य की तुराब नगर और कविनगर की एक-एक प्रापर्टी को कुर्क किया जा चुका है जबकि सभी आरोपियों के 18 वाहन की कुर्की के आदेश हो चुके हैं। वहीं लक्ष्य के पिता, पत्नी समेत अन्य आरोपियों की संपत्ति को चिन्हित कर कुर्क करने की तैयारी की जा रही है। हाल में वैशाली और शालीमार गार्डन की तीन संपत्ति को जल्द कुर्क किया जाएगा।
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पांच बैंक अधिकारी अभी भी फरार
लोन घोटाले मामले में 12 आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर की कार्रवाई की गई है। इनमें से 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। बैंक अधिकारियों में पुलिस एजीएम रामनाथ मिश्रा और प्रबंधक प्रियदर्शनी को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है, जबकि बैंक मैनेजर संजय, मैनेजर दुर्गा प्रसाद, लोन मैनेजर तारिक हुसैन, रविंद्र जैन और प्रेमचंद फरार हैं। पुलिस इनकी तलाश में जुटी है।
400 करोड़ लोन घोटाले में ये संपत्ति होंगी जल्द कुर्क
- शालीमार गार्डन एक्सटेंशन नंबर-1 प्लाट नंबर 469-ए प्रथम तल
- शालीमार गार्डन एक्सटेंशन नंबर-1 प्लाट नंबर 469-ए द्वितीय तल
- शालीमार गार्डन एक्सटेंशन नंबर-1 प्लाट नंबर 469-ए तृतीय तल
- तृतीय-ए-40 सैक्टर 3 रचना वैशाली
100 करोड़ के धोखाधड़ी मामले में भी बैंक अधिकारी निशाने पर
रेड एप्पल समेत 50 फर्जी कंपनी बनाकर फ्लैट बुकिंग और निर्माण से पहले ही लोन लेने के मामले में पुलिस कंपनी के निदेशक समेत परिवार सात आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। इसमें पंजाब नेशनल बैंक और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की दिल्ली और गाजियाबाद की तीन शाखाओं के अधिकारी और कर्मचारियों की मिलीभगत भी सामने आई है, जिसमें पुलिस तत्कालीन बैंक अधिकारी को सूची तैयार करने में जुटी है। एसपी सिटी निपुण अग्रवाल का कहना है कि इस मामले में जिन लोगों के साथ धोखाधड़ी हुई उनकी रिपोर्ट दर्ज की जा रही है। इसमें दो बैंक की तीन शाखा हैं। इनके तत्कालीन अधिकारियों की सूची तैयारी की जा रही है। इन्हें भी जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।