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Ghaziabad News: दिल्ली से जिले में तेल लेने आए तो सीज होगा मियाद खत्म हुआ वाहन
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गाजियाबाद। दिल्ली में नो फ्यूल की नीति लागू होने के बाद दिल्ली की सीमा से सटे पंपों पर भीड़ बढ़ गई है। इसी को देखते हुए परिवहन विभाग के अधिकारी भी सक्रिय हो गए हैं। फिलहाल बॉर्डर के नजदीक पेट्रोल पंपों के आसपास प्रवर्तन दल को तैनात करने की योजना है। पकड़े जाने पर इन वाहनों को सीज किया जाएगा। जल्द ही पेट्रोल पंप मालिकों की बैठक भी बुलाई जाएगी।
दिल्ली में डीजल के 10 साल पुराने व पेट्रोल के 15 साल पुराने वाहनों के लिए नो फ्यूल की नीति लागू की गई है। पंप पर पहुंचते ही सायरन बजने और वाहन जब्त होने के डर से यह लोग वहां नहीं जा रहे हैं। उन्होंने इसका विकल्प ढूंढते हुए जिले में बॉर्डर के पंपों से फ्यूल लेना शुरू कर दिया है। आरटीओ केडी गौड़ ने बताया कि ऐसी जानकारी मिल रही है कि जिले में दिल्ली की सीमा के निकट पेट्रोल पंपों पर भीड़ बढ़ी है। इसी को देखते हुए पंपों के आसपास आज से पेट्रोलिंग बढ़ेगी। पुलिस की भी इसमें मदद ली जाएगी। ऐसे वाहन को सीज किया जाएगा। साथ ही इसकी सूचना संबंधित विभाग के कार्यालय को भेजी जाएगी। इसके अलावा पेट्रोल पंप मालिकों की बैठक बुलाई जाएगी। बैठक में मियाद खत्म हुए वाहन को तेल न देने पर मंथन होगा। पंप मालिकों से इसका कैसे क्रियान्वयन कराना है, इसकी कार्ययोजना अगले एक दो दिन में ही तैयार कर ली जाएगी।
-जिले के लोगों की भी बढ़ेगी मुश्किल :
मियाद खत्म हो चुके वाहनों की संख्या जिले में सवा तीन लाख से ज्यादा हो चुकी है। दिल्ली जैसी नीति जिले में एक नवंबर से लागू होगी। इससे पहले जिस तरह से दिल्ली के वाहनों का फ्यूल लेने के बहाने यहां आवागमन बढ़ा है और विभागीय स्तर पर सख्ती बरती जा रही है। ऐसे में यहां के वाहन स्वामियों के लिए भी अभी से मुश्किल खड़ी हो गई है। एआरटीओ प्रवर्तन मनोज कुमार सिंह ने बताया कि जिन वाहनों की मियाद खत्म हो चुकी है, उन वाहन स्वामियों से अपील है कि वह अपने वाहन को पंजीकृत स्क्रैप सेंटर पर जाकर स्क्रैप करा लें। वहां से मिले प्रमाणपत्र को दिखाकर इन वाहन स्वामियों को नए वाहन की खरीद पर टैक्स में छूट मिलेगी।
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दिल्ली में डीजल के 10 साल पुराने व पेट्रोल के 15 साल पुराने वाहनों के लिए नो फ्यूल की नीति लागू की गई है। पंप पर पहुंचते ही सायरन बजने और वाहन जब्त होने के डर से यह लोग वहां नहीं जा रहे हैं। उन्होंने इसका विकल्प ढूंढते हुए जिले में बॉर्डर के पंपों से फ्यूल लेना शुरू कर दिया है। आरटीओ केडी गौड़ ने बताया कि ऐसी जानकारी मिल रही है कि जिले में दिल्ली की सीमा के निकट पेट्रोल पंपों पर भीड़ बढ़ी है। इसी को देखते हुए पंपों के आसपास आज से पेट्रोलिंग बढ़ेगी। पुलिस की भी इसमें मदद ली जाएगी। ऐसे वाहन को सीज किया जाएगा। साथ ही इसकी सूचना संबंधित विभाग के कार्यालय को भेजी जाएगी। इसके अलावा पेट्रोल पंप मालिकों की बैठक बुलाई जाएगी। बैठक में मियाद खत्म हुए वाहन को तेल न देने पर मंथन होगा। पंप मालिकों से इसका कैसे क्रियान्वयन कराना है, इसकी कार्ययोजना अगले एक दो दिन में ही तैयार कर ली जाएगी।
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-जिले के लोगों की भी बढ़ेगी मुश्किल :
मियाद खत्म हो चुके वाहनों की संख्या जिले में सवा तीन लाख से ज्यादा हो चुकी है। दिल्ली जैसी नीति जिले में एक नवंबर से लागू होगी। इससे पहले जिस तरह से दिल्ली के वाहनों का फ्यूल लेने के बहाने यहां आवागमन बढ़ा है और विभागीय स्तर पर सख्ती बरती जा रही है। ऐसे में यहां के वाहन स्वामियों के लिए भी अभी से मुश्किल खड़ी हो गई है। एआरटीओ प्रवर्तन मनोज कुमार सिंह ने बताया कि जिन वाहनों की मियाद खत्म हो चुकी है, उन वाहन स्वामियों से अपील है कि वह अपने वाहन को पंजीकृत स्क्रैप सेंटर पर जाकर स्क्रैप करा लें। वहां से मिले प्रमाणपत्र को दिखाकर इन वाहन स्वामियों को नए वाहन की खरीद पर टैक्स में छूट मिलेगी।
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