फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Ghaziabad News ›   gbd

Ghaziabad News: बुजुर्ग महिला को डिजिटल अरेस्ट कर 12 लाख ठगे

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Thu, 28 May 2026 12:05 AM IST
विज्ञापन
gbd
गाजियाबाद। कविनगर के गोविंदपुरम में रहने वाली 76 वर्षीय घरेलू महिला को साइबर ठगों ने अपना शिकार बनाया। ठगों ने महिला का आधार कार्ड आतंकवाद से जुड़ा होने का भय दिखाया। साइबर ठगों ने पीड़िता को डिजिटल अरेस्ट किया और 23 दिनों तक मानसिक उत्पीड़न कर 12 लाख रुपये अलग-अलग दिनों में ट्रांसफर कराए। पीड़िता ने साइबर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है।
विज्ञापन


एडीसीपी अपराध पीयूष कुमार सिंह ने बताया कि सुरजीत कौर सोढ़ी के मुताबिक 13 मार्च 2026 को उनके मोबाइल पर वाट्सएप काल आई। काल करने वाले ने खुद को साइबर क्राइम जांच एजेंसी का अधिकारी बताया और कहा कि उनका आधार कार्ड आतंकवाद से जुड़ी गतिविधियों में इस्तेमाल हुआ है। मुंबई में उनके नाम पर छह करोड़ रुपये की धोखाधड़ी हुई है। ठगों ने महिला को वीडियो काल पर डिजिटल अरेस्ट कर लिया और किसी से बात करने से मना कर दिया।
विज्ञापन

विरोध न करने पर जांच में सहयोग करने और विरोध करने पर गिरफ्तार कर जेल भेजने की धमकी दी। धमकी दी कि उनके आधार कार्ड से जितनी धनराशि की धोखाधड़ी हुई है वह उनके बताए खाते में जमा करनी होगी। जो जांच के बाद वापस मिल जाएगी। साइबर ठगों के झांसे में आकर 16 मार्च 2026 को छह लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद 19 मार्च को फिर चार लाख रुपये दूसरे खाते ट्रांसफर किए। आरोपियों ने छह अप्रैल को दोबारा काल कर एफडी तुड़वाने और और पैसा भेजने का दबाव बनाया। महिला ने एफडी पर ऋण लेकर दो लाख रुपये और ट्रांसफर कर दिए। इस तरह महिला से कुल 12 लाख रुपये की ठगी की गई। जब महिला को शक हुआ तो उन्होंने साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत की। साइबर क्राइम पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। एडीसीपी अपराध ने बताया कि मोबाइल नंबर और धनराशि की ट्रांजक्शन के आधार पर आरोपियों की जांच की जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

ठगों ने सेवानिवृत्त सैनिक सहित दो लोगों से 62 लाख ठगे

साइबर ठगों ने शेयर ट्रेडिंग में मोटा मुनाफा दिलाने का झांसा देकर एक सेवानिवृत्त सैनिक से 31.54 लाख रुपये की ठगी कर ली। एडीसीपी पीयूष कुमार सिंह ने बताया कि राजनगर एक्सटेंशन निवासी 68 वर्षीय दान सिंह नेगी के मुताबिक उन्होंने फेसबुक पर शेयर ट्रेडिंग से जुड़ा एक विज्ञापन देखा, जो क्वांटम एआई नामक कंपनी से संबंधित था। इसके बाद विदेशी नंबरों से वाट्सएप काल और मैसेज आने शुरू हो गए। ठगों ने खुद को यूनाइटेड किंगडम की निवेश कंपनी का प्रतिनिधि बताया। पीड़ित का कहना है कि आरोपियों ने उन्हें एक लिंक भेजकर प्रोफाइल आईडी बनवाई और अलग-अलग बैंक खातों में निवेश के नाम पर रकम जमा करानी शुरू कर दी। शुरुआत में मुनाफे का भरोसा दिलाया गया। जब उन्होंने डी-मैट खाते से रुपये निकालने का प्रयास किया तो असफल रहे। ठगों ने कभी बैंक प्रोसेसिंग फीस तो कभी टॉस्क कम होने का झांसा देकर धनराशि ट्रांसफर कराई। इसके बावजूद भी ठगों ने झांसा दिया कि उनका फंड यूके से भारत ट्रांसफर किया जा रहा है और खाते से निकालने के लिए अतिरिक्त भुगतान करना होगा। इसके बाद उन्हें शक हुआ। पीड़ित ने साइबर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है।
घर बैठे पैसे कमाने का लालच देकर 30.87 लाख रुपये ठगे

इंदिरापुरम निवासी धीरज सक्सेना के मुताबिक आठ मार्च को वह इंस्टाग्राम पर पोस्ट देख रही थीं। इस दौरान उन्हें वर्क फ्राम होम का विज्ञापन दिखाई दिया। लिंक पर क्लिक करते ही कई मोबाइल नंबरों से वाट्सएप संदेश आने लगे। इन संदेशों में महिला को कंपनी के प्रोडक्ट की आनलाइन रिव्यू और टास्क पूरा करने पर पैसे कमाने का लालच दिया गया। आरोपियों ने एक वेबसाइट पर रजिस्ट्रेशन कराया और अलग-अलग टास्क के नाम पर रकम जमा करानी शुरू कर दी। शुरुआत में छोटे अमाउंट ट्रांसफर कराने के बाद महिला को कुछ रकम वापस भी मिली। इससे उनका भरोसा बढ़ता चला गया। बाद में अधिक मुनाफे का लालच देकर लगातार बड़ी रकम जमा कराई जाती रही। महिला ने अलग-अलग खातों में लाखों रुपये ट्रांसफर कर दिए। जब तक ठगी का एहसास होता तब तक महिला लगभग 30.87 लाख रुपये आरोपियों के खातों में भेज चुकी थी। पीड़ित ने साइबर पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई है।

साइबर ठगी से बचने के उपाय
एडीसीपी पीयूष कुमार सिंह ने बताया कि कोई भी जांच एजेंसी (जैसे पुलिस, ईडी, सीबीआई) वीडियो कॉल पर पूछताछ या गिरफ्तारी नहीं करती। ऐसी कॉल आने पर तुरंत कॉल काट दें। अपना बैंक पासवर्ड, पिन या कोई भी ओटीपी किसी के साथ कभी शेयर न करें, चाहे वह खुद को बैंक का अधिकारी ही क्यों न बता रहा हो। अनजान नंबरों से आए किसी भी लुभावने ऑफर, लॉटरी या बिजली बिल अपडेट के लिंक पर क्लिक न करें। अपने आधार कार्ड नंबर को हर जगह शेयर न करें। यूआईडीएआई की वेबसाइट या एमआधार एप का उपयोग करके अपने बायोमैट्रिक्स (फिंगरप्रिंट/आंखों की स्कैनिंग) को लॉक करके रखें। किसी भी व्यक्ति से पैसे प्राप्त करने के लिए कभी भी क्यूआर कोड स्कैन न करें या अपना यूपीआई पिन दर्ज न करें। पिन केवल पैसे भेजने के लिए होता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed