डासना मंदिर में साधु पर हमला: जान बचाने के लिए चीखते हुए दौड़े लहूलुहान नरेशानंद, हुए 10 से ज्यादा ताबड़तोड़ वार
पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में हमला पुलिस पर सवाल खड़े कर रहा है। इस पूरे मामले में साधु नरेशानंद के ऊपर जिस तरह जिस तरह से हमला हुआ वह दहला देने वाला है।
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गाजियाबाद के डासना मंदिर में 22 पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में दीवार लांघकर घुसे बदमाश ने मंगलवार सुबह साधु पर चाकू से हमला कर दिया। हमलावर ने गर्दन और पेट पर कई वार किए। शोर सुनकर जब तक पुलिसकर्मी पहुंचे हमलावर फरार हो चुका था। पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में हमला पुलिस पर सवाल खड़े कर रहा है। इस पूरे मामले में साधु नरेशानंद के ऊपर जिस तरह जिस तरह से हमला हुआ वह दहला देने वाला है। आगे पढ़ें वारदात का पूरा ब्योरा...
मंदिर में कमरे के बाहर सो रहे साधु नरेशानंद हमले के बाद चीखते हुए दौड़े। उनकी गर्दन, सीने और पेट पर पेपर कटर से 10 से ज्यादा वार किए गए थे। गर्दन बुरी तरह जख्मी हो गई थी, पेट से आंत बाहर आ गईं थीं। इस हालत में वह गर्दन को संभालते हुए और आंतों को हाथ से पकड़े हुए पुलिसवालों की ओर दौड़े।
अस्पताल ले जाते समय पुलिसवालों ने पूछा कि हमला किसने किया। उन्होंने कहा कि वह सिर्फ एक हमलावर को देख पाए। वह उन पर ताबड़तोड़ प्रहार कर रहा था। प्रहार के वक्त भी वह चीखे, लेकिन आसपास किसी ने चीख सुनी नहीं। इसलिए, हमलावरों के जाने पर वह खुद दौड़कर पुलिसवालों के पास गए। उधर, डॉक्टरों ने दोपहर को उनके पेट का ऑपरेशन किया। उनकी स्थिति गंभीर है।
ऐसे लगा, हमला सपने में हुआ हो : मनोज
नरेशानंद के पास ही सो रहे साधु मनोज का कहना है कि जब हमला हुआ तो उन्हें लगा कि वह सपना देख रहे हैं और उन्हें मारने के लिए कोई आया है। उन पर हमले के वक्त हमलावर से पेपर कटर गिर गया था। जब ब्लेड से हमला हुआ, तब अहसास हुआ कि कुछ हो रहा है। वह चादर ओढ़े हुए थे, इसलिए हमलावर नजर नहीं आए। नरेशानंद पर हमले का भी अहसास नहीं हुआ। यही लगता रहा कि हमले जैसा कुछ हो रहा है लेकिन यह हकीकत में नहीं, सपने में है। नरेशानंद चीखे तो उनकी आंख खुली। वह पुलिसवालों के पास जा रहे थे।
सीसीटीवी से तलाश रहे हैं सुराग - एसपी देहात
एसपी देहात डॉ. ईरज राजा का कहना है कि साधुओं पर हुए हमले के मामले में सीसीटीवी फुटेज की मदद से सुराग तलाशे जा रहे हैं। मंदिर के बाहर पुलिस ने कैमरे लगवा रखे हैं। इनकी फुटेज निकलवाई है। अंदर मंदिर कमेटी ने कैमरे लगवा रखे हैं, ये काम नहीं कर रहे।
पुलिसवालों पर गिर सकती है गाज
मंदिर में जिस जगह हमला हुआ, उसके पास ही पुलिस की गारद लगी है। इस पर चार पुलिसवाले तैनात हैं। इनके बारे में एसपी देहात ने रिपोर्ट एसएसपी को भेज दी है। माना जा रहा है कि इन्हें निलंबित किया जा सकता है। अन्य 18 पुलिसवाले मंदिर परिसर में ही मौजूद थे। यह भी मालूम किया जा रहा है कि वे जाग रहे थे या सोए हुए थे? अगर जाग रहे होते तो हमलावरों का पता चल जाता। जल्द ही इन पर भी गाज गिर सकती है।
जांच में दोषी मिले पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। किस स्तर पर लापरवाही हुई है, उसकी भी जांच कराई जा रही है। बदमाशों के बारे में पता लगाया जा रहा है। -अमित पाठक, एसएसपी
50 लोग मौजूद थे मंदिर में
घटना के वक्त 22 पुलिसवालों के अलावा मंदिर की सुरक्षा में लगे आठ निजी सुरक्षाकर्मी समेत कुल 50 लोग मौजूद थे। इन सभी को घटना का पता तब चला जब नरेशानंद की चीख निकली। सेवादार भागकर उनके पास पहुंचे, लेकिन तब तक हमलावर जा चुके थे।