{"_id":"6a988709abea6a0d46045015","slug":"gbd-ghaziabad-news-c-30-gbd1016-968050-2026-09-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ghaziabad News: एमएमजी अस्पताल में एक्स-रे मशीन खराब, 200 मरीज बिना जांच लौटे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ghaziabad News: एमएमजी अस्पताल में एक्स-रे मशीन खराब, 200 मरीज बिना जांच लौटे
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गाजियाबाद। एमएमजी अस्पताल में बुधवार को एक्स-रे मशीन खराब होने से मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। सुबह करीब 30 मिनट चलने के बाद मशीन ने काम करना बंद कर दिया। इस दौरान करीब 50 मरीजों का ही एक्स-रे हो सका। इसके बाद पहुंचे करीब लगभग 200 मरीजों को बिना एक्स-रे कराए लौटना पड़ा। डॉक्टरों की सलाह पर जांच कराने पहुंचे मरीजों को मजबूरी में निजी सेंटरों का रुख करना पड़ा, जहां एक एक्स-रे के लिए 400 से 500 रुपये तक खर्च करने पड़े।
अस्पताल की ओपीडी में डॉक्टर को दिखाने के बाद बड़ी संख्या में मरीज एक्स-रे कराने पहुंचते हैं। बुधवार को भी एक्स-रे कक्ष के बाहर मरीजों की लंबी कतार लगी थी। मशीन में तकनीकी खराबी आने के बाद जांच प्रक्रिया पूरी तरह ठप हो गई। कुछ मरीज मशीन ठीक होने का इंतजार करते रहे, जबकि कई मरीजों को बिना जांच कराए ही लौटना पड़ा।
-- --
केस-1 : निजी सेंटर में खर्च किए 450 रुपये
भीमनगर से इलाज कराने आए राहुल के पैर में चोट लगी थी। डॉक्टर ने उसे एक्स-रे कराने की सलाह दी थी। एक्स-रे कक्ष के बाहर काफी देर इंतजार करने के बाद उसे मशीन खराब होने की जानकारी मिली। अस्पताल में जांच नहीं हो सकी तो उसे निजी सेंटर जाना पड़ा। वहां एक्स-रे कराने के लिए करीब 450 रुपये देने पड़े। राहुल ने कहा कि सरकारी अस्पताल में इलाज कराने के बावजूद एक जांच के लिए अतिरिक्त रकम खर्च करनी पड़ी।
विज्ञापन
-- --
केस-2 : अस्पताल में नहीं हुआ एक्स-रे, निजी सेंटर जाना पड़ा
विजयनगर निवासी एक महिला को सीने में दर्द और लगातार खांसी की शिकायत थी। डॉक्टर ने एक्स-रे कराने की सलाह दी थी। महिला जांच के लिए पहुंची तो मशीन बंद मिली। काफी देर इंतजार के बाद भी मशीन शुरू नहीं हुई। इसके बाद उसे निजी जांच केंद्र जाना पड़ा, जहां एक्स-रे के लिए करीब 500 रुपये खर्च हुए। महिला ने कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों के लिए इस तरह बाहर से जांच कराना मुश्किल है।
-- --
जल्द ठीक कराने का दावा
एमएमजी अस्पताल के सीएमएस डॉ. राकेश ने बताया कि एक्स-रे मशीन में तकनीकी खराबी आई है। इसे ठीक कराने का प्रयास किया जा रहा है। जल्द ही मशीन को दुरुस्त कर जांच सुविधा दोबारा शुरू कराने की कोशिश की जा रही है।
विज्ञापन
अस्पताल की ओपीडी में डॉक्टर को दिखाने के बाद बड़ी संख्या में मरीज एक्स-रे कराने पहुंचते हैं। बुधवार को भी एक्स-रे कक्ष के बाहर मरीजों की लंबी कतार लगी थी। मशीन में तकनीकी खराबी आने के बाद जांच प्रक्रिया पूरी तरह ठप हो गई। कुछ मरीज मशीन ठीक होने का इंतजार करते रहे, जबकि कई मरीजों को बिना जांच कराए ही लौटना पड़ा।
विज्ञापन
केस-1 : निजी सेंटर में खर्च किए 450 रुपये
भीमनगर से इलाज कराने आए राहुल के पैर में चोट लगी थी। डॉक्टर ने उसे एक्स-रे कराने की सलाह दी थी। एक्स-रे कक्ष के बाहर काफी देर इंतजार करने के बाद उसे मशीन खराब होने की जानकारी मिली। अस्पताल में जांच नहीं हो सकी तो उसे निजी सेंटर जाना पड़ा। वहां एक्स-रे कराने के लिए करीब 450 रुपये देने पड़े। राहुल ने कहा कि सरकारी अस्पताल में इलाज कराने के बावजूद एक जांच के लिए अतिरिक्त रकम खर्च करनी पड़ी।
विज्ञापन
केस-2 : अस्पताल में नहीं हुआ एक्स-रे, निजी सेंटर जाना पड़ा
विजयनगर निवासी एक महिला को सीने में दर्द और लगातार खांसी की शिकायत थी। डॉक्टर ने एक्स-रे कराने की सलाह दी थी। महिला जांच के लिए पहुंची तो मशीन बंद मिली। काफी देर इंतजार के बाद भी मशीन शुरू नहीं हुई। इसके बाद उसे निजी जांच केंद्र जाना पड़ा, जहां एक्स-रे के लिए करीब 500 रुपये खर्च हुए। महिला ने कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों के लिए इस तरह बाहर से जांच कराना मुश्किल है।
जल्द ठीक कराने का दावा
एमएमजी अस्पताल के सीएमएस डॉ. राकेश ने बताया कि एक्स-रे मशीन में तकनीकी खराबी आई है। इसे ठीक कराने का प्रयास किया जा रहा है। जल्द ही मशीन को दुरुस्त कर जांच सुविधा दोबारा शुरू कराने की कोशिश की जा रही है।