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Ghaziabad News: यूएसए शेयर बाजार में निवेश कराकर 36.97 लाख रुपये की ठगी
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गाजियाबाद।
ट्रांस हिंडन क्षेत्र के शालीमार गार्डन के विक्रम एनक्लेव निवासी प्रदीप कुमार सोनी से साइबर ठगों ने भारतीय और यूएसए शेयर बाजार में निवेश कराकर 36.97 लाख रुपये की ठगी कर ली। साइबर ठगों ने फर्जी एप के जरिए मात्र 18 दिनों में ठगी की वारदात को अंजाम दिया। प्रदीप कुमार सोनी लगातार निवेश करते रहे, इसके लिए ठगों ने उनके बैंक खाते में 74 लाख रुपये की फर्जी ट्रांजक्शन भी की। खाते से रुपये न निकलने पर पीड़ित को साइबर ठगी का अहसास हुआ। पीड़ित ने साइबर थाने में मुकदमा दर्ज कराया है।
एडीसीपी अपराध पीयूष कुमार सिंह ने बताया कि प्रदीप कुमार सोनी के मुताबिक उनके मोबाइल पर आठ नवंबर 2024 को अमर्त्य नाम के युवक का कॉल आया। कॉलर अमर्त्य ने फॉर्च्यून एउवेंचर टीम 111 का प्रतिनिधि बताकर अपने ग्रुप में जोड़ा। व्हाट्सएप ग्रुप पर 200 से अधिक सदस्य थे, जिन्हें अमर्त्य भारतीय और यूएसए के शेयर बाजार की बाबत जानकारी देता था। भारतीय बाजार में पांच से 10 प्रतिशत और यूएसए में निवेश करने पर 10 से 20 प्रतिशत मुनाफे का झांसा दिया गया। बताया कि एक माह में 400 प्रतिशत तक मुनाफा होने का झांसा दिया। प्रदीप कुमार सोनी ने 31 दिसंबर 2024 से शेयर बाजार में रॉकक्रीट मोबाइल एप पर निवेश करना शुरू किया। इसी बीच ग्रुप एडमिन अमर्त्य और अनिका सान्याल ने बताया कि वह 31 जनवरी 2025 को शेयर बाजार की रणनीतियों पर एक किताब लांच करेंगे। इसका भव्य कार्यक्रम मुम्बई में होगा। इस किताब से आम आदमी को काफी लाभ होगा। इसके लिए साइबर ठगों ने लांग टर्म इंवेस्टमेंट अलायंस की एक टीम बनाई, इसका सदस्य प्रदीप कुमार सोनी को भी बनाया गया। साथ ही आश्वासन दिया गया कि 74 लाख रुपये की धनराशि उनके खाते में पहुंचेगी। जब तक प्रदीप कुमार सोनी 36.74 लाख रुपये यूएसए और भारतीय बाजार में निवेश कर चुके थे। इस धनराशि से खरीदे गए शेयर का पोर्ट फोलियो 5.35 करोड़ रुपये मोबाइल एप पर दर्शाया जा रहा था। आश्वासन के बाद भी जब 75 लाख रुपये की धनराशि उनके खाते में नहीं पहुंची तो उन्होंने ठगों से जानकारी मांगी। ठगों ने अमेरिका सरकार द्वारा खाता फ्रीज करने की बात कही। जब पीड़ित ने निवेश की गई धनराशि डी-मैट खाते से निकालने का प्रयास किया तो असफल रहे। उसके बाद साइबर ठगों ने उनकी कॉल उठाना बंद कर दिया। पीड़ित ने ठगों के खिलाफ साइबर थाने में मुकदमा दर्ज कराकर निवेश की गई 36.97 लाख रुपये वापस दिलाने की मांग की है।
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ट्रांस हिंडन क्षेत्र के शालीमार गार्डन के विक्रम एनक्लेव निवासी प्रदीप कुमार सोनी से साइबर ठगों ने भारतीय और यूएसए शेयर बाजार में निवेश कराकर 36.97 लाख रुपये की ठगी कर ली। साइबर ठगों ने फर्जी एप के जरिए मात्र 18 दिनों में ठगी की वारदात को अंजाम दिया। प्रदीप कुमार सोनी लगातार निवेश करते रहे, इसके लिए ठगों ने उनके बैंक खाते में 74 लाख रुपये की फर्जी ट्रांजक्शन भी की। खाते से रुपये न निकलने पर पीड़ित को साइबर ठगी का अहसास हुआ। पीड़ित ने साइबर थाने में मुकदमा दर्ज कराया है।
एडीसीपी अपराध पीयूष कुमार सिंह ने बताया कि प्रदीप कुमार सोनी के मुताबिक उनके मोबाइल पर आठ नवंबर 2024 को अमर्त्य नाम के युवक का कॉल आया। कॉलर अमर्त्य ने फॉर्च्यून एउवेंचर टीम 111 का प्रतिनिधि बताकर अपने ग्रुप में जोड़ा। व्हाट्सएप ग्रुप पर 200 से अधिक सदस्य थे, जिन्हें अमर्त्य भारतीय और यूएसए के शेयर बाजार की बाबत जानकारी देता था। भारतीय बाजार में पांच से 10 प्रतिशत और यूएसए में निवेश करने पर 10 से 20 प्रतिशत मुनाफे का झांसा दिया गया। बताया कि एक माह में 400 प्रतिशत तक मुनाफा होने का झांसा दिया। प्रदीप कुमार सोनी ने 31 दिसंबर 2024 से शेयर बाजार में रॉकक्रीट मोबाइल एप पर निवेश करना शुरू किया। इसी बीच ग्रुप एडमिन अमर्त्य और अनिका सान्याल ने बताया कि वह 31 जनवरी 2025 को शेयर बाजार की रणनीतियों पर एक किताब लांच करेंगे। इसका भव्य कार्यक्रम मुम्बई में होगा। इस किताब से आम आदमी को काफी लाभ होगा। इसके लिए साइबर ठगों ने लांग टर्म इंवेस्टमेंट अलायंस की एक टीम बनाई, इसका सदस्य प्रदीप कुमार सोनी को भी बनाया गया। साथ ही आश्वासन दिया गया कि 74 लाख रुपये की धनराशि उनके खाते में पहुंचेगी। जब तक प्रदीप कुमार सोनी 36.74 लाख रुपये यूएसए और भारतीय बाजार में निवेश कर चुके थे। इस धनराशि से खरीदे गए शेयर का पोर्ट फोलियो 5.35 करोड़ रुपये मोबाइल एप पर दर्शाया जा रहा था। आश्वासन के बाद भी जब 75 लाख रुपये की धनराशि उनके खाते में नहीं पहुंची तो उन्होंने ठगों से जानकारी मांगी। ठगों ने अमेरिका सरकार द्वारा खाता फ्रीज करने की बात कही। जब पीड़ित ने निवेश की गई धनराशि डी-मैट खाते से निकालने का प्रयास किया तो असफल रहे। उसके बाद साइबर ठगों ने उनकी कॉल उठाना बंद कर दिया। पीड़ित ने ठगों के खिलाफ साइबर थाने में मुकदमा दर्ज कराकर निवेश की गई 36.97 लाख रुपये वापस दिलाने की मांग की है।
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