Farmers Protest LIVE Updates: सरकार और किसान संगठनों की आज की बैठक समाप्त, अगली बातचीत 8 जनवरी को
दिल्ली की कई सीमाओं समेत हरियाणा के कई जिलों में चल रहे किसान आंदोलन का 40वां दिन है। बीते 40 दिनों से किसान कृषि कानूनों को रद्द कराने के लिए ठंड, बारिश, कोहरे और शीतलहर का प्रकोप झेल कर भी डटे हुए हैं। आज सरकार और अन्नदाताओं के बीच महत्वपूर्ण बैठक हो रही है, जिसकी सफलता और विफलता पर इस आंदोलन का भविष्य टिका हुआ है। देश के किसानों का ये आंदोलन दिनोंदिन बढ़ता ही जा रहा है। जहां रविवार को यूपी गेट(दिल्ली-यूपी बॉर्डर) के अलावा किसानों नेे ज्ञानी बॉर्डर पर भी कब्जा कर लिया। वहीं राजस्थान से दिल्ली की ओर आ रहे किसानों पर देर रात हरियाणा पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे और पानी की बौछारें भी कीं। यह घटना गुरुग्राम से मात्र 16 किलोमीटर दूर रेवाड़ी अलवर मार्ग पर हुआ। जानकारी के अनुसार आज सिंघु और टिकरी बॉर्डर पर बैठे किसान इन किसानों को दिल्ली लाने मौके पर जाएंगे। आगे पढ़ें दिनभर के सभी अपडेट्स....
लाइव अपडेट
दिल्ली बॉर्डर पर ठंड लगने से किसान की तबीयत बिगड़ी, घर पहुंचते ही रात को हो गई मौत
कृषि कानूनों खिलाफ दिल्ली बॉर्डर पर किसान आंदोलन में शामिल संगरूर के गांव बखोपीर के किसान गुरचरण सिंह की ठंड लगने से मौत हो गई। यूनियन के ब्लॉक उपाध्यक्ष गुरभजन सिंह बखोपीर ने बताया कि मृतक किसान गुरचरण सिंह (67) कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली बॉर्डर पर आंदोलन में शामिल होने गए थे। अधिक ठंड लगने से गुरचरण सिंह की तबीयत खराब हो गई और वह रविवार को घर आ गए लेकिन रात को तबीयत अधिक बिगड़ने से उनकी मौत हो गई।हम कानूनों का पूरा रोलबैक चाहते हैं: युधवीर सिंह
भारतीय किसान यूनियन के युधवीर सिंह ने कहा कि मंत्री चाहते थे कि हम कानून-वार चर्चा करें। हमने इसे खारिज कर दिया और कहा कि कानूनों पर चर्चा करने का कोई मतलब नहीं है क्योंकि हम कानूनों का पूरा रोलबैक चाहते हैं। सरकार हमें संशोधन की ओर ले जाने का इरादा रखती है लेकिन हम इसे स्वीकार नहीं करेंगे।The minister wanted us to discuss the law point-wise. We rejected it and said that there is no point in discussing the laws because we want a complete rollback of the laws. Govt intends to take us towards amendments but we will not accept it: Yudhvir Singh, Bhartiya Kisan Union https://t.co/qI6PmeHM07 pic.twitter.com/Tg45c9q8SR
— ANI (@ANI) January 4, 2021
'कानूनों को निरस्त करने तक विरोध वापस नहीं लिया जाएगा'
अखिल भारतीय किसान सभा के महासचिव हन्नान मोल्लाह ने कहा कि सरकार काफी दबाव में है। हम सभी ने कहा कि यह हमारी मांग है (कानूनों को निरस्त करना)। हम कानूनों को निरस्त करने के अलावा किसी अन्य विषय पर चर्चा नहीं चाहते हैं। कानूनों को निरस्त करने तक विरोध वापस नहीं लिया जाएगा।Govt is under tremendous pressure. We all said that this is our demand (repeal of the laws). We don't want discussion on any other topic except for on repeal of the laws. Protests will not be withdrawn until repeal of laws: Hannan Mollah, General Secretary, All India Kisan Sabha pic.twitter.com/UIWAEuYQlm
— ANI (@ANI) January 4, 2021
'हमसे पूछा गया कि क्या आप क़ानून को रद्द किए बिना नहीं मानेंगे, हमने कहा हम नहीं मानेंगे'
सरकार के साथ मुलाकात के बाद किसान नेता दर्शन पाल ने कहा कि सरकार को यह बात समझ आ गई है कि किसान संगठन कृषि क़ानूनों को रद्द किए बिना कोई बात नहीं करना चाहते हैं। हमसे पूछा गया कि क्या आप क़ानून को रद्द किए बिना नहीं मानेंगे, हमने कहा हम नहीं मानेंगे।सरकार को यह बात समझ आ गई है कि किसान संगठन कृषि क़ानूनों को रद्द किए बिना कोई बात नहीं करना चाहते हैं। हमसे पूछा गया कि क्या आप क़ानून को रद्द किए बिना नहीं मानेंगे, हमने कहा हम नहीं मानेंगे: किसान नेता दर्शन पाल, सरकार के साथ मुलाकात के बाद pic.twitter.com/Lb3IetE1YA
— ANI_HindiNews (@AHindinews) January 4, 2021
8 तारीख तक का समय सरकार ने मांगा है: किसान नेता
सरकार के साथ मुलाकात के बाद किसान नेता ने कहा कि हमने बताया कि पहले कृषि क़ानूनों को वापिस किया जाए, MSP पर बात बाद में करेंगे। 8 तारीख तक का समय सरकार ने मांगा है। उन्होंने कहा कि 8 तारीख को हम सोचकर आएंगे कि ये क़ानून वापिस हम कैसे कर सकते हैं, इसकी प्रक्रिया क्या हो।हमने बताया कि पहले कृषि क़ानूनों को वापिस किया जाए, MSP पर बात बाद में करेंगे। 8 तारीख तक का समय सरकार ने मांगा है। उन्होंने कहा कि 8 तारीख को हम सोचकर आएंगे कि ये क़ानून वापिस हम कैसे कर सकते हैं, इसकी प्रक्रिया क्या हो: किसान नेता, सरकार के साथ मुलाकात के बाद pic.twitter.com/pMFs1hhZTX
— ANI_HindiNews (@AHindinews) January 4, 2021
क़ानून वापसी नहीं तो घर वापसी नहीं: टिकैत
राकेश टिकैत ने कहा कि 8 जनवरी 2021 को सरकार के साथ फिर से मुलाकात होगी। तीनों कृषि क़ानूनों को वापस लेने पर और MSP दोनों मुद्दों पर 8 तारीख को फिर से बात होगी। हमने बता दिया है क़ानून वापसी नहीं तो घर वापसी नहीं।8 तारीख (8 जनवरी 2021) को सरकार के साथ फिर से मुलाकात होगी। तीनों कृषि क़ानूनों को वापिस लेने पर और MSP दोनों मुद्दों पर 8 तारीख को फिर से बात होगी। हमने बता दिया है क़ानून वापसी नहीं तो घर वापसी नहीं : किसान नेता राकेश टिकैत, सरकार के साथ किसान नेताओं की मुलाकात के बाद pic.twitter.com/5cU9lRdzFL
— ANI_HindiNews (@AHindinews) January 4, 2021