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खुलासा : गाजियाबाद में नौकर ने ही दिया था दोहरे हत्याकांड को अंजाम, पुलिस ने किया गिरफ्तार
Mon, 27 Sep 2021 06:39 PM IST
अनुराग सक्सेना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गाजियाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गाजियाबाद
Published by: अनुराग सक्सेना
Updated Mon, 27 Sep 2021 06:39 PM IST
सार
गाजियाबाद में ट्रॉनिका सिटी में 16 सितंबर को एक कारोबारी और उसके मासूम बेटे के कत्ल का खुलासा पुलिस ने किया है और बताया कि इसके पीछे मृतक के नौकर का ही हाथ है...
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दोहरे हत्याकांड का आरोपी पुलिस की गिरफ्त में
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
गाजियाबाद के ट्रॉनिका सिटी में पिछले दिनों फर्नीचर कारोबारी नईमुल हसन और उनके बेटे की हत्या उनके ही नौकर ने की थी। नौकर को गिरफ्तार कर लिया गया है। उसने बताया कि उसने मालिक को लूटने के इरादे से उनकी और उनके मासूम बेटे की हत्या की थी।
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ट्रॉनिका सिटी की कासिम विहार कॉलोनी में 16 सितंबर के दिन तड़के चाकू से गोदकर फर्नीचर कारोबारी नईमुल हसन (34) और उनके बेटे उवैस (8) की हत्या कर दी गई थी। हत्यारों ने बर्बरता दिखाते हुए पिता-पुत्र का गला रेतकर उनके चेहरे भी पंखे के मोटर से कुचल दिए थे। सुबह नईमुल का भतीजा जब किसी काम से उनके घर गया तो हत्याकांड का पता चला था।
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नौकर को मिली थी घर में पांच लाख रुपये होने की सूचना
गिरफ्तार नौकर ने पुलिस को शुरुआती पूछताछ में बताया कि उसे लगा था कि घर में पांच लाख रुपये रखे हैं। उसने वही रुपये लूटने के इरादे से मालिक और उनके बेटे की चाकू से गोदकर हत्या कर दी थी। हालांकि मौके पर उसे सिर्फ 15 हजार रुपये ही मिले थे।
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वारदात के वक्त परिवार बिहार शादी में गया था
मूलरूप से संभल के गांव थाना धनारी निवासी नईमुल करीब सात साल से कासिम विहार कॉलोनी में पत्नी साइमा और चार बच्चों के साथ रह रहे थे। नईमुल हसन पड़ोस में रहने वाले दो भाइयों ममनून और जंजरहसन के साथ रामपार्क कॉलोनी में फर्नीचर का काम करते थे। उनकी पत्नी छह दिन पहले तीन बच्चों को लेकर रिश्तेदारी में बिहार गई थीं जबकि नईमुल बेटे उवैस के साथ घर पर रुक गए थे।
मृतक के भाई ममनून ने बताया कि उनका बेटा अरबाज 16 सितंबर की सुबह जब हेलमेट लेने नईमुल के घर गया तो मुख्य दरवाजा खुला हुआ था। अंदर जाकर देखा तो उसने पिता-पुत्र के लहूलुहान शव पड़े थे। उसने परिजनों को इसकी जानकारी दी, जिसके बाद चीख-पुकार सुनकर पड़ोसी आ गए।
घर के दरवाजे सही सलामत थे, इसलिए पुलिस को पहले से ही शक था कि हत्याकांड में कोई करीबी ही है, जिसके लिए अंदर से दरवाजे खोले गए थे। पुलिस ने इस मामले की जांच के लिए तीन टीमें गठित की थीं।