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Ghaziabad News: सॉफ्टवेयर इंजीनियर को घर बैठे कमाई झांसा देकर 5.50 लाख की ठगी
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गाजियाबाद। टेलीग्राम ग्रुप में जोड़कर टास्क देकर घर बैठे कमाई का झांसा देकर साइबर अपराधियों ने सॉफ्टवेयर इंजीनियर दीपक चौहान से साढ़े पांच लाख रुपये ठग लिए। मामले में उन्होंने साइबर सेल में शिकायत की। साइबर सेल से रिपोर्ट थाने पहुंचने के बाद भी पुलिस ने केस दर्ज नहीं किया। आरोप है कि कई बार थाने-चौकी के चक्कर काटने पर एक माह बाद पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की है। आकाशनगर निवासी दीपक ने बताया कि व्हाट्सएप पर उन्हें वर्क फ्राॅम होम का मेसेज मिला। जिसके जरिये वह एक टेलीग्राम ग्रुप में जुड़े। जहां उन्हें गूगल पर कुछ लोकेशन दी गई थी और उन्हें रेटिंग व रिव्यू करना था। पहले उन्हें 21 टास्क दिए गए। पूरा करने पर करीब 1500 रुपये उनके अकाउंट में भी आए। इसके बाद शातिरों ने टास्क में रुपये लगवाने शुरू कर दिए। जिसमें उन्होंने शर्त रखी कि जब तक टास्क पूरा नहीं होगा रुपये नहीं मिलेंगे। दीपक ने बताया उन्होंने सबसे पहले पांच हजार रुपये लगाए और धीरे-धीरे करीब दो लाख 20 हजार रुपये दे दिए। जब उन्होंने रकम निकालने की बात कही तो शातिरों ने टास्क पूरा नहीं होने पर क्रेडिट स्कोर कम होने की बात कहकर रुपये रोक दिए।
एसीपी मसूरी निमिष पाटिल का कहना है कि मामले में साइबर सेल की मदद लेकर जांच की जा रही है। शातिरों को ट्रेस करने का प्रयास किया जा रहा है।
स्कोर 100 करने के नाम पर करते रहे ठगी
दीपक ने बताया कि टास्क पूरा होने के बाद उनकी रकम नहीं दी गई। उन्होंने रुपये वापस मांगने तो शातिरों ने उन्हें एक नए ग्रुप में जोड़ा। जहां उनका क्रेडिट स्कोर 90 दिखाया गया और इसके 100 होने पर ही रुपये अकाउंट में आएंगे। ऐसा करके शातिरों ने पहले सवा लाख और फिर 2.25 लाख रुपये ले लिए। इसके बाद स्कोर 99 दिखाया। इसके बाद शातिरों ने उनसे चार लाख रुपये मांग की। शक होने पर उन्होंने और रकम देने से इन्कार कर दिया और पुलिस से शिकायत की।
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एसीपी मसूरी निमिष पाटिल का कहना है कि मामले में साइबर सेल की मदद लेकर जांच की जा रही है। शातिरों को ट्रेस करने का प्रयास किया जा रहा है।
स्कोर 100 करने के नाम पर करते रहे ठगी
दीपक ने बताया कि टास्क पूरा होने के बाद उनकी रकम नहीं दी गई। उन्होंने रुपये वापस मांगने तो शातिरों ने उन्हें एक नए ग्रुप में जोड़ा। जहां उनका क्रेडिट स्कोर 90 दिखाया गया और इसके 100 होने पर ही रुपये अकाउंट में आएंगे। ऐसा करके शातिरों ने पहले सवा लाख और फिर 2.25 लाख रुपये ले लिए। इसके बाद स्कोर 99 दिखाया। इसके बाद शातिरों ने उनसे चार लाख रुपये मांग की। शक होने पर उन्होंने और रकम देने से इन्कार कर दिया और पुलिस से शिकायत की।
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