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Ghaziabad News: 11.13 करोड़ की वित्तीय अनियमितता में फंसे एमएमएच काॅलेज के पूर्व प्राचार्य

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Wed, 29 Jan 2025 11:56 PM IST
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Former principal of MMH College trapped in financial irregularities of Rs 11.13 crore
गाजियाबाद। एमएमएच कॉलेज के निवर्तमान प्राचार्य डॉ. पीयूष चौहान की मुश्किलें बढ़ती दिख रही हैं। राजभवन के आदेश पर कराए गए ऑडिट में खुलासा हुआ है कि प्राचार्य पद पर रहते हुए डाॅ. पीयूष चौहान ने 11.13 करोड़ की वित्तीय अनियमितता की। यह रिपोर्ट शासन को भी भोज दी गई है।
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एमएमएच कॉलेज के सहायक लेखाकार अनुज उपाध्याय ने राज्यपाल को शिकायत दी थी। इसमें डॉ. पीयूष चौहान पर प्राचार्य पद पर रहते हुए वित्तीय अनियमितता का आरोप लगाया गया था। राजभवन के आदेश पर उच्च शिक्षा के वरिष्ठ लेखाधिकारी प्रदीप कुमार सिंह, वरिष्ठ लेखा परीक्षक जीडी गौतम व वरिष्ठ वित्त एवं लेखाधिकारी विक्रम सिंह ने पांच माह तक इसकी जांच की। टीम ने कॉलेज में हुए निर्माण कार्य, कंप्यूटर, प्रयोगशाला के लिए उपकरणों की खरीद आदि आय-व्यय का पूरा रिकॉर्ड खंगाला। शासन को भेजी गई रिपोर्ट में जांच टीम ने कहा है कि डॉ. पीयूष ने मनमाने ढंग से सार्वजनिक धनराशि को बैंक खातों से निकाला। इसमें नियमों को पूरी तरह ताक पर रखा गया।
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जेम पोर्टल से नहीं हुई खरीदारी

सभी सरकारी व एडेड कॉलेजों में 25 हजार से नीचे का कार्य बिना टेंडर प्रक्रिया के किया जा सकता है। 25 हजार से अधिक मूल्य के काम जेम पोर्टल के माध्यम से ही होने का नियम है। इसमें टेंडर की प्रक्रिया पूरी करनी होती है। शिकायतकर्ता अनुज उपाध्याय ने शिकायत में कहा है कि पीयूष चौहान ने उन फर्मों के बिलोें पर भी भुगतान कर दिया जो जीएसटी में पंजीकृत नहीं थीं। जांच कमेटी ने भी अपनी रिपोर्ट में इसका जिक्र किया है।
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मुख्य रूप से कराए गए काम :

विकास एवं मरम्मत का काम-पांच करोड़


कंप्यूटर व सीसीटीवी- डेढ़ करोड़
प्रयोगशाला के रखरखाव व सामग्री पर- डेढ़ करोड़


परीक्षा कराने में खर्च : सवा करोड़
अन्य खर्च- दो करोड़


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यहां से शुरू हुआ विवाद



डॉ. पीयूष 25 अक्टूबर 2021 से लेकर 14 अगस्त 2024 तक एमएमएच कॉलेज के प्राचार्य रहे। 15 जुलाई 2024 को एमएमएच कॉलेज के सहायक लेखाकर अनुज उपाध्याय पर हमला हुआ। इसमें पुलिस ने खुलासा किया कि हमले की साजिश डॉ. पीयूष ने रची थी। इसके बाद प्रबंध समिति ने 14 अगस्त को पीयूष चौहान को निलंबित कर दिया। इस मामले में वीसी व क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी ने पीयूष चौहान को बहाल भी कर दिया था। लेकिन प्रबंध समिति ने उनको पदभार ग्रहण नहीं कराया। इसके बाद डॉ. पीयूष चौहान हाईकोर्ट चले गए। हाईकोर्ट ने कम से कम छह सप्ताह के अंदर शासन व प्रबंध समिति द्वारा गठित जांच टीम से रिपोर्ट दाखिल करने को कहा था। हाईकोर्ट ने डॉ. पीयूष का निलंबन भी बरकरार रखा।


वर्जन



अभी मुझे जांच रिपोर्ट की प्रति नहीं मिली है। यह समझ नहीं आ रहा कि जब कॉलेज का एक साल का अधिकतम बजट ही एक करोड़ है तो 11.13 करोड़ की वित्तीय अनियमितता कैसे हो सकती है। स्वतंत्र रूप से मैंने काम भी डेढ़ साल ही किया है। जब मुझसे पूछा जाएगा तो इसका जवाब दिया जाएगा। - डॉ. पीयूष चौहान, निवर्तमान प्राचार्य, एमएमएच कॉलेज
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