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आयकर विभाग की नजर, हाउस टैक्स भरने वालों पर
ब्यूरो, अमर उजाला /गाजियाबाद
Updated Mon, 05 Dec 2016 12:14 AM IST
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income tax department
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ब्लैक मनी बाहर निकालने के लिए तरह-तरह की प्लानिंग करने वाले आयकर विभाग की नजर अब हाउस टैक्स के रूप में मोटी रकम जमा करने वाले लोगों पर है।
इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की इंटेलीजेंस एंड क्रिमिनल इनवेस्टिगेशन विंग ने नगर निगम से ऐसे लोगों का डाटा मांगा है, जिन्होंने रिहाइशी बिल्डिंग के लिए 50 हजार और व्यावसायिक बिल्डिंग के लिए एक लाख से ज्यादा हाउस टैक्स जमा किया हो।
इनकम टैक्स ऑफिसर जया राव की ओर से नगर निगम में यह पत्र भेजा गया है। हालांकि फिलहाल उन्होंने यह डाटा वित्तीय वर्ष 2014-15 का मांगा है, लेकिन माना जा रहा है कि इसके बाद अगले दो वित्तीय वर्ष का डाटा भी मांगा जा सकता है।
आयकर विभाग ने 50 हजार से ज्यादा हाउस टैक्स जमा करने वालों के पैन नंबर की डिटेल भी मांगी है। पैन नंबर के जरिए आयकर विभाग उन्हें आसानी से ट्रैक कर पाएगा। विभाग ने यह जानकारी इनकम टैक्स एक्ट-1961 के सेक्शन 133 (6) के तहत मांगी है।
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यह सूचना मांगी जाने से पहले स्थानीय आयकर अधिकारियों ने कानपुर स्थित उच्चाधिकारियों से भी अनुमति ली है। ऐसे में अब टैक्स में मोटी रकम जमा करने वालों से भी आयकर विभाग पूछताछ कर सकता है।
हालांकि निगम अधिकारी फिलहाल इस मामले में कुछ बोलने से इनकार कर रहे हैं। नगर निगम के अपर नगर आयुक्त डीके सिन्हा का कहना है कि आयकर विभाग से सूचना मांगी जाने की जानकारी नहीं है। सोमवार को इसकी जानकारी की जाएगी। जबकि इस मामले में आयकर विभाग के अधिकारी नगर निगम में एक विजिट भी कर चुके हैं।
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इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की इंटेलीजेंस एंड क्रिमिनल इनवेस्टिगेशन विंग ने नगर निगम से ऐसे लोगों का डाटा मांगा है, जिन्होंने रिहाइशी बिल्डिंग के लिए 50 हजार और व्यावसायिक बिल्डिंग के लिए एक लाख से ज्यादा हाउस टैक्स जमा किया हो।
इनकम टैक्स ऑफिसर जया राव की ओर से नगर निगम में यह पत्र भेजा गया है। हालांकि फिलहाल उन्होंने यह डाटा वित्तीय वर्ष 2014-15 का मांगा है, लेकिन माना जा रहा है कि इसके बाद अगले दो वित्तीय वर्ष का डाटा भी मांगा जा सकता है।
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आयकर विभाग ने 50 हजार से ज्यादा हाउस टैक्स जमा करने वालों के पैन नंबर की डिटेल भी मांगी है। पैन नंबर के जरिए आयकर विभाग उन्हें आसानी से ट्रैक कर पाएगा। विभाग ने यह जानकारी इनकम टैक्स एक्ट-1961 के सेक्शन 133 (6) के तहत मांगी है।
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यह सूचना मांगी जाने से पहले स्थानीय आयकर अधिकारियों ने कानपुर स्थित उच्चाधिकारियों से भी अनुमति ली है। ऐसे में अब टैक्स में मोटी रकम जमा करने वालों से भी आयकर विभाग पूछताछ कर सकता है।
हालांकि निगम अधिकारी फिलहाल इस मामले में कुछ बोलने से इनकार कर रहे हैं। नगर निगम के अपर नगर आयुक्त डीके सिन्हा का कहना है कि आयकर विभाग से सूचना मांगी जाने की जानकारी नहीं है। सोमवार को इसकी जानकारी की जाएगी। जबकि इस मामले में आयकर विभाग के अधिकारी नगर निगम में एक विजिट भी कर चुके हैं।