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Ghaziabad News: डीटीसी कर्मी के नाम से निकाला फर्जी लोन

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Mon, 08 Jan 2024 12:27 AM IST
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Fake loan taken out in the name of DTC employee
गाजियाबाद। शोरूम, बैंक मैनेजर, फील्ड ऑफिसर ने मिलकर डीटीसी कर्मी के नाम पर साढे़ सात की बजाय 13 लाख रुपये का लोन निकाल लिया जबकि, कार की असल कीमत 10.50 लाख रुपये थी। मामले में डीटीसी कर्मी ने कोर्ट के आदेश पर मधुबन बापूधाम थाने में हिमांशु, बैंक के प्रबंधक ब्रजमोहन, फील्ड ऑफिसर धीरज कुमार, शोरूम के प्रबंधक समेत पांच के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।
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संजयनगर निवासी राजेश बाबू डीटीसी में कार्यरत हैं। उन्होंने बताया कि एक सहकर्मी के माध्यम से उनकी मुलाकात 2018 में खुद को सीए बताने वाले इंदिरापुरम निवासी हिमांशु अग्रवाल से हुई थी। हिमांशु ने उनको सस्ते में फ्लैट दिलाने की बात कही। इस पर दोनों में सहमति बन गई। बाद मे हिमांशु ने कहा कि उनका सिबिल स्कोर कम है। इसलिए कुछ महीने के लिए उनको कार, मोबाइल लोन पर लेना पड़ेगा। कुछ दिन तक उनकी किस्त समय पर चुकानी होगी, जिससे उनका सिबिल स्कोर ठीक हो जाएगा। आरोप है कि हिमांशु कार को लेकर फरार हो गया।
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मामले में उन्होंने कविनगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने कार को बरामद किया। जब कार खरीदी गई थी तो ढाई लाख रुपये उन्होंने पहले जमा कर दिए। बची हुई शेष साढे सात लाख रुपये का लोन होना था। लेकिन बाद में पता चला कि साढ़े सात की बजाय फर्जी बिल और कागज लगाकर आरोपियों ने 13 लाख रुपये लोन निकाल लिया और शोरूम के खाते में रकम ट्रांसफर करा दी। बैंक से उनको नोटिस मिला कि उनपर 15.50 लाख रुपये बकाया है। जबकि, साढ़े चार लाख रुपये उन्होंने किस्त के रूप में भी अदायगी की थी। एसीपी कविनगर अभिषेक श्रीवास्तव ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।
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पिता का परिचित बताकर 18 हजार ठगे
विजयनगर में युवती के खाते से साइबर ठग ने पिता का परिचित बताकर 18 हजार रुपये ट्रांसफर करा लिए। विजयनगर निवासी सपना ने बताया कि उनके पास एक अज्ञात नंबर से कॉल आई थी। कॉल करने वाले ने कहा कि उनको उसके पिता के खाते में कुछ रकम भेजनी है। थोड़ी देर बाद दो तीन मैसेज रकम प्राप्त होने के आए। आरोपी ने कहा कि उनके खाते में पांच हजार की बजाय ज्यादा रकम पहुंच गई है। इसलिए वह उनको 18 हजार रुपये वापस भेज दें। उसकी बातों में आकर सपना ने आरोपी के खाते में 18 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए। एसीपी निमिष पाटिल ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज कर जांच कराई जा रही है।
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