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Ghaziabad News: जीडीए सीवर के वार्षिक रखरखाव पर खर्च करेगा 54 लाख
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साहिबाबाद। इंदिरापुरम योजना की आवासीय कॉलोनियों अभयखंड, ज्ञानखंड व न्यायखंड में पुरानी सीवर लाइन ओवरफ्लो हो रही है। आए दिन गलियों में सीवर ओवरफ्लो होने से गंदगी व बदबू की समस्या रहती है। जीडीए अधिकारी सीवर की सफाई और सीवर रखरखाव पर 54 लाख रुपये खर्च करेंगे। जीडीए अधिकारी सफाई के बाद सीवर ओवरफ्लो की समस्या का पूरी तरह से निस्तारण होने का दावा कर रहे हैं।
पार्षद हरीश कड़ाकोटी ने बताया कि तीन दशक पहले अभयखंड, न्यायखंड व ज्ञानखंड में जनता फ्लैट के लिए सीवर लाइन डाली गई थी। सीवर लाइन का औसतन एक भूखंड के दबाव झेलने के लिए बनी थी, लेकिन वर्तमान में इन इलाकों के भूखंड में 12 से 14 फ्लैट बनाकर लोग रह रहे हैं। इससे सीवर लाइन पर दबाव बढ़ गया है। इस कारण कॉलोनियों में सीवर लाइन ओवरफ्लो हो रही है। सीवर की सफाई कराने पर एक दो दिन में ही फिर से सीवर जाम होने की समस्या आ रही है। सीवर लाइन छोटी होने के कारण दबाव झेलने में सक्षम नहीं है। इसके लिए इलाके में नई सीवर लाइन डाली जानी आवश्यक है। जीडीए अधिकारियों का सीवर सफाई के नाम पर धनराशि खर्च कर फिजूल ही है।
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54 लाख रुपये से यह होंगे काम
- सीवर सफाई
- सीवर मरम्मत
- सीवर मैनहोल रखरखाव
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इन इलाकों में समस्या
- अभयखंड
- न्यायखंड
- ज्ञानखंड
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जीडीए सहायक अभियंता पीयूष सिंह ने बताया कि इंदिरापुरम योजना नगर निगम के पास नहीं है। जीडीए खुद से ही सीवर लाइन की देखभाल करा रहा है। हर साल सीवर की सफाई और वार्षिक रखरखाव कराया जाता है। इस साल-सफाई और रखरखाव पर 54 लाख रुपये की धनराशि व्यय की जाएगी। तीनों कॉलोनियों की सीवर लाइन की मियाद अभी खत्म नहीं हुई है। इस कारण नई सीवर लाइन डाला जाना संभव नहीं है। कुछ लोग अनावश्यक ही नई सीवर लाइन डालने का दबाव बना रहे हैं।
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पार्षद हरीश कड़ाकोटी ने बताया कि तीन दशक पहले अभयखंड, न्यायखंड व ज्ञानखंड में जनता फ्लैट के लिए सीवर लाइन डाली गई थी। सीवर लाइन का औसतन एक भूखंड के दबाव झेलने के लिए बनी थी, लेकिन वर्तमान में इन इलाकों के भूखंड में 12 से 14 फ्लैट बनाकर लोग रह रहे हैं। इससे सीवर लाइन पर दबाव बढ़ गया है। इस कारण कॉलोनियों में सीवर लाइन ओवरफ्लो हो रही है। सीवर की सफाई कराने पर एक दो दिन में ही फिर से सीवर जाम होने की समस्या आ रही है। सीवर लाइन छोटी होने के कारण दबाव झेलने में सक्षम नहीं है। इसके लिए इलाके में नई सीवर लाइन डाली जानी आवश्यक है। जीडीए अधिकारियों का सीवर सफाई के नाम पर धनराशि खर्च कर फिजूल ही है।
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54 लाख रुपये से यह होंगे काम
- सीवर सफाई
- सीवर मरम्मत
- सीवर मैनहोल रखरखाव
इन इलाकों में समस्या
- अभयखंड
- न्यायखंड
- ज्ञानखंड
जीडीए सहायक अभियंता पीयूष सिंह ने बताया कि इंदिरापुरम योजना नगर निगम के पास नहीं है। जीडीए खुद से ही सीवर लाइन की देखभाल करा रहा है। हर साल सीवर की सफाई और वार्षिक रखरखाव कराया जाता है। इस साल-सफाई और रखरखाव पर 54 लाख रुपये की धनराशि व्यय की जाएगी। तीनों कॉलोनियों की सीवर लाइन की मियाद अभी खत्म नहीं हुई है। इस कारण नई सीवर लाइन डाला जाना संभव नहीं है। कुछ लोग अनावश्यक ही नई सीवर लाइन डालने का दबाव बना रहे हैं।
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