{"_id":"6a5535944173752c7e0ab7cd","slug":"gbd-ghaziabad-news-c-30-gbd1036-930123-2026-07-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ghaziabad News: ईंधन अधिभार हुआ कम, उपभोक्ताओं को हुआ साढ़े 19 करोड़ का फायदा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ghaziabad News: ईंधन अधिभार हुआ कम, उपभोक्ताओं को हुआ साढ़े 19 करोड़ का फायदा
विज्ञापन
गाजियाबाद। जिले के बिजली उपभोक्ताओं को इस बार ऊर्जा निगम ने राहत देने का काम किया है। जुलाई में ईंधन अधिभार 4.43 फीसदी कम होने की वजह से इस बार उपभोक्ताओं को साढ़े 19 करोड़ रुपये से ज्यादा का फायदा हुआ है। यानी उपभोक्ताओं को इस बार इतनी राशि कम चुकानी पड़ रही है।
ऊर्जा निगम के अफसरों का दावा है कि मई और जून में बिजली उपभोक्ताओं को यह दोहरा फायदा हुआ है। मई और जून के महीने में उपभोक्ताओं को सिक्योरिटी राशि पर ब्याज भी दिया गया है। यह राशि बिल में कम करके भेजी गई है। मई के महीने में ऊर्जा निगम ने 10 फीसदी ईंधन अधिभार जोड़कर भेजा था। इसलिए जून में उपभोक्ताओं को 45 करोड़ की राशि अतिरिक्त चुकानी पड़ती थी। जिस उपभोक्ता का बिल एक हजार आ रहा था, उसका बिल 1100 का आया। इसी बीच जून के जो बिल जुलाई के महीने में भेजे गए हैं, उनके बिलों में ईंधन अधिभार 4.43 फीसदी कम करके भेजा गया है। ऊर्जा निगम के अफसरों की मानें तो जिस उपभोक्ता का बिल एक हजार आ रहा था, उसका इस बार करीब 44 रुपये कम करके आया है। विदित हो कि जिले के तीनों जोन में घरेलू, व्यावसायिक, औद्योगिक समेत अन्य विधाओं के साढ़े 11 लाख से अधिक उपभोक्ता हैं। इन उपभोक्ताओं से प्रतिमाह निगम को करीब 450 करोड़ का राजस्व मिलता है। ऊर्जा निगम के अधीक्षण अभियंता अनिल कुमार सिंह ने बताया कि अभी सभी उपभोक्ताओं के बिल जमा नहीं हुए हैं। महीने के अंत तक बिल जमा होंगे, इसके बाद अनुमान है कि ईंधन अधिभार कम होने की वजह से इन उपभोक्ताओं पर साढ़े 19 करोड़ का बोझ कम पड़ेगा।
औद्योगिक क्षेत्रों की सप्लाई को मजबूत करने पर काम कर रहा निगम
ऊर्जा निगम इस बार औद्योगिक इलाकों की सप्लाई को मजबूत करने का खाका तैयार कर रहा है। इसके लिए निगम की तकनीकी टीम ने सर्वे शुरू करा दिया है। ऊर्जा निगम जोन दो के मुख्य अभियंता नरेश भारती ने बताया कि उद्यमियों को निर्बाध आपूर्ति के लिए निगम गंभीर है। इसलिए दूसरा बिजनेस प्लान तैयार किया जा रहा है। इसमें देखा जाएगा कि कितनी क्षमता के ट्रांसफार्मर, लाइन और अन्य संसाधन मजबूत हैं। इसमें उद्यमियों के साथ बैठक भी की जाएगी। उनसे पूछा जाएगा कि उनको किस तरह की समस्या आ रही है। उसके समाधान के लिए क्या प्रयास किए जा सकते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
ऊर्जा निगम के अफसरों का दावा है कि मई और जून में बिजली उपभोक्ताओं को यह दोहरा फायदा हुआ है। मई और जून के महीने में उपभोक्ताओं को सिक्योरिटी राशि पर ब्याज भी दिया गया है। यह राशि बिल में कम करके भेजी गई है। मई के महीने में ऊर्जा निगम ने 10 फीसदी ईंधन अधिभार जोड़कर भेजा था। इसलिए जून में उपभोक्ताओं को 45 करोड़ की राशि अतिरिक्त चुकानी पड़ती थी। जिस उपभोक्ता का बिल एक हजार आ रहा था, उसका बिल 1100 का आया। इसी बीच जून के जो बिल जुलाई के महीने में भेजे गए हैं, उनके बिलों में ईंधन अधिभार 4.43 फीसदी कम करके भेजा गया है। ऊर्जा निगम के अफसरों की मानें तो जिस उपभोक्ता का बिल एक हजार आ रहा था, उसका इस बार करीब 44 रुपये कम करके आया है। विदित हो कि जिले के तीनों जोन में घरेलू, व्यावसायिक, औद्योगिक समेत अन्य विधाओं के साढ़े 11 लाख से अधिक उपभोक्ता हैं। इन उपभोक्ताओं से प्रतिमाह निगम को करीब 450 करोड़ का राजस्व मिलता है। ऊर्जा निगम के अधीक्षण अभियंता अनिल कुमार सिंह ने बताया कि अभी सभी उपभोक्ताओं के बिल जमा नहीं हुए हैं। महीने के अंत तक बिल जमा होंगे, इसके बाद अनुमान है कि ईंधन अधिभार कम होने की वजह से इन उपभोक्ताओं पर साढ़े 19 करोड़ का बोझ कम पड़ेगा।
विज्ञापन
औद्योगिक क्षेत्रों की सप्लाई को मजबूत करने पर काम कर रहा निगम
ऊर्जा निगम इस बार औद्योगिक इलाकों की सप्लाई को मजबूत करने का खाका तैयार कर रहा है। इसके लिए निगम की तकनीकी टीम ने सर्वे शुरू करा दिया है। ऊर्जा निगम जोन दो के मुख्य अभियंता नरेश भारती ने बताया कि उद्यमियों को निर्बाध आपूर्ति के लिए निगम गंभीर है। इसलिए दूसरा बिजनेस प्लान तैयार किया जा रहा है। इसमें देखा जाएगा कि कितनी क्षमता के ट्रांसफार्मर, लाइन और अन्य संसाधन मजबूत हैं। इसमें उद्यमियों के साथ बैठक भी की जाएगी। उनसे पूछा जाएगा कि उनको किस तरह की समस्या आ रही है। उसके समाधान के लिए क्या प्रयास किए जा सकते हैं।
विज्ञापन