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Ghaziabad News: दोस्तों ने की थी तरुण की हत्या...कैमरे से खुला राज
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लोनी। बॉर्डर थाना क्षेत्र की हनुमान वाटिका कॉलोनी में की गई मजदूर तरुण कुमार (26) की हत्या के मामले का पुलिस ने खुलासा हो जाने का दावा किया है। पुलिस का कहना है कि हत्या तरुण के दो दोस्तों ने की थी। दोनों सीसीटीवी कैमरे में जाते नजर आए। इसके आधार पर दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया। उन्होंने पूछताछ में बताया है कि तरुण से नशे के लिए रुपये मांग रहे थे। उसने नहीं दिए तो ईंट से प्रहार कर मार डाला। पुलिस ने उनके पास से तरुण का मोबाइल फोन भी बरामद कर लिया है।
डीसीपी ग्रामीण सुरेंद्रनाथ तिवारी ने बताया कि तरुण के परिजनों ने पहले गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस उनकी तलाश कर ही रही थी कि 29 अगस्त को हनुमान वाटिका में शव बरामद हुआ। यह सड़ी गली हालत में था और दुर्गंध आ रही थी। चेहरा पहचान में नहीं आ रहा था। यह शव तरुण के पिता ... को दिखाया गया।
वह देखते ही फूट-फूटकर रोने लगे। शव उनके बेटे का ही था। वहां से उनके घर ही दूरी 50 मीटर ही थी। शव को देखकर ऐसा नहीं लग रहा था कि तरुण की हत्या की गई है, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पता चला कि उनकी जान ईंट से प्रहार करके ली गई। शरीर पर कई जगह चोट के निशान मिले। इसके बाद पुलिस ने हत्या के कोण पर जांच शुरू की।
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तरुण के साथ जाते नजर आए दोस्त
पुलिस ने हत्या का केस दर्ज करने के बाद घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। एक में तरुण के साथ दो दोस्त नजर आए। पुलिस दोनों के घर पहुंचे। दोनों घर से फरार थे। इससे शक और गहरा दिया। डीसीपी ने बताया कि पुलिस ने कई जगह दबिश दी। इसमें अजय कुमार उर्फ जय कुमार निवासी गांव सिकरानी थाना लोनी व ईशू राजपूत उर्फ विजय निवासी अमर विहार कॉलोनी को गिरफ्तार किया। दोनों ने बताया कि 29 अगस्त को वे दोनों तरुण के साथ हनुमान वाटिका कॉलोनी के खंडहर में शराब पी रहे थे। उन दोनों को और शराब पीनी थी। इसके लिए तरुण से पैसे मांगे। उसने इनकार कर दिया और अपशब्द कहने लगा। इसी गुस्से में ईंट से प्रहार कर उसकी जान ले ली। दोनों मजदूरी करते हैं।
चप्पल और कपड़ों से की पहचान
पुलिस ने बताया कि हत्या के दोनों आरोपियों ने सीसीटीवी फुटेज में हत्या के आरोपियों के कपड़े और चप्पल भी नजर आ रही थीं। पुलिस ने जब उन्हें गिरफ्तार किया, तब भी उन्होंने वही चप्पल और कपड़े पहन रखे थे। उन्होंने बताया कि हत्या के बाद वे दोनों भाग गए थे। उन्होंने सोचा था कि शव खंडहर में पड़ा है। किसी को पता नहीं चलेगा।
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डीसीपी ग्रामीण सुरेंद्रनाथ तिवारी ने बताया कि तरुण के परिजनों ने पहले गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस उनकी तलाश कर ही रही थी कि 29 अगस्त को हनुमान वाटिका में शव बरामद हुआ। यह सड़ी गली हालत में था और दुर्गंध आ रही थी। चेहरा पहचान में नहीं आ रहा था। यह शव तरुण के पिता ... को दिखाया गया।
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वह देखते ही फूट-फूटकर रोने लगे। शव उनके बेटे का ही था। वहां से उनके घर ही दूरी 50 मीटर ही थी। शव को देखकर ऐसा नहीं लग रहा था कि तरुण की हत्या की गई है, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पता चला कि उनकी जान ईंट से प्रहार करके ली गई। शरीर पर कई जगह चोट के निशान मिले। इसके बाद पुलिस ने हत्या के कोण पर जांच शुरू की।
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तरुण के साथ जाते नजर आए दोस्त
पुलिस ने हत्या का केस दर्ज करने के बाद घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। एक में तरुण के साथ दो दोस्त नजर आए। पुलिस दोनों के घर पहुंचे। दोनों घर से फरार थे। इससे शक और गहरा दिया। डीसीपी ने बताया कि पुलिस ने कई जगह दबिश दी। इसमें अजय कुमार उर्फ जय कुमार निवासी गांव सिकरानी थाना लोनी व ईशू राजपूत उर्फ विजय निवासी अमर विहार कॉलोनी को गिरफ्तार किया। दोनों ने बताया कि 29 अगस्त को वे दोनों तरुण के साथ हनुमान वाटिका कॉलोनी के खंडहर में शराब पी रहे थे। उन दोनों को और शराब पीनी थी। इसके लिए तरुण से पैसे मांगे। उसने इनकार कर दिया और अपशब्द कहने लगा। इसी गुस्से में ईंट से प्रहार कर उसकी जान ले ली। दोनों मजदूरी करते हैं।
चप्पल और कपड़ों से की पहचान
पुलिस ने बताया कि हत्या के दोनों आरोपियों ने सीसीटीवी फुटेज में हत्या के आरोपियों के कपड़े और चप्पल भी नजर आ रही थीं। पुलिस ने जब उन्हें गिरफ्तार किया, तब भी उन्होंने वही चप्पल और कपड़े पहन रखे थे। उन्होंने बताया कि हत्या के बाद वे दोनों भाग गए थे। उन्होंने सोचा था कि शव खंडहर में पड़ा है। किसी को पता नहीं चलेगा।