{"_id":"681661259840e4951e04cfbc","slug":"efforts-have-been-intensified-to-bring-harnandipuram-scheme-to-the-ground-ghaziabad-news-c-30-gbd1013-626516-2025-05-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ghaziabad News: हरनंदीपुरम योजना को धरातल पर उतारने के लिए तेज हुई कवायद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ghaziabad News: हरनंदीपुरम योजना को धरातल पर उतारने के लिए तेज हुई कवायद
विज्ञापन
गाजियाबाद। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को लखनऊ में आवास एवं शहरी नियोजन विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में विभागीय कार्ययोजना का आकलन करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि शहरी नियोजन, आवासीय सुरक्षा, अधोसंरचना विकास एवं डिजिटल प्रबंधन जैसे सभी घटकों को एकीकृत दृष्टिकोण से लागू करना आवश्यक है। उन्होंने विकास प्राधिकरणों में लंबित भवन मानचित्रों के प्रकरणों की समीक्षा के निर्देश दिए हैं। कहा, प्राधिकरण में मानचित्र से जुड़े मामलों में बार-बार आपत्तियां लगाया जाना अनुचित हैं, इसे सरल रूप देते हुए एक ही बार में निस्तारित किया जाना चाहिये।
उन्होंने कहा है कि ऐसे जो भी प्रकरण लंबित हैं, एक समय सीमा तय करते हुए उनका निस्तारण कर दिया जाए। इसके साथ ही, नगरों में जीआईएस बेस्ड मास्टर प्लान मई के आखिर तक अनुमोदित कराने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री शहरी विस्तार योजना के अंतर्गत परियोजनाओं को चरणबद्ध रूप से जून-दिसंबर 2025 तक शुरू करने के उच्चाधिकारियों को निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने निजी निवेश को प्रोत्साहित करने हेतु पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल आधारित परियोजनाओं को प्राथमिकता देने, प्रवासी श्रमिकों के लिए विशेष आवासीय योजनाएं संचालित करने और ग्रीन बिल्डिंग प्रमाणीकरण, सोलर रूफटॉप सिस्टम, रेनवॉटर हार्वेस्टिंग एवं अपशिष्ट प्रबंधन को अनिवार्य शहरी मानक के रूप में लागू करने के निर्देश दिए। उन्होंने यूपी आवास एप और रेरा पोर्टल को और अधिक सुगम एवं पारदर्शी बनाए जाने की आवश्यकता पर भी बल दिया।
विज्ञापन
हरनंदीपुरम टाउनशिप पकड़ेगी रफ्तार
मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद अब गाजियाबाद में दिल्ली-मेरठ रोड स्थित जीडीए की प्रस्तावित हरनंदीपुरम योजना के रफ्तार पकड़ने की उम्मीद है। योजना के तहत आठ गांवों की 501 हेक्टेयर जमीन पर हाईटेक टाउनशिप बसाने की योजना पर काम चल रहा है। पहले चरण में पांच गांवों की करीब साढ़े तीन सौ हेक्टेयर पर जमीन पर निर्माण किया जाएगा। दूसरे चरण में तीन गांवों को लिया जाएगा। इस योजना को धरातल पर उतारने के लिए करीब 2000 करोड़ की लागत आने का अनुमान लगाया गया है।
दर निर्धारण के अनुमोदन का बोर्ड बैठक में जाएगा प्रस्ताव
जीडीए वीसी ने बताया कि पिछले दिनों जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित भूमि दर निर्धारण समिति की बैठक में सर्किल रेट का चार गुना तक दर निर्धारित करने की संस्तुति की गई है। दर निर्धारण की संस्तुति के बाद अनुमोदन के लिए प्रस्ताव आगामी बोर्ड बैठक में रखा जाएगा। इसके साथ ही छह फीसदी से अधिक विकसित भूखंड देने का प्रस्ताव ले जाया जा रहा है। किसानों से वार्ता हो चुकी है। किसान छह फीसदी से ज्यादा का विकसित भूखंड चाह रहे हैं, इसे 13 मई को बोर्ड बैठक में रखा जाएगा।
अनुमोदन के बाद शुरू हो जाएगी बैनामे की प्रक्रिया
जीडीए वीसी ने बताया कि 13 मई को बोर्ड बैठक में दर निर्धारण का अनुमोदन और छह फीसदी से अधिक का विकसित भूखंड देने के प्रस्ताव पर मुहर लगने के बाद किसानों से बैनामा कराने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। पूरी उम्मीद है कि जून से जमीन खरीदने का काम शुरू हो जाएगा।
400 करोड़ रुपये की जारी हो चुकी है किस्त
हरनंदीपुरम टाउनशिप के लिए शासन की ओर से 400 करोड़ की पहली किस्त पिछले महीने जारी हो चुकी है। जिन गांवों की जमीन पर योजना बसाई जानी है उनमें नगला फिरोजपुर, मथुरापुर, शमशेर, चंपत नगर, भनेड़ा खुर्द, शाहपुर निज मोरटा, भोवापुर, मोरटा है। पहले चरण में पांच गांवों की जमीन पर ही काम शुरू होगा।
विज्ञापन
उन्होंने कहा है कि ऐसे जो भी प्रकरण लंबित हैं, एक समय सीमा तय करते हुए उनका निस्तारण कर दिया जाए। इसके साथ ही, नगरों में जीआईएस बेस्ड मास्टर प्लान मई के आखिर तक अनुमोदित कराने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री शहरी विस्तार योजना के अंतर्गत परियोजनाओं को चरणबद्ध रूप से जून-दिसंबर 2025 तक शुरू करने के उच्चाधिकारियों को निर्देश दिए।
विज्ञापन
मुख्यमंत्री ने निजी निवेश को प्रोत्साहित करने हेतु पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल आधारित परियोजनाओं को प्राथमिकता देने, प्रवासी श्रमिकों के लिए विशेष आवासीय योजनाएं संचालित करने और ग्रीन बिल्डिंग प्रमाणीकरण, सोलर रूफटॉप सिस्टम, रेनवॉटर हार्वेस्टिंग एवं अपशिष्ट प्रबंधन को अनिवार्य शहरी मानक के रूप में लागू करने के निर्देश दिए। उन्होंने यूपी आवास एप और रेरा पोर्टल को और अधिक सुगम एवं पारदर्शी बनाए जाने की आवश्यकता पर भी बल दिया।
विज्ञापन
हरनंदीपुरम टाउनशिप पकड़ेगी रफ्तार
मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद अब गाजियाबाद में दिल्ली-मेरठ रोड स्थित जीडीए की प्रस्तावित हरनंदीपुरम योजना के रफ्तार पकड़ने की उम्मीद है। योजना के तहत आठ गांवों की 501 हेक्टेयर जमीन पर हाईटेक टाउनशिप बसाने की योजना पर काम चल रहा है। पहले चरण में पांच गांवों की करीब साढ़े तीन सौ हेक्टेयर पर जमीन पर निर्माण किया जाएगा। दूसरे चरण में तीन गांवों को लिया जाएगा। इस योजना को धरातल पर उतारने के लिए करीब 2000 करोड़ की लागत आने का अनुमान लगाया गया है।
दर निर्धारण के अनुमोदन का बोर्ड बैठक में जाएगा प्रस्ताव
जीडीए वीसी ने बताया कि पिछले दिनों जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित भूमि दर निर्धारण समिति की बैठक में सर्किल रेट का चार गुना तक दर निर्धारित करने की संस्तुति की गई है। दर निर्धारण की संस्तुति के बाद अनुमोदन के लिए प्रस्ताव आगामी बोर्ड बैठक में रखा जाएगा। इसके साथ ही छह फीसदी से अधिक विकसित भूखंड देने का प्रस्ताव ले जाया जा रहा है। किसानों से वार्ता हो चुकी है। किसान छह फीसदी से ज्यादा का विकसित भूखंड चाह रहे हैं, इसे 13 मई को बोर्ड बैठक में रखा जाएगा।
अनुमोदन के बाद शुरू हो जाएगी बैनामे की प्रक्रिया
जीडीए वीसी ने बताया कि 13 मई को बोर्ड बैठक में दर निर्धारण का अनुमोदन और छह फीसदी से अधिक का विकसित भूखंड देने के प्रस्ताव पर मुहर लगने के बाद किसानों से बैनामा कराने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। पूरी उम्मीद है कि जून से जमीन खरीदने का काम शुरू हो जाएगा।
400 करोड़ रुपये की जारी हो चुकी है किस्त
हरनंदीपुरम टाउनशिप के लिए शासन की ओर से 400 करोड़ की पहली किस्त पिछले महीने जारी हो चुकी है। जिन गांवों की जमीन पर योजना बसाई जानी है उनमें नगला फिरोजपुर, मथुरापुर, शमशेर, चंपत नगर, भनेड़ा खुर्द, शाहपुर निज मोरटा, भोवापुर, मोरटा है। पहले चरण में पांच गांवों की जमीन पर ही काम शुरू होगा।