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Ghaziabad News: पांच और कोचिंग सेंटर सील, अब तक 67 पर कार्रवाई
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सीलिंग की कार्रवाई करते जीडीए कर्मचारी। श्रोत: जीडीए
गाजियाबाद। जिले में बिना फायर एनओसी संचालित कोचिंग सेंटरों के खिलाफ प्रशासन की कार्रवाई लगातार जारी है। बुधवार को पांच और कोचिंग सेंटरों को सील किया गया। इसके साथ ही सील किए गए कोचिंग सेंटरों की संख्या बढ़कर 67 हो गई है। प्रशासन की टीम ने कई स्थानों पर बेसमेंट और कोचिंग संचालन की भी जांच की।
इस दौरान आरडीसी क्षेत्र के एक नामी कोचिंग सेंटर ने एक दिन पहले दी गई चेतावनी के बाद बेसमेंट में चल रहा अपना दफ्तर शिफ्ट कर लिया। कई अन्य कोचिंग सेंटर जांच के दौरान बंद मिले, जबकि कुछ ने अपने बेसमेंट खाली कर दिए।
गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) के अधिकारियों के अनुसार, जिन कोचिंग सेंटरों पर कार्रवाई की गई है, वहां बड़ी संख्या में छात्र पढ़ाई कर रहे थे। ऐसे में फिलहाल तनाव की स्थिति से बचने के लिए उनके नाम सार्वजनिक नहीं किए जा रहे हैं। सभी को एनओसी प्राप्त करने के लिए समय दिया गया है।
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बिल्डिंग की एनओसी पर सवाल, कोचिंग सेंटर सील
आरडीसी में जांच के दौरान जेईई की तैयारी कराने वाले एक कोचिंग सेंटर से फायर एनओसी मांगी गई। संचालकों ने बताया कि वे केवल एक फ्लोर पर कोचिंग चला रहे हैं और बिल्डिंग की एनओसी की जानकारी भवन मालिक के पास है। उन्होंने मालिक को बुलाने के लिए समय मांगा, लेकिन टीम ने सेंटर को सील कर दिया। इस पर संचालकों ने सवाल उठाया कि एक फ्लोर पर चल रहे कोचिंग सेंटर से बिल्डिंग की एनओसी कैसे मांगी जा सकती है। प्राधिकरण के उपाध्यक्ष नंदकिशोर कलाल ने कहा कि फिलहाल कोचिंग सेंटरों पर कार्रवाई की जा रही है और यदि अन्य स्तर पर भी लापरवाही मिली तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई होगी। जिलाधिकारी रविंद्र मांदड़ ने स्पष्ट किया कि यदि किसी बिल्डिंग के पास आवश्यक एनओसी नहीं है तो नियमों के अनुसार सभी जिम्मेदार पक्षों पर कार्रवाई की जाएगी।
न फायर एनओसी, न जानकारी
जांच के दौरान प्राधिकरण की टीम ने कोचिंग सेंटर, प्ले स्कूल और लाइब्रेरी समेत कई संस्थानों का निरीक्षण किया। अधिकतर जगहों पर फायर एनओसी नहीं मिली। हैरानी की बात यह रही कि कई संचालकों ने एनओसी की प्रक्रिया की जानकारी होने से भी इन्कार किया। कुछ स्थानों पर सेंटर बंद मिले, जबकि कई संचालकों ने बेसमेंट खाली कर दिए। प्राधिकरण ने संकेत दिए हैं कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई और सख्त होगी।
आपदा प्रबंधन एक्ट के तहत कार्रवाई की तैयारी
इसके अलावा बुधवार को जिलाधिकारी की अध्यक्षता में हुई आपदा प्रबंधन बैठक में सभी विभागों को आग से बचाव के लिए समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए गए। डीएम ने कहा कि अब लापरवाही केवल वाद दायर करने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि आपदा प्रबंधन एक्ट के तहत भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। यदि किसी की लापरवाही से हादसा होता है तो जिम्मेदार लोगों पर सीधे कार्रवाई होगी। जिलाधिकारी के अनुसार, जहां एओए (अपार्टमेंट ओनर्स एसोसिएशन) है, वहां अध्यक्ष की जिम्मेदारी होगी। बिल्डर के अधीन सोसायटियों में संबंधित प्राधिकरण को कार्रवाई करनी होगी।
125 सोसायटियों को नोटिस, 35 पर वाद दायर
29 अप्रैल को इंदिरापुरम की गौर ग्रीन एवेन्यू सोसायटी में आग की घटना के बाद फायर सेफ्टी को लेकर निगरानी और तेज कर दी गई है। एक बार फिर आग से बचाव को लेकर जिलाधिकारी की ओर से एडवाइजरी जारी की गई है। जिलाधिकारी ने बताया कि पूर्व में जारी एडवाइजरी के बाद अब तक 125 सोसायटियों को नोटिस जारी किए गए हैं, जबकि 35 मामलों में वाद दायर किया गया है।
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इस दौरान आरडीसी क्षेत्र के एक नामी कोचिंग सेंटर ने एक दिन पहले दी गई चेतावनी के बाद बेसमेंट में चल रहा अपना दफ्तर शिफ्ट कर लिया। कई अन्य कोचिंग सेंटर जांच के दौरान बंद मिले, जबकि कुछ ने अपने बेसमेंट खाली कर दिए।
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गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) के अधिकारियों के अनुसार, जिन कोचिंग सेंटरों पर कार्रवाई की गई है, वहां बड़ी संख्या में छात्र पढ़ाई कर रहे थे। ऐसे में फिलहाल तनाव की स्थिति से बचने के लिए उनके नाम सार्वजनिक नहीं किए जा रहे हैं। सभी को एनओसी प्राप्त करने के लिए समय दिया गया है।
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बिल्डिंग की एनओसी पर सवाल, कोचिंग सेंटर सील
आरडीसी में जांच के दौरान जेईई की तैयारी कराने वाले एक कोचिंग सेंटर से फायर एनओसी मांगी गई। संचालकों ने बताया कि वे केवल एक फ्लोर पर कोचिंग चला रहे हैं और बिल्डिंग की एनओसी की जानकारी भवन मालिक के पास है। उन्होंने मालिक को बुलाने के लिए समय मांगा, लेकिन टीम ने सेंटर को सील कर दिया। इस पर संचालकों ने सवाल उठाया कि एक फ्लोर पर चल रहे कोचिंग सेंटर से बिल्डिंग की एनओसी कैसे मांगी जा सकती है। प्राधिकरण के उपाध्यक्ष नंदकिशोर कलाल ने कहा कि फिलहाल कोचिंग सेंटरों पर कार्रवाई की जा रही है और यदि अन्य स्तर पर भी लापरवाही मिली तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई होगी। जिलाधिकारी रविंद्र मांदड़ ने स्पष्ट किया कि यदि किसी बिल्डिंग के पास आवश्यक एनओसी नहीं है तो नियमों के अनुसार सभी जिम्मेदार पक्षों पर कार्रवाई की जाएगी।
न फायर एनओसी, न जानकारी
जांच के दौरान प्राधिकरण की टीम ने कोचिंग सेंटर, प्ले स्कूल और लाइब्रेरी समेत कई संस्थानों का निरीक्षण किया। अधिकतर जगहों पर फायर एनओसी नहीं मिली। हैरानी की बात यह रही कि कई संचालकों ने एनओसी की प्रक्रिया की जानकारी होने से भी इन्कार किया। कुछ स्थानों पर सेंटर बंद मिले, जबकि कई संचालकों ने बेसमेंट खाली कर दिए। प्राधिकरण ने संकेत दिए हैं कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई और सख्त होगी।
आपदा प्रबंधन एक्ट के तहत कार्रवाई की तैयारी
इसके अलावा बुधवार को जिलाधिकारी की अध्यक्षता में हुई आपदा प्रबंधन बैठक में सभी विभागों को आग से बचाव के लिए समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए गए। डीएम ने कहा कि अब लापरवाही केवल वाद दायर करने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि आपदा प्रबंधन एक्ट के तहत भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। यदि किसी की लापरवाही से हादसा होता है तो जिम्मेदार लोगों पर सीधे कार्रवाई होगी। जिलाधिकारी के अनुसार, जहां एओए (अपार्टमेंट ओनर्स एसोसिएशन) है, वहां अध्यक्ष की जिम्मेदारी होगी। बिल्डर के अधीन सोसायटियों में संबंधित प्राधिकरण को कार्रवाई करनी होगी।
125 सोसायटियों को नोटिस, 35 पर वाद दायर
29 अप्रैल को इंदिरापुरम की गौर ग्रीन एवेन्यू सोसायटी में आग की घटना के बाद फायर सेफ्टी को लेकर निगरानी और तेज कर दी गई है। एक बार फिर आग से बचाव को लेकर जिलाधिकारी की ओर से एडवाइजरी जारी की गई है। जिलाधिकारी ने बताया कि पूर्व में जारी एडवाइजरी के बाद अब तक 125 सोसायटियों को नोटिस जारी किए गए हैं, जबकि 35 मामलों में वाद दायर किया गया है।