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Ghaziabad News: व्यापारी को बंधक बनाकर 16 लाख रुपये वसूले
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इंदिरापुरम। अहिंसाखंड की रिषभ प्लेटिनम सोसायटी में पेपरमार्ट फर्म के मालिक ने लेन-देन के विवाद में बंधक बनाकर 16 लाख रुपये वसूलने का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया है। घटना 9 अप्रैल की है। आरोप है कि सात लोग घर में जबरन घुसे और पत्नी व मां से गाली-गलौज कर उन्हें जान से मारने की धमकी दी। पुलिस ने शिकायत पर मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू की।
फर्म मालिक रोहित जैन ने शिकायत दी कि उन्होंने प्रमोद कौशिक और विनोद कौशिक से व्यापार के लिए 36 लाख 41 हजार रुपये का माल लिया था। उन्होंने अधिकांश रुपये जमा करा दिए जबकि 16 लाख रुपये का हिसाब मिलकर करने को कहा। चूंकि, उनके ऑर्डर के अनुरूप माल नहीं मिला था। लेन-देन के विवाद में 9 अप्रैल की सुबह आठ बजे सात लोग अचानक उनके घर में घुस गए। सभी ने पत्नी व मां से गाली-गलौज की। इसी बीच वह बच्चे को स्कूल छोड़कर घर पहुंचे तो आरोपियों ने उन्हें बंधक बनाकर गाड़ी में डाल दिया। वे सभी उन्हें सोनीपत ले जाने की बात कह रहे थे। वह खुद को छोड़ने के लिए कहने लगे। इस दौरान एक आरोपी ने उन्हें पिस्टल दिखाकर 20 लाख रुपये की मांग की और घर पर कॉल करवाया। परिजन ने इतने रुपये देने से मना कर दिया, बाद में आरोपियों ने 16 लाख पर बात तय की। वहीं, परिजन ने ओसवाल पेपर के नाम से सात लाख रुपये नकद जमा कराए जबकि दूसरे खाते में नौ लाख रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर कराए। इस तरह आरोपियों ने उनसे 16 लाख रुपये वसूल लिए। इसके बाद जैन को ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे पर छोड़कर भाग गए। उन्होंने लिखित शिकायत देकर प्रमोद कौशिक, विनोद कौशिक और पांच अज्ञात के खिलाफ विभिन्न धारा में मुकदमा दर्ज कराया है। इंदिरापुरम एसीपी स्वतंत्र कुमार सिंह का कहना है कि वीडियो फुटेज और रुपये के लेन-देन की जांच कर रहे हैं।
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फर्म मालिक रोहित जैन ने शिकायत दी कि उन्होंने प्रमोद कौशिक और विनोद कौशिक से व्यापार के लिए 36 लाख 41 हजार रुपये का माल लिया था। उन्होंने अधिकांश रुपये जमा करा दिए जबकि 16 लाख रुपये का हिसाब मिलकर करने को कहा। चूंकि, उनके ऑर्डर के अनुरूप माल नहीं मिला था। लेन-देन के विवाद में 9 अप्रैल की सुबह आठ बजे सात लोग अचानक उनके घर में घुस गए। सभी ने पत्नी व मां से गाली-गलौज की। इसी बीच वह बच्चे को स्कूल छोड़कर घर पहुंचे तो आरोपियों ने उन्हें बंधक बनाकर गाड़ी में डाल दिया। वे सभी उन्हें सोनीपत ले जाने की बात कह रहे थे। वह खुद को छोड़ने के लिए कहने लगे। इस दौरान एक आरोपी ने उन्हें पिस्टल दिखाकर 20 लाख रुपये की मांग की और घर पर कॉल करवाया। परिजन ने इतने रुपये देने से मना कर दिया, बाद में आरोपियों ने 16 लाख पर बात तय की। वहीं, परिजन ने ओसवाल पेपर के नाम से सात लाख रुपये नकद जमा कराए जबकि दूसरे खाते में नौ लाख रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर कराए। इस तरह आरोपियों ने उनसे 16 लाख रुपये वसूल लिए। इसके बाद जैन को ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे पर छोड़कर भाग गए। उन्होंने लिखित शिकायत देकर प्रमोद कौशिक, विनोद कौशिक और पांच अज्ञात के खिलाफ विभिन्न धारा में मुकदमा दर्ज कराया है। इंदिरापुरम एसीपी स्वतंत्र कुमार सिंह का कहना है कि वीडियो फुटेज और रुपये के लेन-देन की जांच कर रहे हैं।
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