फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Ghaziabad News ›   Farmers will help Uttarakhand disaster victims

गाजीपुर बॉर्डरः उत्तराखंड के आपदा प्रभावितों की मदद करेंगे किसान, लापता लोगों की कुशलता के लिए की गई प्रार्थना

Sun, 07 Feb 2021 10:14 PM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, साहिबाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, साहिबाबाद Published by: Vikas Kumar Updated Sun, 07 Feb 2021 10:14 PM IST
विज्ञापन
Farmers will help Uttarakhand disaster victims
गाजीपुर बॉर्डर पर बैठे किसान - फोटो : amar ujala

कृषि कानूनों के खिलाफ यूपी गेट पर आंदोलन कर रहे किसानों ने रविवार को उत्तराखंड में आई आपदा के प्रभावितों की मदद का निर्णय लिया है। वहीं, गाजीपुर किसान आंदोलन कमेटी ने पहाड़ी क्षेत्र व अन्य जगहों से बॉर्डर पर आ रही खाद्य सामग्री को स्टैंड बाई में रखने का फैसला किया है। इसके साथ उत्तराखंड व आसपास जिलों से यूपी गेट पर आंदोलन में शामिल होने आ रहे किसानों को भी फिलहाल रोक दिया गया है। सभी को आपदा प्रभावितों की मदद के लिए कहा गया है।

विज्ञापन


उधर, राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत के आह्वान के बाद आंदोलन को मिट्टी से जोड़ने का अभियान तेज हो गया। तीन गांवों से किसान कलश में मिट्टी लेकर आंदोलन स्थल पर पहुंचे। गाजीपुर किसान आंदोलन कमेटी के प्रवक्ता जगतार सिंह बाजवा ने बताया कि उत्तराखंड में दैवीय आपदा की घटना ने किसानों को पूरी तरह हिला दिया है। आंदोलन स्थल पर किसान दोपहर बाद इस घटना को लेकर चर्चा करने के दौरान चिंता व्यक्त कर रहे थे। मंच से भी इस आपदा में लापता लोग, महिलाएं व बच्चों की कुशलता के लिए दो मिनट प्रार्थना की गई। 
विज्ञापन


बताया कि किसान मोर्चा ने उत्तराखंड की इस आपदा में प्रभावितों की मदद का निर्णय लिया है। लिहाजा उत्तराखंड व उसके आसपास जिलों से यूपी गेट किसान आंदोलन में आने वाली सब्जियां व अन्य सामानों को स्टैंड बाई में रख दिया है। साथ ही किसानों से अपील की है कि वह सभी आंदोलन स्थल पर न आकर वहीं रुके और प्रभावितों की किसी भी तरह से मदद दें। जगतार सिंह बाजवा के मुताबिक, किसान मोर्चा ने यह भी निर्णय लिया है कि लालकिले की घटना में मुकदमे दर्ज होने वाले किसानों की परिवार की मदद की जाएगी। इस मामले की पूरी जांच के लिए कमेटी भी बनी है। वह अपने स्तर से जांच कर आगे का निर्णय लेगी। 
विज्ञापन
विज्ञापन


महिलाएं और किसान मिट्टी लेकर पहुंचे
जगतार सिंह बाजवा ने बताया कि भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत द्वारा किसान आंदोलन को मिट्टी से जोड़ने का आह्वान का अब असर हो रहा है। जगह-जगह से किसान व महिलाएं गंगाजल के साथ मिट्टी लेकर आ रहे हैं।  रविवार दोपहर तक बुलंदशहर, मेरठ, गढ़मुक्तेश्वर, हापुड़, मुजफ्फरनगर, शामली, मोदीनगर, मुरादनगर समेत अन्य जगहों से किसान व महिलाएं कलश के साथ मिट्टी लेकर पहुंची। वहां किसान नेता जगतार सिंह बाजवा को कलश व मिट्टी सौंपकर आंदोलन में समर्थन दिया। वहीं, लोनी से गुर्जर समाज ने भी मंच पर पहुंचकर आंदोलन को समर्थन दिया।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed