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Ghaziabad News: पीएमओ तक पहुंची गौर ग्रीन एवेन्यू की आग, केस की मांग
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इंदिरापुरम। अभयखंड-2 स्थित गौर ग्रीन एवेन्यू सोसायटी में 29 अप्रैल को लगी भीषण आग का मामला अब प्रधानमंत्री कार्यालय तक पहुंच गया है। हादसे में डी टावर का फ्लैट नंबर 1143 पूरी तरह जलकर राख हो गया था।
फ्लैट मालिक आर्किटेक्ट रजनीश कुमार राघव ने प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, डीएम और पुलिस कमिश्नर को लिखित शिकायत भेजकर सोसायटी आरडब्ल्यूए के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी कि कार्रवाई न होने पर वे कोर्ट जाएंगे।
शिकायत में रजनीश ने गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। उनके अनुसार सोसायटी में फायर फाइटिंग सिस्टम पूरी तरह फेल था। हादसे के वक्त फायर अलार्म नहीं बजा, अग्निशमन उपकरण निष्क्रिय थे और फायर लाइन में पानी का प्रेशर भी नहीं था।
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सबसे बड़ा आरोप यह है कि डी टावर के पास अवैध निर्माण के कारण दमकल की गाड़ियां मौके तक नहीं पहुंच पाईं। आरडब्ल्यूए ने निर्माण हटाने से मना कर दिया और बाहर खड़ी जेसीबी को भी अंदर नहीं आने दिया।
29 अप्रैल की सुबह लगी आग में डी टावर के 22 फ्लैट चपेट में आए थे, जिनमें से सात फ्लैट पूरी तरह जल गए। पीड़ित रजनीश ने बताया कि हादसे के 14 दिन बाद अब वे परिवार समेत किराये के मकान में शिफ्ट हुए हैं।
उन्होंने आरडब्ल्यूए के खिलाफ आपराधिक लापरवाही का केस दर्ज करने, अवैध निर्माण ढहाने और जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
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फ्लैट मालिक आर्किटेक्ट रजनीश कुमार राघव ने प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, डीएम और पुलिस कमिश्नर को लिखित शिकायत भेजकर सोसायटी आरडब्ल्यूए के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी कि कार्रवाई न होने पर वे कोर्ट जाएंगे।
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शिकायत में रजनीश ने गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। उनके अनुसार सोसायटी में फायर फाइटिंग सिस्टम पूरी तरह फेल था। हादसे के वक्त फायर अलार्म नहीं बजा, अग्निशमन उपकरण निष्क्रिय थे और फायर लाइन में पानी का प्रेशर भी नहीं था।
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सबसे बड़ा आरोप यह है कि डी टावर के पास अवैध निर्माण के कारण दमकल की गाड़ियां मौके तक नहीं पहुंच पाईं। आरडब्ल्यूए ने निर्माण हटाने से मना कर दिया और बाहर खड़ी जेसीबी को भी अंदर नहीं आने दिया।
29 अप्रैल की सुबह लगी आग में डी टावर के 22 फ्लैट चपेट में आए थे, जिनमें से सात फ्लैट पूरी तरह जल गए। पीड़ित रजनीश ने बताया कि हादसे के 14 दिन बाद अब वे परिवार समेत किराये के मकान में शिफ्ट हुए हैं।
उन्होंने आरडब्ल्यूए के खिलाफ आपराधिक लापरवाही का केस दर्ज करने, अवैध निर्माण ढहाने और जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।