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अधिवक्ताओं की आर्थिक मदद के लिए शासन से मांग
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अधिवक्ताओं की आर्थिक मदद के लिए शासन से मांग
गाजियाबाद। कोरोना संक्रमण की वजह से प्रमुख अदालतों को छोड़ बाकी में गवाही और पेशी पर रोक लगाने के हाईकोर्ट के आदेश के बाद बुधवार को वकील जिला जज से मिले। उन्होंने वकीलों को आर्थिक मदद दिलाने की मांग रखी। जिला बार अध्यक्ष ने बताया कि संक्रमण से बचाव के साथ ही प्रशासन से बात की गई है कि अधिवक्ताओं के लिए शासन से मदद दिलाई जाए, क्योंकि पिछले एक साल से लॉकडाउन के दौरान हजारों अधिवक्ताओं को आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अध्यक्ष ने बताया कि 45 वर्ष से अधिक उम्र वाले अधिवक्ताओं के टीकाकरण के लिए सीएमओ डॉ. एनके गुप्ता से बात की गई है। उन्होंने आश्वासन दिया है कि जो अधिवक्ता परिचय पत्र लेकर टीकाकरण कराने सरकारी केंद्रों पर जाएंगे, उन्हें टीकाकरण में वरीयता दी जाएगी।
वहीं बार के सचिव मनमोहन शर्मा का कहना है कि हाईकोर्ट ने अदालतों में गवाही और पेशी पर रोक लगा दी है। प्रमुख अदालतों जैसे पॉक्सो कोर्ट, परिवार न्यायालय, एससीएसटी कोर्ट सहित विशेष न्यायालयों में ही नियमित सुनवाई होगी। सचिव का कहना है कि तीन महीने पहले काम सामान्य हुआ था, लेकिन दोबारा संक्रमण बढ़ने के बाद अदालत में मुकदमों की सुनवाई प्रभावित होने के बाद अधिवक्ता भी परेशान हैं। जो अधिवक्ता किराए पर रहते हैं, उनके सामने परेशानी अधिक है।
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गाजियाबाद। कोरोना संक्रमण की वजह से प्रमुख अदालतों को छोड़ बाकी में गवाही और पेशी पर रोक लगाने के हाईकोर्ट के आदेश के बाद बुधवार को वकील जिला जज से मिले। उन्होंने वकीलों को आर्थिक मदद दिलाने की मांग रखी। जिला बार अध्यक्ष ने बताया कि संक्रमण से बचाव के साथ ही प्रशासन से बात की गई है कि अधिवक्ताओं के लिए शासन से मदद दिलाई जाए, क्योंकि पिछले एक साल से लॉकडाउन के दौरान हजारों अधिवक्ताओं को आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अध्यक्ष ने बताया कि 45 वर्ष से अधिक उम्र वाले अधिवक्ताओं के टीकाकरण के लिए सीएमओ डॉ. एनके गुप्ता से बात की गई है। उन्होंने आश्वासन दिया है कि जो अधिवक्ता परिचय पत्र लेकर टीकाकरण कराने सरकारी केंद्रों पर जाएंगे, उन्हें टीकाकरण में वरीयता दी जाएगी।
वहीं बार के सचिव मनमोहन शर्मा का कहना है कि हाईकोर्ट ने अदालतों में गवाही और पेशी पर रोक लगा दी है। प्रमुख अदालतों जैसे पॉक्सो कोर्ट, परिवार न्यायालय, एससीएसटी कोर्ट सहित विशेष न्यायालयों में ही नियमित सुनवाई होगी। सचिव का कहना है कि तीन महीने पहले काम सामान्य हुआ था, लेकिन दोबारा संक्रमण बढ़ने के बाद अदालत में मुकदमों की सुनवाई प्रभावित होने के बाद अधिवक्ता भी परेशान हैं। जो अधिवक्ता किराए पर रहते हैं, उनके सामने परेशानी अधिक है।
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