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गाजियाबाद ने प्रदूषण में देश में नंबर वन होने की लगाई हैट्रिक
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गाजियाबाद की प्रदूषण में हैट्रिक, लगातार तीसरे दिन देश में नंबर वन
साहिबाबाद। जनपद में वायु प्रदूषण मंगलवार को 400 का आंकड़ा पार करते हुए फिर से बेहद खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। गाजियाबाद का एक्यूआई 428 के साथ देश में लगातार तीसरे दिन पहले नंबर पर रहा। बुलंदशहर की हवा भी देश में सबसे प्रदूषित शहरों की श्रेणी में दूसरे स्थान पर रिकॉर्ड हुई। यहां का एक्यूआई 423 रहा। इसे वायु प्रदूषण की इमरजेंसी माना जा रहा है। वहीं जिले के चार स्टेशनों पर भी हवा की गुणवत्ता सेवियर जोन में पहुंच गई है। सोमवार को लोनी का वायु प्रदूषण 440 पर पहुंच गया। डॉक्टरों ने लोगों को मॉर्निंग वॉक न करने की सलाह दी है।
पीसीबी के आंकड़ों के अनुसार गाजियाबाद में वायु गुणवत्ता सूचकांक 428 पर पहुंच गया। इसमें पीएम 2.5 मानक से साढ़े चार गुना ज्यादा हो गया है। जबकि पीएम 10 मानक से पांच गुना ज्यादा पाया गया। यह मानव जीवन के लिए बेहद खतरनाक है। पीसीबी के क्षेत्रीय अधिकारी उत्सव शर्मा का कहना है कि 26 नवंबर तक हवा की गति काफी धीमी रहने की उम्मीद है। हवा की गति थमने और तापमान गिरने से प्रदूषण बढ़ रहा है। फिलहाल एक्यूआई 428 पर पहुंचने के बाद से अधिकारियों की चिंता बढ़ गई है। एनसीआर की बात करें तो दिल्ली का प्रदूषण स्तर 379 के साथ देश में तीसरे स्थान पर है। इधर, पीसीबी ने चारों स्टेशनों का भी एक्यूआई जारी कर दिया। इनमें सबसे खराब स्थिति लोनी स्टेशन की है। सोमवार को यहां का एक्यूआई 387 था, जो अब बढ़कर 440 पर पहुंच गया है। इसके बाद इंदिरापुरम में प्रदूषण स्तर 433 के साथ सेवियर जोन में रहा। वसुंधरा और संजय नगर में भी स्थिति नाजुक बनी हुई है। यहां पर एक्यूआई 421 और 417 पर रहा। जो घर से बाहर घूमने वाले लोगों के लिए बेहद खतरनाक है।
न करें मॉर्निंग वॉक, घर में लगाएं एयर प्यूरिफायर :
आईएमए वेस्ट गाजियाबाद के अध्यक्ष डॉ. पंकज चौधरी का कहना है कि प्रदूषण सबसे खराब स्थिति में है। ऐसे समय में लोगों को सलाह है कि कुछ दिनों तक सुबह-सुबह वॉक न करें, शरीर को ठीक रखने के लिए घर पर ही व्यायाम और योग करें। अगर बहुत जरूरी काम न हो तो 12 वर्ष के बच्चे, गर्भवती महिलाएं, अस्थमा मरीज, बुजुर्ग घर से बाहर न निकलें। यदि कोई इमरजेंसी कार्य है तो एन-95 मास्क पहनकर बाहर जाएं। इसके अलावा घर में प्रदूषण की रोकथाम के लिए एयर प्यूरिफायर लगवाएं।
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साहिबाबाद। जनपद में वायु प्रदूषण मंगलवार को 400 का आंकड़ा पार करते हुए फिर से बेहद खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। गाजियाबाद का एक्यूआई 428 के साथ देश में लगातार तीसरे दिन पहले नंबर पर रहा। बुलंदशहर की हवा भी देश में सबसे प्रदूषित शहरों की श्रेणी में दूसरे स्थान पर रिकॉर्ड हुई। यहां का एक्यूआई 423 रहा। इसे वायु प्रदूषण की इमरजेंसी माना जा रहा है। वहीं जिले के चार स्टेशनों पर भी हवा की गुणवत्ता सेवियर जोन में पहुंच गई है। सोमवार को लोनी का वायु प्रदूषण 440 पर पहुंच गया। डॉक्टरों ने लोगों को मॉर्निंग वॉक न करने की सलाह दी है।
पीसीबी के आंकड़ों के अनुसार गाजियाबाद में वायु गुणवत्ता सूचकांक 428 पर पहुंच गया। इसमें पीएम 2.5 मानक से साढ़े चार गुना ज्यादा हो गया है। जबकि पीएम 10 मानक से पांच गुना ज्यादा पाया गया। यह मानव जीवन के लिए बेहद खतरनाक है। पीसीबी के क्षेत्रीय अधिकारी उत्सव शर्मा का कहना है कि 26 नवंबर तक हवा की गति काफी धीमी रहने की उम्मीद है। हवा की गति थमने और तापमान गिरने से प्रदूषण बढ़ रहा है। फिलहाल एक्यूआई 428 पर पहुंचने के बाद से अधिकारियों की चिंता बढ़ गई है। एनसीआर की बात करें तो दिल्ली का प्रदूषण स्तर 379 के साथ देश में तीसरे स्थान पर है। इधर, पीसीबी ने चारों स्टेशनों का भी एक्यूआई जारी कर दिया। इनमें सबसे खराब स्थिति लोनी स्टेशन की है। सोमवार को यहां का एक्यूआई 387 था, जो अब बढ़कर 440 पर पहुंच गया है। इसके बाद इंदिरापुरम में प्रदूषण स्तर 433 के साथ सेवियर जोन में रहा। वसुंधरा और संजय नगर में भी स्थिति नाजुक बनी हुई है। यहां पर एक्यूआई 421 और 417 पर रहा। जो घर से बाहर घूमने वाले लोगों के लिए बेहद खतरनाक है।
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न करें मॉर्निंग वॉक, घर में लगाएं एयर प्यूरिफायर :
आईएमए वेस्ट गाजियाबाद के अध्यक्ष डॉ. पंकज चौधरी का कहना है कि प्रदूषण सबसे खराब स्थिति में है। ऐसे समय में लोगों को सलाह है कि कुछ दिनों तक सुबह-सुबह वॉक न करें, शरीर को ठीक रखने के लिए घर पर ही व्यायाम और योग करें। अगर बहुत जरूरी काम न हो तो 12 वर्ष के बच्चे, गर्भवती महिलाएं, अस्थमा मरीज, बुजुर्ग घर से बाहर न निकलें। यदि कोई इमरजेंसी कार्य है तो एन-95 मास्क पहनकर बाहर जाएं। इसके अलावा घर में प्रदूषण की रोकथाम के लिए एयर प्यूरिफायर लगवाएं।
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