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पूर्व मुख्यमंत्री की पुत्रवधु के शव को श्मशान घाट में नहीं मिली जगह
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पूर्व मुख्यमंत्री की पुत्रवधु के शव को श्मशान घाट में नहीं मिली जगह
गाजियाबाद। उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री बाबू बनारसी दास की पुत्रवधू के शव का अंतिम संस्कार करने के लिए भी परिजनों को हिंडन मोक्ष स्थली पर प्लेटफार्म नहीं मिला। शव के अंतिम संस्कार के लिए परिजन करीब चार घंटे तक हिंडन घाट पर इंतजार करते रहे। इसके बाद भी शव का अंतिम संस्कार न हो सका तो वह ब्रजघाट पहुंचे और शव का अंतिम संस्कार किया।
पूर्व मुख्यमंत्री बाबू बनारसी दास के पुत्र व पूर्व एमएलसी हरेंद्र अग्रवाल की पत्नी वीना अग्रवाल (64) कोरोना संक्रमित थीं। उनका वैशाली के निजी अस्पताल में इलाज चल रहा था। बुधवार को उनका निधन हो गया। कांग्रेस जिलाध्यक्ष बिजेंद्र यादव ने बताया कि नगर निगम के अपर नगरायुक्त और नगर स्वास्थ्य अधिकारी को इसकी सूचना दे दी गई और शव के अंतिम संस्कार की व्यवस्था के लिए कहा गया। उन्होंने 12 बजे शव लाने के लिए कहा। उन्होंने बताया कि शव को अंतिम संस्कार के लिए ले जाया गया, लेकिन पूर्व मुख्यमंत्री की पुत्रवधू को भी श्मशान में जगह न मिली। करीब चार घंटे इधर-उधर भटकने के बाद भी नगर निगम के अधिकारियों ने अंतिम संस्कार नहीं कराया तो वीना अग्रवाल के पति व पूर्व एमएलसी शव को ब्रजघाट ले गए। इसके बाद शव का अंतिम संस्कार हो पाया। निगम पार्षद मनोज चौधरी का कहना है कि उन्होंने भी निगम के अधिकारियों को फोन किया, लेकिन अधिकारियों ने सिर्फ आश्वासन के अलावा कोई मदद नहीं की। प्रोटोकॉल के तहत भी पूर्व मुख्यमंत्री की पुत्रवधू का अंतिम संस्कार पहले कराया जाना चाहिए था। अधिकारियों ने पूर्व मुख्यमंत्री के परिजनों को भी चार घंटे तक चक्कर कटवाने के बाद वापस लौटा दिया।
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गाजियाबाद। उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री बाबू बनारसी दास की पुत्रवधू के शव का अंतिम संस्कार करने के लिए भी परिजनों को हिंडन मोक्ष स्थली पर प्लेटफार्म नहीं मिला। शव के अंतिम संस्कार के लिए परिजन करीब चार घंटे तक हिंडन घाट पर इंतजार करते रहे। इसके बाद भी शव का अंतिम संस्कार न हो सका तो वह ब्रजघाट पहुंचे और शव का अंतिम संस्कार किया।
पूर्व मुख्यमंत्री बाबू बनारसी दास के पुत्र व पूर्व एमएलसी हरेंद्र अग्रवाल की पत्नी वीना अग्रवाल (64) कोरोना संक्रमित थीं। उनका वैशाली के निजी अस्पताल में इलाज चल रहा था। बुधवार को उनका निधन हो गया। कांग्रेस जिलाध्यक्ष बिजेंद्र यादव ने बताया कि नगर निगम के अपर नगरायुक्त और नगर स्वास्थ्य अधिकारी को इसकी सूचना दे दी गई और शव के अंतिम संस्कार की व्यवस्था के लिए कहा गया। उन्होंने 12 बजे शव लाने के लिए कहा। उन्होंने बताया कि शव को अंतिम संस्कार के लिए ले जाया गया, लेकिन पूर्व मुख्यमंत्री की पुत्रवधू को भी श्मशान में जगह न मिली। करीब चार घंटे इधर-उधर भटकने के बाद भी नगर निगम के अधिकारियों ने अंतिम संस्कार नहीं कराया तो वीना अग्रवाल के पति व पूर्व एमएलसी शव को ब्रजघाट ले गए। इसके बाद शव का अंतिम संस्कार हो पाया। निगम पार्षद मनोज चौधरी का कहना है कि उन्होंने भी निगम के अधिकारियों को फोन किया, लेकिन अधिकारियों ने सिर्फ आश्वासन के अलावा कोई मदद नहीं की। प्रोटोकॉल के तहत भी पूर्व मुख्यमंत्री की पुत्रवधू का अंतिम संस्कार पहले कराया जाना चाहिए था। अधिकारियों ने पूर्व मुख्यमंत्री के परिजनों को भी चार घंटे तक चक्कर कटवाने के बाद वापस लौटा दिया।
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