फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Ghaziabad News ›   Ghaziabad dasna temple attack on priest nareshanand to save life he ran with bleeding body more than 10 attacks read horrific story

डासना मंदिर में साधु पर हमला: जान बचाने के लिए चीखते हुए दौड़े लहूलुहान नरेशानंद, हुए 10 से ज्यादा ताबड़तोड़ वार

Wed, 11 Aug 2021 12:04 PM IST
पूजा त्रिपाठी अमर उजाला नेटवर्क, गाजियाबाद
अमर उजाला नेटवर्क, गाजियाबाद Published by: पूजा त्रिपाठी Updated Wed, 11 Aug 2021 12:04 PM IST
सार

पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में हमला पुलिस पर सवाल खड़े कर रहा है। इस पूरे मामले में साधु नरेशानंद के ऊपर जिस तरह जिस तरह से हमला हुआ वह दहला देने वाला है। 

Ghaziabad dasna temple attack on priest nareshanand to save life he ran with bleeding body more than 10 attacks read horrific story
साधु नरेशानंद पर डासना मंदिर में हमला - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

गाजियाबाद के डासना मंदिर में 22 पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में दीवार लांघकर घुसे बदमाश ने मंगलवार सुबह साधु पर चाकू से हमला कर दिया। हमलावर ने गर्दन और पेट पर कई वार किए। शोर सुनकर जब तक पुलिसकर्मी पहुंचे हमलावर फरार हो चुका था। पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में हमला पुलिस पर सवाल खड़े कर रहा है। इस पूरे मामले में साधु नरेशानंद के ऊपर जिस तरह जिस तरह से हमला हुआ वह दहला देने वाला है। आगे पढ़ें वारदात का पूरा ब्योरा...



मंदिर में कमरे के बाहर सो रहे साधु नरेशानंद हमले के बाद चीखते हुए दौड़े। उनकी गर्दन, सीने और पेट पर पेपर कटर से 10 से ज्यादा वार किए गए थे। गर्दन बुरी तरह जख्मी हो गई थी, पेट से आंत बाहर आ गईं थीं। इस हालत में वह गर्दन को संभालते हुए और आंतों को हाथ से पकड़े हुए पुलिसवालों की ओर दौड़े।


अस्पताल ले जाते समय पुलिसवालों ने पूछा कि हमला किसने किया। उन्होंने कहा कि वह सिर्फ एक हमलावर को देख पाए। वह उन पर ताबड़तोड़ प्रहार कर रहा था। प्रहार के वक्त भी वह चीखे, लेकिन आसपास किसी ने चीख सुनी नहीं। इसलिए, हमलावरों के जाने पर वह खुद दौड़कर पुलिसवालों के पास गए। उधर, डॉक्टरों ने दोपहर को उनके पेट का ऑपरेशन किया। उनकी स्थिति गंभीर है। 

विज्ञापन

ऐसे लगा, हमला सपने में हुआ हो : मनोज  

नरेशानंद के पास ही सो रहे साधु मनोज का कहना है कि जब हमला हुआ तो उन्हें लगा कि वह सपना देख रहे हैं और उन्हें मारने के लिए कोई आया है। उन पर हमले के वक्त हमलावर से पेपर कटर गिर गया था। जब ब्लेड से हमला हुआ, तब अहसास हुआ कि कुछ हो रहा है। वह चादर ओढ़े हुए थे, इसलिए हमलावर नजर नहीं आए। नरेशानंद पर हमले का भी अहसास नहीं हुआ। यही लगता रहा कि हमले जैसा कुछ हो रहा है लेकिन यह हकीकत में नहीं, सपने में है। नरेशानंद चीखे तो उनकी आंख खुली। वह पुलिसवालों के पास जा रहे थे। 

सीसीटीवी से तलाश रहे हैं सुराग - एसपी देहात  
एसपी देहात डॉ. ईरज राजा का कहना है कि साधुओं पर हुए हमले के मामले में सीसीटीवी फुटेज की मदद से सुराग तलाशे जा रहे हैं। मंदिर के बाहर पुलिस ने कैमरे लगवा रखे हैं। इनकी फुटेज निकलवाई है। अंदर मंदिर कमेटी ने कैमरे लगवा रखे हैं, ये काम नहीं कर रहे।  

पुलिसवालों पर गिर सकती है गाज 

मंदिर में जिस जगह हमला हुआ, उसके पास ही पुलिस की गारद लगी है। इस पर चार पुलिसवाले तैनात हैं। इनके बारे में एसपी देहात ने रिपोर्ट एसएसपी को भेज दी है। माना जा रहा है कि इन्हें निलंबित किया जा सकता है। अन्य 18 पुलिसवाले मंदिर परिसर में ही मौजूद थे। यह भी मालूम किया जा रहा है कि वे जाग रहे थे या सोए हुए थे? अगर जाग रहे होते तो हमलावरों का पता चल जाता। जल्द ही इन पर भी गाज गिर सकती है। 

जांच में दोषी मिले पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। किस स्तर पर लापरवाही हुई है, उसकी भी जांच कराई जा रही है। बदमाशों के बारे में पता लगाया जा रहा है। -अमित पाठक, एसएसपी
 
50 लोग मौजूद थे मंदिर में  
घटना के वक्त 22 पुलिसवालों के अलावा मंदिर की सुरक्षा में लगे आठ निजी सुरक्षाकर्मी  समेत कुल 50 लोग मौजूद थे। इन सभी को घटना का पता तब चला जब नरेशानंद की चीख निकली। सेवादार भागकर उनके पास पहुंचे, लेकिन तब तक हमलावर जा चुके थे।

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed