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Ghaziabad News: पीएफ घोटाले में पूर्व अधिकारी सीबीबाई कोर्ट में हुए पेश
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गाजियाबाद। पीएफ घोटाले मामले में शुक्रवार को विशेष सीबीआई कोर्ट में सुनवाई हुई। इस दौरान बैंक के पूर्व अधिकारी नरेंद्र कुमार कोर्ट में पेश हुए । उनसे बचाव पक्ष के वकीलों ने जिरह की। जिरह के बाद कोर्ट ने अगली सुनवाई के लिए 10 मार्च की तारीख लगाई है।
कोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार सीबीआई द्वारा दाखिल आरोप पत्र में बताया गया है कि वर्ष 2001 से 2008 के बीच जनपद न्यायालय में तैनात तत्कालीन केंद्रीय नाजिर/बिल क्लर्क आशुतोष अस्थाना ने लोक सेवक होने के नाते अपनी स्थिति का आपराधिक दुरुपयोग किया। उसने तत्कालीन जनपद न्यायाधीश आरपी मिश्रा, आरपी यादव, आरएन मिश्रा, एके सिंह, आरएस चौबे, प्रभारी जनपद न्यायाधीश अरुण कुमार, तृतीय श्रेणी के 13 कर्मचारी, चतुर्थ श्रेणी के 33 कर्मचारी और 13 निजी व्यक्तियों के साथ मिलकर षड्यंत्र रचा। सीबीआई के अनुसार, इस साजिश के तहत चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के नाम पर फर्जी प्रार्थना पत्र, बिल, बाउचर और आदेश तैयार किए गए और उनके जरिए जीपीएफ फंड से करीब 6.58 करोड़ रुपये की अवैध निकासी कर ली गई। जांच के दौरान आशुतोष अस्थाना की पहले ही डासना जेल में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो चुकी है, लेकिन शेष आरोपियों के खिलाफ मुकदमा अभी भी न्यायालय में विचाराधीन है। शुक्रवार को इस मामले में सुनवाई हुई। अदालत में उपस्थित गवाह नरेंद्र कुमार से बचाव पक्ष के वकीलों ने जिरह की।
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कोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार सीबीआई द्वारा दाखिल आरोप पत्र में बताया गया है कि वर्ष 2001 से 2008 के बीच जनपद न्यायालय में तैनात तत्कालीन केंद्रीय नाजिर/बिल क्लर्क आशुतोष अस्थाना ने लोक सेवक होने के नाते अपनी स्थिति का आपराधिक दुरुपयोग किया। उसने तत्कालीन जनपद न्यायाधीश आरपी मिश्रा, आरपी यादव, आरएन मिश्रा, एके सिंह, आरएस चौबे, प्रभारी जनपद न्यायाधीश अरुण कुमार, तृतीय श्रेणी के 13 कर्मचारी, चतुर्थ श्रेणी के 33 कर्मचारी और 13 निजी व्यक्तियों के साथ मिलकर षड्यंत्र रचा। सीबीआई के अनुसार, इस साजिश के तहत चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के नाम पर फर्जी प्रार्थना पत्र, बिल, बाउचर और आदेश तैयार किए गए और उनके जरिए जीपीएफ फंड से करीब 6.58 करोड़ रुपये की अवैध निकासी कर ली गई। जांच के दौरान आशुतोष अस्थाना की पहले ही डासना जेल में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो चुकी है, लेकिन शेष आरोपियों के खिलाफ मुकदमा अभी भी न्यायालय में विचाराधीन है। शुक्रवार को इस मामले में सुनवाई हुई। अदालत में उपस्थित गवाह नरेंद्र कुमार से बचाव पक्ष के वकीलों ने जिरह की।
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