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Ghaziabad News: 3.5 करोड़ की चरस-अफीम के साथ पांच तस्कर गिरफ्तार

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Sun, 09 Apr 2023 12:37 AM IST
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Five smugglers arrested with charas-opium worth 3.5 crores
गाजियाबाद। नेपाल से बिहार के रास्ते गाजियाबाद और पंजाब में सप्लाई के लिए लाई जा रही 13 किलोग्राम चरस और एक किलोग्राम अफीम पुलिस ने बरामद की है। क्राइम ब्रांच की टीम ने चरस और अफीम की तस्करी में शामिल चार महिलाओं समेत पांच तस्करों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक बरामद की गई चरस और अफीम की कीमत करीब 3.5 करोड रुपये है।
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एसीपी क्राइम ब्रांच अजीत कुमार ने बताया कि पकड़े गए तस्कर सलीम खान, शैगुल निशा, जौहरा खातून, मोमीना खातून, रोशन खातून बिहार के मोतीहारी जिले के बथना और सुगोली गांव के रहने वाले हैं। यह क्षेत्र नेपाल बॉर्डर से सटा हुआ है। उन्होंने बताया कि पांचों लोग नेपाल से बस से बॉर्डर पार कर बिहार पहुंचे और यहां से ट्रेन के जनरल कोच में बैठकर गाजियाबाद तक पहुंचे हैं।
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चेकिंग से बचने के लिए महिलाओं ने चरस और अफीम के छोटे-छोटे पैकेट बनाकर शरीर से बांधे हुए थे और ऊपर कपड़े पहन लिए थे। इस 14 किलोग्राम चरस और अफीम में से आधी गाजियाबाद में और बाकी सहारनपुर होते हुए पंजाब में ले जाकर सप्लाई करनी थी। पकड़े गए तस्करों ने पुलिस पूछताछ में बताया कि यह माल नेपाल के रहने वाले सुनित नाम के व्यक्ति से लेकर आए थे। कभी-कभी सुनित भी माल नेपाल से लाकर बिहार में उन्हें देता है। सुनित ही तय करता है कि माल की डिलीवरी कहां और कब की जानी है।
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उन्होंने बताया कि माल डिलीवर करने के लिए सुनित उन्हें एक किलोग्राम सामान के लिए 12 हजार रुपये का भुगतान करता है। कभी-कभी यह रकम नकद दी जाती है और खातों में ट्रांसफर की जाती है। पांचों तस्करी का यह काम करीब एक साल से कर रहे हैं। एनसीआर क्षेत्र, गाजियाबाद, सहारनपुर, दिल्ली, पंजाब, हरियाणा में माल को खरीदने वाले व्यक्तियों को भी सुनित ही तलाश करता है। वह फोन पर बता देता था कि सामान की डिलीवरी कहां और कितने बजे देनी है।

जनरल कोच में चेकिंग न होने का उठाते थे फायदा
पूछताछ में तस्करों ने बताया कि वह ट्रेनों में जनरल कोच में सफर करते हैं। भीड़ ज्यादा होने पर कोच में पुलिस की चेकिंग नहीं होती। जहां उन्हें उतरना होता है, वहां पहले एक व्यक्ति ट्रेन से उतरकर देखता है कि आसपास चेकिंग तो नहीं हो रही। इसके बाद रास्ता देखकर बाहर निकल जाते हैं। जिसको माल देना होता है उसको फोन से बुलाते हैं।
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