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Ghaziabad News: मथुरा टर्मिनल से 5.83 करोड़ के पेट्रोलियम पदार्थ की कथित चोरी में बयान दर्ज
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गाजियाबाद। मथुरा स्थित हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) के टर्मिनल से करीब 5.83 करोड़ रुपये के पेट्रोलियम पदार्थ की कथित चोरी के मामले में सोमवार को सीबीआई की विशेष अदालत में गवाह दिनेश कुमार ने बयान दर्ज कराया। अदालत ने अगली सुनवाई के लिए 27 अगस्त की तारीख तय की।
सीबीआई के मुताबिक, मामले में आपराधिक षड्यंत्र के तहत पेट्रोलियम पदार्थ की अवैध निकासी कर सरकारी खजाने को करोड़ों रुपये की क्षति पहुंचाने का आरोप है। एजेंसी की ओर से अदालत में दाखिल दस्तावेजों के अनुसार, जून 2022 से जनवरी 2024 के बीच मथुरा टर्मिनल से पेट्रोलियम पदार्थ की कथित चोरी से जुड़े 305 मामलों की जांच की गई। इनमें 13 मामलों में जादौन ट्रांसपोर्ट कंपनी के चार टैंकरों के इस्तेमाल की जानकारी सामने आई। इन मामलों में करीब 11 किलोलीटर पेट्रोलियम पदार्थ की कथित चोरी का उल्लेख है।
सीबीआई का आरोप है कि एचपीसीएल कर्मचारियों और ट्रांसपोर्टरों की मिलीभगत से टैंकरों में निर्धारित मात्रा से अधिक पेट्रोलियम पदार्थ भरवाया गया। इसके बाद अतिरिक्त तेल को मथुरा टर्मिनल परिसर से बाहर ले जाने में मदद की गई। कंप्यूटर प्रविष्टियों और कंप्यूटरीकृत स्वचालित प्रणाली में छेड़छाड़ कर कथित चोरी को रिकॉर्ड में छिपाने का भी आरोप लगाया गया है।
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जांच दस्तावेजों में एसआर ट्रेडिंग कंपनी से संबंधित मांग पत्रों में करीब 59 बार हाथ से बदलाव किए जाने का उल्लेख है। एजेंसी का दावा है कि इन बदलावों और अन्य अनियमितताओं के जरिये आरोपियों को लाभ पहुंचाया गया और सरकारी खजाने को आर्थिक नुकसान हुआ। मामले में दो ट्रांसपोर्ट कंपनियों के अलावा राहुल, हेमंत, शिशुपाल और दिनेश प्रताप सिंह समेत कुल आठ आरोपी हैं। अदालत में मामले की सुनवाई और अभियोजन पक्ष के गवाहों के बयान दर्ज कराने की प्रक्रिया जारी है।
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सीबीआई के मुताबिक, मामले में आपराधिक षड्यंत्र के तहत पेट्रोलियम पदार्थ की अवैध निकासी कर सरकारी खजाने को करोड़ों रुपये की क्षति पहुंचाने का आरोप है। एजेंसी की ओर से अदालत में दाखिल दस्तावेजों के अनुसार, जून 2022 से जनवरी 2024 के बीच मथुरा टर्मिनल से पेट्रोलियम पदार्थ की कथित चोरी से जुड़े 305 मामलों की जांच की गई। इनमें 13 मामलों में जादौन ट्रांसपोर्ट कंपनी के चार टैंकरों के इस्तेमाल की जानकारी सामने आई। इन मामलों में करीब 11 किलोलीटर पेट्रोलियम पदार्थ की कथित चोरी का उल्लेख है।
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सीबीआई का आरोप है कि एचपीसीएल कर्मचारियों और ट्रांसपोर्टरों की मिलीभगत से टैंकरों में निर्धारित मात्रा से अधिक पेट्रोलियम पदार्थ भरवाया गया। इसके बाद अतिरिक्त तेल को मथुरा टर्मिनल परिसर से बाहर ले जाने में मदद की गई। कंप्यूटर प्रविष्टियों और कंप्यूटरीकृत स्वचालित प्रणाली में छेड़छाड़ कर कथित चोरी को रिकॉर्ड में छिपाने का भी आरोप लगाया गया है।
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जांच दस्तावेजों में एसआर ट्रेडिंग कंपनी से संबंधित मांग पत्रों में करीब 59 बार हाथ से बदलाव किए जाने का उल्लेख है। एजेंसी का दावा है कि इन बदलावों और अन्य अनियमितताओं के जरिये आरोपियों को लाभ पहुंचाया गया और सरकारी खजाने को आर्थिक नुकसान हुआ। मामले में दो ट्रांसपोर्ट कंपनियों के अलावा राहुल, हेमंत, शिशुपाल और दिनेश प्रताप सिंह समेत कुल आठ आरोपी हैं। अदालत में मामले की सुनवाई और अभियोजन पक्ष के गवाहों के बयान दर्ज कराने की प्रक्रिया जारी है।