फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Ghaziabad News ›   ghaziabad crime news

ब्लैक फंगस का इंजेक्शन दिलाने के नाम पर लाखों की ठगी

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Thu, 27 May 2021 12:43 AM IST
विज्ञापन
ghaziabad crime news
फर्जी वेबसाइट बनाकर ब्लैक फंगस का इंजेक्शन दिलाने के नाम पर ठगी
विज्ञापन

गाजियाबाद। ब्लैक फंगस के इंजेक्शन दिलवाने के नाम पर ठगी करने वाले दो आरोपियों को कविनगर और साइबर सेल की टीम ने गिरफ्तार किया है। आरोपी ब्लैक फंगस वाले मरीजों के परिजनों से संपर्क करते थे। उसके बाद ठगी को अंजाम देते थे। पुलिस ने आरोपियों से मोबाइल, तीन एटीएम कार्ड व 74 हजार रुपये बरामद किए हैं। सीओ कविनगर एवं साइबर सेल के नोडल अधिकारी अभय कुमार मिश्र ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों ने अपना नाम सुमित व शिवम निवासी खोड़ा बताया है। आरोपियों ने बताया कि
कोरोना के बाद ब्लैक फंगस बीमारी आने पर उन्होंने एक नामचीन कंपनी की वेबसाइट तैयार की। उसके बाद ब्लैक फंगस का इंजेक्शन देने के लिए प्रचार प्रसार शुरू कर दिया। वेबसाइट पर देखकर लोगों ने संपर्क करना शुरू कर दिया। वेबसाइट पर दिए नंबर पर लोग संपर्क करते थे तो उन्हें खुद को कंपनी का मैनेजर बताते थे। लोगों को इंजेक्शन के बारे में भी जानकारी देते थे। आरोपी 10 इंजेक्शन की कीमत 1.20 लाख रुपये बताते थे। उसके बाद मरीज के परिजनों से रुपये अपने खाते में ट्रांसफर कराकर नंबर बंद कर लेते थे। लोग उनसे संपर्क करने की कोशिश करते थे, लेकिन फिर संपर्क नहीं हो पाता था। बताया गया कि आरोपी अभी तक 12 लोगों से ठगी कर चुके हैं। पुलिस अन्य घटनाओं के बारे में भी जानकारी कर रही है। साथ ही यह पता लगा रही है कि इस घटना और कौन-कौन लोग शामिल हैं।
विज्ञापन

- नामी कंपनी के नाम पर झांसे में आ जाते थे लोग
पुलिस ने बताया कि नामी कंपनी के इंजेक्शन होने के कारण लोग झांसे में आ जाते थे। परिजन मरीज की जान बचाने के लिए भटकते रहते थे। उसका आरोपी पूरा फायदा उठाते थे। परिजनों का लगता था कि बड़ी कंपनी के इंजेक्शन होने के कारण असर भी जल्दी होगा और मरीज जल्दी ठीक हो जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

- फर्जी प्रमाण पत्रों से खुलवाते थे बैंक में खाता
पुलिस ने बताया कि आरोपी फर्जी प्रमाण पत्र से बैंक में खाता खुलवाते थे। फर्जी आइडी पर ही सिम कार्ड लेते थे। उन्हें नंबरों से जरूतमंद लोगों से संपर्क करते थे और उन्हें पूरी तरह से विश्वास में लेकर पैसा ट्रांसफर करा लेते थे। खाते में रुपये आते ही सिम बंद कर देते थे, जिसके बाद लोग परेशान होते थे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed