Ghaziabad Result: सपा का 26 और कांग्रेस का 20 साल से नहीं खुला खाता
2012 के विधानसभा चुनाव में गाजियाबाद में बसपा का सबसे अच्छा प्रदर्शन रहा था। पांच में लोनी, साहिबाबाद, गाजियाबाद और मुरादनगर की चार सीटों पर बसपा प्रत्याशी जीते थे।
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गाजियाबाद में समाजवादी पार्टी ने गठबंधन के जरिए इस बार नए समीकरण बनाने की कोशिश तो की, लेकिन सफलता नहीं मिली। सपा को 26 साल से और कांग्रेस का 20 साल से जिले में खाता नहीं खुला। बसपा को 2012 के बाद जिले में एक भी सीट पर जीत नहीं मिली। भाजपा ने 2017 के बाद अब 2022 में भी पांचों सीटों पर जीत हासिल कर विपक्ष को क्लीन स्वीप कर दिया है।
सपा जिले में सिर्फ एक बार मुरादनगर सीट पर जीती है। पूर्व कैबिनेट मंत्री राजपाल त्यागी ने 1996 में सपा के टिकट पर चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। इसके बाद 2004 में हुए उपचुनाव में पार्टी के प्रत्याशी सुरेंद्र मुन्नी ने चुनाव जीता था। आम चुनाव में 1996 के बाद पार्टी का खाता नहीं खुला।
वहीं कांग्रेस भी 2002 के बाद जिले में जीत का खाता नहीं खोल पाई। 2002 में सुरेंद्र प्रकाश गोयल ने गाजियाबाद सदर सीट पर और राजपाल त्यागी ने मुरादनगर सीट पर कांग्रेस के टिकट पर जीत हासिल की थी। इसके बाद कांग्रेस किसी विधानसभा चुनाव में जीत हासिल नहीं कर पाई है। 20 साल से पार्टी को गाजियाबाद में जीत का खाता खुलने का इंतजार है।
बसपा को 2012 के बाद जनता ने नहीं दिया समर्थन
2012 के विधानसभा चुनाव में गाजियाबाद में बसपा का सबसे अच्छा प्रदर्शन रहा था। पांच में लोनी, साहिबाबाद, गाजियाबाद और मुरादनगर की चार सीटों पर बसपा प्रत्याशी जीते थे। 2017 में बसपा का एक भी प्रत्याशी नहीं जीत पाया था। मोदी लहर में लड़े गए इस चुनाव में भाजपा ने सभी सीटें जीतीं थीं। अब 2022 में भी वही परिणाम फिर से दोहराया है। इस बार भी बसपा को एक भी सीट नहीं मिली है। पार्टी के प्रत्याशी दूसरे नंबर पर आकर मुख्य लड़ाई में भी शामिल नहीं हो पाए।