{"_id":"6a57ca4c357e0b527a06e8a3","slug":"gbd-ghaziabad-news-c-30-gbd1036-931771-2026-07-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ghaziabad News: लोड बढ़ने के बाद 1.37 लाख उपभोक्ताओं पर सात करोड़ की सिक्योरिटी का बोझ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ghaziabad News: लोड बढ़ने के बाद 1.37 लाख उपभोक्ताओं पर सात करोड़ की सिक्योरिटी का बोझ
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गाजियाबाद। जिले के 1.37 लाख बिजली उपभोक्ताओं के बिल का बोझ इस माह बढ़ गया है। ऊर्जा निगम ने जिन उपभोक्ताओं का बिजली भार (लोड) स्वत: बढ़ाया था, उनके बिलों में बढ़े हुए लोड के अनुसार सिक्योरिटी राशि भी जोड़कर भेज दी है। इससे उपभोक्ताओं को जुलाई में बढ़ा हुआ बिल देना होगा। उपभोक्ताओं को कुल सात करोड़ रुपये से अधिक की अतिरिक्त राशि जमा करनी होगी।
जिले में ऊर्जा निगम के तीनों जोन में घरेलू, व्यावसायिक और औद्योगिक श्रेणी के साढ़े 11 लाख से अधिक बिजली उपभोक्ता हैं। जुलाई में ऊर्जा निगम ने 1.37 लाख उपभोक्ताओं का कुल 1.48 लाख किलोवाट लोड बढ़ाया था। इससे करीब 1.25 लाख घरेलू और शेष व्यावसायिक व अन्य श्रेणी के उपभोक्ता प्रभावित हुए हैं। जून की खपत के आधार पर जुलाई में जारी किए गए बिलों में बढ़े हुए लोड के अनुरूप सिक्योरिटी राशि भी जोड़ दी गई है।
उदाहरण के तौर पर यदि किसी घरेलू उपभोक्ता का बिजली बिल एक हजार रुपये है और उसका लोड एक किलोवाट बढ़ाया गया है तो बिल में करीब 400 रुपये अतिरिक्त सिक्योरिटी जोड़ दी गई है। ऐसे में उसे इस माह 1,400 रुपये का भुगतान करना पड़ रहा है। इस दायरे में 5,500 से अधिक बीपीएल उपभोक्ता भी आए हैं। इन्हें भी बिल के साथ करीब 800 रुपये तक अतिरिक्त सिक्योरिटी जमा करनी पड़ रही है। कई मामलों में सिक्योरिटी की राशि उपभोक्ताओं के मासिक बिजली बिल के बराबर या उससे अधिक हो गई है।
विज्ञापन
उपभोक्ता प्रवीण का कहना है कि पिछले महीने ईंधन अधिभार का 10 फीसदी बोझ डाला गया था और अब लोड बढ़ने के बाद सिक्योरिटी राशि भी जोड़ दी गई है। इससे सीमित आय वाले परिवारों का मासिक बजट प्रभावित हो रहा है।
ऊर्जा निगम जोन-1 के अधीक्षण अभियंता अनिल कुमार सिंह का कहना है कि सिक्योरिटी के रूप में जमा की जाने वाली राशि उपभोक्ता की संपत्ति होती है। इस पर नियमानुसार ब्याज भी मिलता है। कनेक्शन समाप्त होने पर यह राशि वापस कर दी जाती है। इसलिए इसे अतिरिक्त बोझ के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
विज्ञापन
जिले में ऊर्जा निगम के तीनों जोन में घरेलू, व्यावसायिक और औद्योगिक श्रेणी के साढ़े 11 लाख से अधिक बिजली उपभोक्ता हैं। जुलाई में ऊर्जा निगम ने 1.37 लाख उपभोक्ताओं का कुल 1.48 लाख किलोवाट लोड बढ़ाया था। इससे करीब 1.25 लाख घरेलू और शेष व्यावसायिक व अन्य श्रेणी के उपभोक्ता प्रभावित हुए हैं। जून की खपत के आधार पर जुलाई में जारी किए गए बिलों में बढ़े हुए लोड के अनुरूप सिक्योरिटी राशि भी जोड़ दी गई है।
विज्ञापन
उदाहरण के तौर पर यदि किसी घरेलू उपभोक्ता का बिजली बिल एक हजार रुपये है और उसका लोड एक किलोवाट बढ़ाया गया है तो बिल में करीब 400 रुपये अतिरिक्त सिक्योरिटी जोड़ दी गई है। ऐसे में उसे इस माह 1,400 रुपये का भुगतान करना पड़ रहा है। इस दायरे में 5,500 से अधिक बीपीएल उपभोक्ता भी आए हैं। इन्हें भी बिल के साथ करीब 800 रुपये तक अतिरिक्त सिक्योरिटी जमा करनी पड़ रही है। कई मामलों में सिक्योरिटी की राशि उपभोक्ताओं के मासिक बिजली बिल के बराबर या उससे अधिक हो गई है।
विज्ञापन
उपभोक्ता प्रवीण का कहना है कि पिछले महीने ईंधन अधिभार का 10 फीसदी बोझ डाला गया था और अब लोड बढ़ने के बाद सिक्योरिटी राशि भी जोड़ दी गई है। इससे सीमित आय वाले परिवारों का मासिक बजट प्रभावित हो रहा है।
ऊर्जा निगम जोन-1 के अधीक्षण अभियंता अनिल कुमार सिंह का कहना है कि सिक्योरिटी के रूप में जमा की जाने वाली राशि उपभोक्ता की संपत्ति होती है। इस पर नियमानुसार ब्याज भी मिलता है। कनेक्शन समाप्त होने पर यह राशि वापस कर दी जाती है। इसलिए इसे अतिरिक्त बोझ के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।