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Ghaziabad News: शेयर ट्रेडिंग के झांसे में फंसकर रिटायर्ड अधिकारी ने गंवाए डेढ़ करोड़
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गाजियाबाद। शेयर ट्रेडिंग में मोटा मुनाफा कमाने का लालच एक सेवानिवृत्त अधिकारी को भारी पड़ गया। साइबर ठगों ने फर्जी निवेश कंपनियों और व्हाट्सएप ग्रुप के जरिये उन्हें झांसे में लेकर 22 दिनों में करीब डेढ़ करोड़ रुपये की ठगी कर ली। पीड़ित की शिकायत पर साइबर क्राइम थाना पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
एडीसीपी अपराध पीयूष कुमार सिंह ने बताया कि राजनगर एक्सटेंशन स्थित अग्रवाल हाईट्स सोसायटी निवासी नरेंद्र कुमार इंडियन ऑर्डनेंस फैक्टरीज सर्विस (आईओएफएस) से सेवानिवृत्त हैं। सेवानिवृत्ति के बाद अतिरिक्त आय के उद्देश्य से उन्होंने शेयर ट्रेडिंग में निवेश करने की इच्छा जताई। इसी दौरान उन्हें व्हाट्सएप लिंक के माध्यम से यूपीस्टॉक्स सिक्योरिटीज (डीएमए), फिडेलिटी इंटरनेशनल और जूलियस बेयर वेल्थ एडवाइजर्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के नाम से संचालित फर्जी संस्थाओं से जोड़ा गया।
ठगों ने निवेश पर भारी मुनाफे का भरोसा दिलाते हुए अलग-अलग कंपनियों में पैसा लगवाया। इसके बाद ब्रोकरेज, आयकर, वीआईपी ट्रांसफर और अन्य शुल्कों के नाम पर लगातार रकम जमा कराई। पीड़ित ने यूपीस्टॉक्स में करीब 85 लाख रुपये, फिडेलिटी इंटरनेशनल में 61 लाख रुपये और जूलियस बेयर के नाम पर 3.80 लाख रुपये जमा किए। 16 जून से आठ जुलाई 2026 के बीच 32 ट्रांजेक्शन के जरिये उनसे करीब डेढ़ करोड़ रुपये ठग लिए गए।
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नरेंद्र कुमार ने निवेश की रकम निकालने की कोशिश की तो खाते की सुरक्षा और निगरानी जांच का हवाला देकर उनसे और पैसे मांगे गए। तब उन्हें अपने साथ हुई ठगी का अहसास हुआ। पीड़ित का कहना है कि इस धोखाधड़ी में उनकी पूरी सेवानिवृत्ति की बचत, शेयर और सोना तक खत्म हो गया।
ऐसे रचा ठगी का जाल
साइबर ठगों ने 150 से अधिक सदस्यों वाले व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर निवेश का माहौल तैयार किया। इनमें अधिकांश सदस्य फर्जी थे। कुछ महिला सदस्यों ने भी भारी मुनाफा मिलने का दावा कर शिकायतकर्ता का भरोसा जीता। अदिति वर्मा, रवि कुमार, रिया अय्यर, एंड्रयू वेल्स, सोनल जगन्नाथ नायक और कुणाल सुमाया जैसे नामों का इस्तेमाल करते हुए ठगों ने फर्जी आईपीओ आवंटन और बीटीएसटी ट्रेडिंग का दिखावा किया और लगातार निवेश के लिए प्रेरित करते रहे।पीड़ित ने 20 जुलाई 2026 को राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने के बाद गाजियाबाद साइबर क्राइम थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस आरोपियों की पहचान कर रकम की रिकवरी का प्रयास कर रही है।
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एडीसीपी अपराध पीयूष कुमार सिंह ने बताया कि राजनगर एक्सटेंशन स्थित अग्रवाल हाईट्स सोसायटी निवासी नरेंद्र कुमार इंडियन ऑर्डनेंस फैक्टरीज सर्विस (आईओएफएस) से सेवानिवृत्त हैं। सेवानिवृत्ति के बाद अतिरिक्त आय के उद्देश्य से उन्होंने शेयर ट्रेडिंग में निवेश करने की इच्छा जताई। इसी दौरान उन्हें व्हाट्सएप लिंक के माध्यम से यूपीस्टॉक्स सिक्योरिटीज (डीएमए), फिडेलिटी इंटरनेशनल और जूलियस बेयर वेल्थ एडवाइजर्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के नाम से संचालित फर्जी संस्थाओं से जोड़ा गया।
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ठगों ने निवेश पर भारी मुनाफे का भरोसा दिलाते हुए अलग-अलग कंपनियों में पैसा लगवाया। इसके बाद ब्रोकरेज, आयकर, वीआईपी ट्रांसफर और अन्य शुल्कों के नाम पर लगातार रकम जमा कराई। पीड़ित ने यूपीस्टॉक्स में करीब 85 लाख रुपये, फिडेलिटी इंटरनेशनल में 61 लाख रुपये और जूलियस बेयर के नाम पर 3.80 लाख रुपये जमा किए। 16 जून से आठ जुलाई 2026 के बीच 32 ट्रांजेक्शन के जरिये उनसे करीब डेढ़ करोड़ रुपये ठग लिए गए।
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नरेंद्र कुमार ने निवेश की रकम निकालने की कोशिश की तो खाते की सुरक्षा और निगरानी जांच का हवाला देकर उनसे और पैसे मांगे गए। तब उन्हें अपने साथ हुई ठगी का अहसास हुआ। पीड़ित का कहना है कि इस धोखाधड़ी में उनकी पूरी सेवानिवृत्ति की बचत, शेयर और सोना तक खत्म हो गया।
ऐसे रचा ठगी का जाल
साइबर ठगों ने 150 से अधिक सदस्यों वाले व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर निवेश का माहौल तैयार किया। इनमें अधिकांश सदस्य फर्जी थे। कुछ महिला सदस्यों ने भी भारी मुनाफा मिलने का दावा कर शिकायतकर्ता का भरोसा जीता। अदिति वर्मा, रवि कुमार, रिया अय्यर, एंड्रयू वेल्स, सोनल जगन्नाथ नायक और कुणाल सुमाया जैसे नामों का इस्तेमाल करते हुए ठगों ने फर्जी आईपीओ आवंटन और बीटीएसटी ट्रेडिंग का दिखावा किया और लगातार निवेश के लिए प्रेरित करते रहे।पीड़ित ने 20 जुलाई 2026 को राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने के बाद गाजियाबाद साइबर क्राइम थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस आरोपियों की पहचान कर रकम की रिकवरी का प्रयास कर रही है।