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Ghaziabad News: 500 रुपये की चोरी के शक में पिता ने सिर फोड़कर ले ली बेटे की जान
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मोदीनगर। भोजपुर के गांव त्यौड़ी 13 बिस्वा में शनिवार की सुबह करीब नौ बजे मजदूर नौशाद ने अपने दस साल के बेटे अहद को पीट-पीटकर मार डाला। उसे शक था कि बेटे ने जेब से 500 रुपये चोरी किए हैं। इसी शक में उसने उसे पहले बेल्ट से पीटा और फिर उसकी मौत हो जाने तक लोहे की फूंकनी से सिर पर प्रहार करता रहा।
पुलिस का कहना है कि नौशाद को हत्या के लिए उसकी दूसरी पत्नी और अहद की सौतेली मां रजिया ने उकसाया। बर्बरता से की गई इस हत्या की चश्मदीद दादी शहजहां खातून ने नौशाद और रजिया के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई। इस पर पुलिस ने पहले रजिया और फिर नौशाद को गिरफ्तार कर लिया। हत्या के बाद नौशाद भाग गया था। खून से सनी फूंकनी और बेल्ट बरामद कर ली गई है।
शहजहां खातून ने बताया कि नौशाद सुबह मजदूरी करके लौटा था। उसने आते ही रजिया से कहा कि जेब से 500 का नोट गायब है। रजिया ने जवाब दिया कि अहद ने चोरी कर लिया होगा, उसकी तलाशी लो। नौशाद ने अहद को बुलाकर नोट के बारे में पूछा। बेटे ने कहा कि उसे नहीं मालूम नोट कहां गया? इस पर नौशाद उसे बेल्ट से पीटने लगा।
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पिटाई के बीच ही रजिया ने कहा कि यह ऐसे नहीं मानने वाला। बेल्ट से इसका कुछ नहीं बिगड़ेगा। उसने लोहे की फूंकनी लाकर नौशाद को दी। तब तक नौशाद बहुत गुस्से में आ चुका था। उसने अहद के सिर पर फूंकनी से ताबड़तोड़ प्रहार शुरू कर दिए। 15 से 20 प्रहार किए। बच्चा लहूलुहान होकर गिर पड़ा। उसकी वहीं पर मौत हो गई। दादी का कहना है कि उसे बेटे को रोकने का प्रयास किया लेकिन वह नहीं माना। एसीपी ज्ञानप्रकाश राय ने बताया कि दोनों आरोपियों ने जुर्म कुबूल किया है।
पिता भाग गया, सौतेली मां रोने लगी
शहजहां खातून ने बताया कि अहद की मौत होते ही नौशाद वहां से भाग गया। रजिया अहद के शव के पास बैठकर रोने का नाटक करने लगी। उसने खून को साफ करने की कोशिश भी की। बच्चे की चीखें सुनकर आसपास के लोग भी आ गए। थोड़ी देर में पुलिस भी पहुंच गई। घटनाक्रम का पता चलने पर लोगों ने पुलिस के सामने ही नौशाद की गिरफ्तारी के लिए प्रदर्शन किया। रजिया को वहीं से पकड़ लिया गया। नौशाद को गांव से बाहर भागते समय पकड़ा गया।
बेटी होते ही खटकने लगा सौतेला बेटा
शाहजहां खातून ने बताया कि नौशाद का पहला निकाह 12 साल पहले गढ़मुक्तेश्वर के बदरखा गांव की जीनत के साथ हुआ था। दो साल बाद बेटे अहद का जन्म हुआ। इसके कुछ दिन बाद ही नौशाद और जीनत का तलाक हो गया। अहद नौशाद के पास रहा। सात पहले नौशाद ने रजिया से निकाह किया। रजिया को संतान नहीं होने पर नौशाद ने बहन की बेटी अदीबा को गोद ले लिया। कुछ दिन बाद रजिया ने बेटी आयशा को जन्म दिया। इसके बाद से ही अहद उसकी आंखों में खटकने लगा।
दादी के जिम्मे दो बच्चियों की परवरिश
शाहजहां खातून रोते-रोते एक ही सवाल किए जा रही थीं, इन बच्चियों की परवरिश कैसे होगी। बेटे और पुत्रवधू के जेल जाने के बाद अब उनकी गोद ली बेटी अदीबा और बेटी आयशा की जिम्मेदारी उनके पास आ गई है। शाहजहां के पति शमशाद कई वर्षों से बीमार हैं।
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पुलिस का कहना है कि नौशाद को हत्या के लिए उसकी दूसरी पत्नी और अहद की सौतेली मां रजिया ने उकसाया। बर्बरता से की गई इस हत्या की चश्मदीद दादी शहजहां खातून ने नौशाद और रजिया के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई। इस पर पुलिस ने पहले रजिया और फिर नौशाद को गिरफ्तार कर लिया। हत्या के बाद नौशाद भाग गया था। खून से सनी फूंकनी और बेल्ट बरामद कर ली गई है।
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शहजहां खातून ने बताया कि नौशाद सुबह मजदूरी करके लौटा था। उसने आते ही रजिया से कहा कि जेब से 500 का नोट गायब है। रजिया ने जवाब दिया कि अहद ने चोरी कर लिया होगा, उसकी तलाशी लो। नौशाद ने अहद को बुलाकर नोट के बारे में पूछा। बेटे ने कहा कि उसे नहीं मालूम नोट कहां गया? इस पर नौशाद उसे बेल्ट से पीटने लगा।
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पिटाई के बीच ही रजिया ने कहा कि यह ऐसे नहीं मानने वाला। बेल्ट से इसका कुछ नहीं बिगड़ेगा। उसने लोहे की फूंकनी लाकर नौशाद को दी। तब तक नौशाद बहुत गुस्से में आ चुका था। उसने अहद के सिर पर फूंकनी से ताबड़तोड़ प्रहार शुरू कर दिए। 15 से 20 प्रहार किए। बच्चा लहूलुहान होकर गिर पड़ा। उसकी वहीं पर मौत हो गई। दादी का कहना है कि उसे बेटे को रोकने का प्रयास किया लेकिन वह नहीं माना। एसीपी ज्ञानप्रकाश राय ने बताया कि दोनों आरोपियों ने जुर्म कुबूल किया है।
पिता भाग गया, सौतेली मां रोने लगी
शहजहां खातून ने बताया कि अहद की मौत होते ही नौशाद वहां से भाग गया। रजिया अहद के शव के पास बैठकर रोने का नाटक करने लगी। उसने खून को साफ करने की कोशिश भी की। बच्चे की चीखें सुनकर आसपास के लोग भी आ गए। थोड़ी देर में पुलिस भी पहुंच गई। घटनाक्रम का पता चलने पर लोगों ने पुलिस के सामने ही नौशाद की गिरफ्तारी के लिए प्रदर्शन किया। रजिया को वहीं से पकड़ लिया गया। नौशाद को गांव से बाहर भागते समय पकड़ा गया।
बेटी होते ही खटकने लगा सौतेला बेटा
शाहजहां खातून ने बताया कि नौशाद का पहला निकाह 12 साल पहले गढ़मुक्तेश्वर के बदरखा गांव की जीनत के साथ हुआ था। दो साल बाद बेटे अहद का जन्म हुआ। इसके कुछ दिन बाद ही नौशाद और जीनत का तलाक हो गया। अहद नौशाद के पास रहा। सात पहले नौशाद ने रजिया से निकाह किया। रजिया को संतान नहीं होने पर नौशाद ने बहन की बेटी अदीबा को गोद ले लिया। कुछ दिन बाद रजिया ने बेटी आयशा को जन्म दिया। इसके बाद से ही अहद उसकी आंखों में खटकने लगा।
दादी के जिम्मे दो बच्चियों की परवरिश
शाहजहां खातून रोते-रोते एक ही सवाल किए जा रही थीं, इन बच्चियों की परवरिश कैसे होगी। बेटे और पुत्रवधू के जेल जाने के बाद अब उनकी गोद ली बेटी अदीबा और बेटी आयशा की जिम्मेदारी उनके पास आ गई है। शाहजहां के पति शमशाद कई वर्षों से बीमार हैं।