{"_id":"658496f5be97d4942402ef66","slug":"even-after-the-law-was-made-triple-talaq-every-seventh-day-ghaziabad-news-c-30-gbd1015-268651-2023-12-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ghaziabad News: कानून बनने के बाद भी हर सातवें दिन तीन तलाक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ghaziabad News: कानून बनने के बाद भी हर सातवें दिन तीन तलाक
विज्ञापन
गाजियाबाद। तीन तलाक पर कानून बने पांच साल से ज्यादा हो गए, लेकिन इस तरह के मामले आना अब तक बंद नहीं हुआ है। गाजियाबाद में हर महीने चार से पांच केस आ रहे हैं। कानून बनने के बाद 257 केस दर्ज हो चुके हैं। औसत देखा जाए तो हर सप्ताह एक मुकदमा दर्ज हुआ है। यह हाल तब है जबकि पुलिस ने इस मामलों में सख्ती दिखाई है और नामजद कराए गए लोगों में से 292 को जेल भेजा है।
19 सितंबर 2018 को तीन तलाक पर कानून बन जाने के बाद पांच साल दो महीनों में आए इन 257 मामलों में से 210 जांच में एकदम सही पाए गए। पुलिस इन सभी में आरोप पत्र दाखिल कर चुकी है। ये मामले अब कोर्ट में चल रहे हैं। सिर्फ 28 केस में तीन तलाक के साक्ष्य नहीं मिल पाए। इन सभी में पुलिस ने कोर्ट में अंतिम आख्या पेश की। हाल ही में दर्ज कराए गए 19 मामलों में जांच अभी चल रही है।
252 में आधे से ज्यादा मामले ऐसे हैं जिनमें दहेज उत्पीड़न का आरोप भी लगाया गया। 10 फीसदी से ज्यादा ऐसे मामले हैं जिनमें शौहर ने बीवी को घर से निकाल दिया और फिर उसके मायके जाकर तीन तलाक दिया। सबसे ज्यादा मामले मसूरी, लोनी और खोड़ा क्षेत्र में आए हैं। तीन तलाक साबित होने पर तीन साल तक के कारावास की सजा दिए जाने का प्रावधान है।
विज्ञापन
कोट
तीन तलाक के मामलों को बहुत गंभीरता से लिया जा रहा है। इनकी जांच प्राथमिकता पर तेज गति से कराई जा रही है। लंबित मामलों में भी जल्द ही जांच पूरी कर ली जाएगी - अजय कुमार मिश्र, पुलिस आयुक्त
केस-1
तलाक देकर जान लेने का प्रयास
खोड़ा क्षेत्र की एक कॉलोनी की रहने वाली महिला को पति ने तीन तलाक बोलकर मारपीट की और फंदा लगाकर मारने का भी प्रयास किया। महिला ने पति व सास के खिलाफ खोड़ा थाने में मुकदमा दर्ज कराया। मामला अप्रैल 2023 का है।
केस-2
सगी बहनों को तलाक
इसी साल जुलाई में मसूरी क्षेत्र में दहेज में कार व 20 लाख रुपये की मांग पूरी नहीं करने पर दो सगी बहनों को उनके पति ने तीन तलाक दे दिया। उनकी शादी बुलंदशहर में एक ही परिवार में हुई थी। मामले में उन्होंने मसूरी थाने में मुकदमा दर्ज कराया।
विज्ञापन
19 सितंबर 2018 को तीन तलाक पर कानून बन जाने के बाद पांच साल दो महीनों में आए इन 257 मामलों में से 210 जांच में एकदम सही पाए गए। पुलिस इन सभी में आरोप पत्र दाखिल कर चुकी है। ये मामले अब कोर्ट में चल रहे हैं। सिर्फ 28 केस में तीन तलाक के साक्ष्य नहीं मिल पाए। इन सभी में पुलिस ने कोर्ट में अंतिम आख्या पेश की। हाल ही में दर्ज कराए गए 19 मामलों में जांच अभी चल रही है।
विज्ञापन
252 में आधे से ज्यादा मामले ऐसे हैं जिनमें दहेज उत्पीड़न का आरोप भी लगाया गया। 10 फीसदी से ज्यादा ऐसे मामले हैं जिनमें शौहर ने बीवी को घर से निकाल दिया और फिर उसके मायके जाकर तीन तलाक दिया। सबसे ज्यादा मामले मसूरी, लोनी और खोड़ा क्षेत्र में आए हैं। तीन तलाक साबित होने पर तीन साल तक के कारावास की सजा दिए जाने का प्रावधान है।
विज्ञापन
कोट
तीन तलाक के मामलों को बहुत गंभीरता से लिया जा रहा है। इनकी जांच प्राथमिकता पर तेज गति से कराई जा रही है। लंबित मामलों में भी जल्द ही जांच पूरी कर ली जाएगी - अजय कुमार मिश्र, पुलिस आयुक्त
केस-1
तलाक देकर जान लेने का प्रयास
खोड़ा क्षेत्र की एक कॉलोनी की रहने वाली महिला को पति ने तीन तलाक बोलकर मारपीट की और फंदा लगाकर मारने का भी प्रयास किया। महिला ने पति व सास के खिलाफ खोड़ा थाने में मुकदमा दर्ज कराया। मामला अप्रैल 2023 का है।
केस-2
सगी बहनों को तलाक
इसी साल जुलाई में मसूरी क्षेत्र में दहेज में कार व 20 लाख रुपये की मांग पूरी नहीं करने पर दो सगी बहनों को उनके पति ने तीन तलाक दे दिया। उनकी शादी बुलंदशहर में एक ही परिवार में हुई थी। मामले में उन्होंने मसूरी थाने में मुकदमा दर्ज कराया।