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Ghaziabad News: बंधक बनाकर अंगूठा लगवाने और डेढ़ करोड़ में जमीन बेचने की शिकायत, छह पर रिपोर्ट
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गाजियाबाद। मुरादनगर निवासी एक व्यक्ति ने बंधक बनाकर धोखे से जमीन हड़पने और उसे 1.50 करोड़ रुपये में बेचने की शिकायत की है। पुलिस के सुनवाई नहीं करने पर पीड़ित ने कोर्ट का रुख किया। कोर्ट के आदेश पर थाना सिहानीगेट पुलिस ने आरोपी दिनेश, अंकित, सचिन प्रधान निवासी जलालाबाद, संतोष कुमार दुबे निवासी वैशाली, ट्रांस हिंडन, स्वप्निल तिवारी निवासी भोगवारा, वाराणसी और हुकुम सिंह निवासी सैन विहार, डूंडाहेड़ा के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।
मुरादनगर के जलालाबाद गांव निवासी इकपाल ने बताया कि वह पढ़े-लिखे नहीं हैं। 15 अगस्त 2025 को उनके भाई की मौत के बाद गांव के ही कुछ लोग उन्हें बहला-फुसलाकर बुलंदशहर के चिंगरावठी ले गए और एक डेयरी में बंधक बना लिया। आरोप है कि इसके बाद 19 अगस्त और 29 अक्टूबर 2025 को गवाही और रजिस्ट्री के नाम पर धोखे से उन्हें गाजियाबाद सब-रजिस्ट्रार कार्यालय ले जाया गया। वहां कागजात पर उनके अंगूठे के निशान लगवा लिए गए।
इकपाल की पत्नी कमलेश ने चार नवंबर 2025 को शिकायत दी थी। इसके बाद पुलिस ने 21 नवंबर को मुरादनगर की गंगनहर चौकी के पास से इकपाल को आरोपियों के चंगुल से मुक्त कराया। घर लौटने पर उन्हें पता चला कि फर्जी हिबैनामा (दानपत्र) तैयार कराकर उनकी जमीन हड़प ली गई है। आरोप है कि छह जुलाई 2026 को जमीन को 1.50 करोड़ रुपये में बेच दिया गया। इकपाल ने जुलाई 2026 में मामले की शिकायत पुलिस से की थी, लेकिन कार्रवाई नहीं होने पर कोर्ट का रुख किया।
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एसीपी जियाउद्दीन अहमद ने बताया कि इकपाल ने कब और कहां शिकायत दी थी, इसकी उन्हें जानकारी नहीं है। शिकायतकर्ता से उनकी कभी बात नहीं हुई है। कोर्ट के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज कर शिकायतकर्ता से साक्ष्य मांगे गए हैं। आरोपी पक्ष के भी बयान दर्ज किए जाएंगे। जांच के बाद कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
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मुरादनगर के जलालाबाद गांव निवासी इकपाल ने बताया कि वह पढ़े-लिखे नहीं हैं। 15 अगस्त 2025 को उनके भाई की मौत के बाद गांव के ही कुछ लोग उन्हें बहला-फुसलाकर बुलंदशहर के चिंगरावठी ले गए और एक डेयरी में बंधक बना लिया। आरोप है कि इसके बाद 19 अगस्त और 29 अक्टूबर 2025 को गवाही और रजिस्ट्री के नाम पर धोखे से उन्हें गाजियाबाद सब-रजिस्ट्रार कार्यालय ले जाया गया। वहां कागजात पर उनके अंगूठे के निशान लगवा लिए गए।
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इकपाल की पत्नी कमलेश ने चार नवंबर 2025 को शिकायत दी थी। इसके बाद पुलिस ने 21 नवंबर को मुरादनगर की गंगनहर चौकी के पास से इकपाल को आरोपियों के चंगुल से मुक्त कराया। घर लौटने पर उन्हें पता चला कि फर्जी हिबैनामा (दानपत्र) तैयार कराकर उनकी जमीन हड़प ली गई है। आरोप है कि छह जुलाई 2026 को जमीन को 1.50 करोड़ रुपये में बेच दिया गया। इकपाल ने जुलाई 2026 में मामले की शिकायत पुलिस से की थी, लेकिन कार्रवाई नहीं होने पर कोर्ट का रुख किया।
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एसीपी जियाउद्दीन अहमद ने बताया कि इकपाल ने कब और कहां शिकायत दी थी, इसकी उन्हें जानकारी नहीं है। शिकायतकर्ता से उनकी कभी बात नहीं हुई है। कोर्ट के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज कर शिकायतकर्ता से साक्ष्य मांगे गए हैं। आरोपी पक्ष के भी बयान दर्ज किए जाएंगे। जांच के बाद कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।