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Ghaziabad News: आरोग्य मेले में पहुंचे हर चौथा मरीज वायरल से ग्रसित
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महाराजपुर स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर मरीज की जांच करते चिकित्सक। संवाद
गाजियाबाद। बदलते मौसम के बीच तापमान में उतार चढ़ाव से वायरल संक्रमण का असर बढ़ने लगा है। आरोग्य मेले में इलाज के लिए पहुंचा हर चौथा मरीज वायरल से ग्रसित था। आरोग्य मेलों में मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। बुखार, सर्दी खांसी, गले में खराश, शरीर में दर्द और कमजोरी के साथ सांस लेने में परेशानी की शिकायत लेकर बड़ी संख्या में मरीज स्वास्थ्य केंद्रों पर पहुंच रहे हैं।
रविवार को जिले के 66 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर आयोजित आरोग्य मेले में कुल 4160 मरीजों की जांच और उपचार किया गया। इनमें 84 मरीजों की स्थिति गंभीर मिलने पर स्वास्थ्य केंद्रों पर ही भर्ती कर उपचार शुरू किया गया। वहीं, 875 मरीजों को आवश्यक जांच और बेहतर उपचार के लिए जिला अस्पताल रेफर किया गया। मेले में 53 घायलों को एंटी रेबीज का टीका लगाया गया।
घूकना नगरीय स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ. ललित कुमार ने बताया कि मौसम बदलने पर शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता प्रभावित हो सकती है। इससे बचने के लिए साफ पानी पीना, पौष्टिक भोजन लेना और पर्याप्त नींद जरूरी है। भीड़भाड़ वाले स्थानों पर जाने से बचें और घर लौटने के बाद हाथ अच्छी तरह धोएं। खांसी या छींक आने पर मुंह और नाक को ढककर रखें। बुखार, लगातार खांसी या सांस लेने में परेशानी होने पर खुद से दवा लेने के बजाय चिकित्सक से जांच करानी चाहिए।
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रविवार को जिले के 66 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर आयोजित आरोग्य मेले में कुल 4160 मरीजों की जांच और उपचार किया गया। इनमें 84 मरीजों की स्थिति गंभीर मिलने पर स्वास्थ्य केंद्रों पर ही भर्ती कर उपचार शुरू किया गया। वहीं, 875 मरीजों को आवश्यक जांच और बेहतर उपचार के लिए जिला अस्पताल रेफर किया गया। मेले में 53 घायलों को एंटी रेबीज का टीका लगाया गया।
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घूकना नगरीय स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ. ललित कुमार ने बताया कि मौसम बदलने पर शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता प्रभावित हो सकती है। इससे बचने के लिए साफ पानी पीना, पौष्टिक भोजन लेना और पर्याप्त नींद जरूरी है। भीड़भाड़ वाले स्थानों पर जाने से बचें और घर लौटने के बाद हाथ अच्छी तरह धोएं। खांसी या छींक आने पर मुंह और नाक को ढककर रखें। बुखार, लगातार खांसी या सांस लेने में परेशानी होने पर खुद से दवा लेने के बजाय चिकित्सक से जांच करानी चाहिए।
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